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संजू प्रधान की मॉब लिंचिंगः बाबूलाल ने सरकार से की मामले की CBI जांच की मांग

Ranchi : सिमडेगा में 4 जनवरी को ग्रामीणों के हाथों मारे गए संजू प्रधान के लिए पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने सीबीआई जांच की मांग की है. शनिवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भीड़ तंत्र के द्वारा सुनियोजित तरीके से संजू की हत्या की गयी.

मरांडी ने कहा कि घटना की जानकारी मिलने पर वे 7 जनवरी को एसटी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव सहित अन्य लोगों के साथ बेसरा जारा गांव (सिमडेगा) गये. संजू की पत्नी सपना देवी, मां, भाई और अन्य से बात की.

घटना के बारे में पता लगा कि संजू के घर के सामने एक हाट लगता है. इसमें खुलेआम गोमांस बिकता था. संजू गोहत्या और गोमांस बिक्री के विरोध में रहते थे. इस पर राज्य में बने नियमों का हवाला देते थे.

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इस पर लोग तरह तरह की धमकी देते थे. अंततः 4 जनवरी को गांव से 2 किमी की दूरी पर बंबेलकेरा में करीब 500 लोग एकत्रित हुए.

इसके बाद वे सब बेसरा जारा आए. उनके साथ ठेठईटांगर की पुलिस भी थी. संजू को पकड़ कर सभी ने पहले पीटा. फिर पुलिस के सामने लकड़ी के ढ़ेर पर रखकर जला दिया.

मरांडी ने कहा कि सरकार पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराए. मृतक के परिवार को 10 लाख मुआवजा दे. एसपी और ठेठईटांगर थानेदार को बर्खास्त करे. कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय मंत्री आशा लकड़ा, प्रदेश उपाध्यक्ष गंगोत्री कुजूर भी उपस्थित थीं.

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गहरी साजिश बताया

बाबूलाल ने कहा कि जब भीड़ संजू को मार रही थी तब सपना ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के पैर पकड़े. उन्हें हवाई फायरिंग करने को कहा था लेकिन पुलिस ने अनसुना कर दिया. उल्टे घटना के बाद तीन सादे कागज पर पुलिस ने सपना के हस्ताक्षर करा लिये.

मरांडी ने कहा कि सिमडेगा जिला मुख्यालय से महज 15 किमी दूर स्थित घटनास्थल पर डीसी और एसपी अगले दिन पहुंचे. यह बताता है कि पुलिस प्रशासन ने इस मामले में कितनी लापरवाही दिखायी. अब तक इस मामले में तीन लोगों को पकड़े जाने की खबर 7 जनवरी को सामने आयी.

हकीकत यह है कि वे इस घटना में शामिल ही नहीं थे. मुख्य साजिशकर्ता सुबन बुढ़ को तो अब तक पकड़ा ही नहीं गया है. यह सब साजिश है. षडयंत्र है. केस रफा दफा किया जा रहा है.

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