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संदेसरा बैंक फ्रॉड की आंच यूपीए तक पहुंची, जांच के घेरे में यूपीए शासन काल के अधिकारी  

बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसी संदेसरा ग्रुप की कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक की जांच के दायरे में यूपीए शासन के कई अधिकारी भी आ सकते हैं.

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 NewDelhi : बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसी संदेसरा ग्रुप की कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक की जांच के दायरे में यूपीए शासन के कई अधिकारी भी आ सकते हैं. जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या सरकारी अधिकारियों और बैंकर्स ने वडोदरा की इस कंपनी को फ्रॉड को अंजाम देने में मदद की? इस मामले के जानकार लोगों का कहना है कि आरबीआई ने 2012 में ही कंपनी को विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया था. इसके बावजूद संदेसरा ग्रुप ने विदेशों से 80 मिलियन डॉलर (लगभग 589 करोड़ रुपये) जुटाये.  इस मामले से जुड़े एक शख्स के अनुसार विलफुल डिफॉल्टर घोषित होने के बावजूद इतनी बड़ी राशि जुटाना, बिना सरकारी अधिकारियों के मिलीभगत संभव नहीं. बता दें कि स्टर्लिंग बायोटेक के मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन संदेसरा पांच हजार करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड केस में CBI और ED के लिए वॉन्टेड हैं. .  ED ने नितिन, चेतन संदेसरा और अन्य के खिलाफ पिछले साल 27 अक्टूबर को केस दर्ज किया था.  इससे पहले CBI ने भी 5000 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में केस दर्ज किया था.

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  UPA सरकार के समय 2012-14 के बीच स्टर्लिंग बायोटेक ने विभिन्न बैंकों से 5000 करोड़ के लोन हासिल किये

कांग्रेस पार्टी की अगुआई वाली UPA सरकार के समय 2012-14 के बीच स्टर्लिंग बायोटेक ने विभिन्न बैंकों से 5000 करोड़ रुपये के लोन हासिल किये, जो बाद में NPA में तब्दील हो गये.  खबरों के अनुसार एजेंसियों द्वारा इस मामले में 4700 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है. बता दें कि  ED और CBI ने कंपनी के डायरेक्टर्स नितिन और चेतन संदेसरा, राजभूषण दीक्षित और विलास जोशी, चार्टर्ड अकाउंटेंट हेमंत हाथी, आंध्रा बैंक के पूर्व डायरेक्टर अनूप गर्ग सहित कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है.

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संदेसरा परिवार ने नाइजीरिया में अपने मजबूत राजनीतिक संबंध स्थापित कर लिये हैं

संदेसरा परिवार नाइजीरिया भाग गया है, जहां इस परिवार ने क्रूड ऑइल प्रॉडक्शन में निवेश किया है. भारत की नाइजीरिया के साथ प्रत्यर्पण संधि नहीं है.  सूत्रों के अनुसार ED संदेसरा परिवार के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट (PMLA) के तहत चार्जशीट दायर करने को तैयारी में है.  एजेंसी ने इस बात के सबूत जुटा लिये हैं कि संदेसरा ग्रुप ने किस तरह भारत और विदेशों में मौजूद फर्जी कंपनियों के जरिए पैसों को इधर उधर किया.
खबरों के अनुसार एजेंसियां संदेसरा परिवार पर करीबी नजर रखे हुए है.  आशंका जताई गयी है कि उनके द्वारा बैंकों के साथ लोन निपटारे की कोशिश की जा सकती है  कहा गया है कि संदेसरा परिवार ने अफ्रीका में निवेश के जरिए नाइजीरिया में अपने मजबूत राजनीतिक संबंध स्थापित कर लिये हैं. इस वजह से उनका प्रत्यर्पण बहुत अधिक मुश्किल हो गया है

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