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समीर मंडल हत्‍याकांड: पुलिस ने विहिप नेता समेत कई लोगों को हिरासत में लिया, सीसीटीवी से मिले हैं हत्यारों के सुराग 

Dhanbad: जमीन कारोबारी समीर मंडल हत्याकांड में विश्‍व हिंदू परिषद के नेता पंकज तिवारी और काशीटांड़ के खेमनारायण सिंह के अलावा विकास कुमार सिंह, विकास कुमार, मुकेश कुमार, संजय जायसवाल और अमित समेत कई अन्‍य को पुलिस ने हिरासत में लिया है. इन सभी से सरायढेला थाने में पूछताछ की जा रही है. मंगलवार की शाम 4:15 बजे कार्मिक नगर से वीर कुंवर सिंह कॉलोनी जानेवाले रास्ते में बाइक सवार दो युवकों ने जमीन कारोबारी समीर मंडल (35 वर्ष) की गोली मार कर हत्या कर दी थी.

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समीर धनबाद में एक जमीन की रजिस्ट्री करा कर वीर कुंवर सिंह कॉलोनी स्थित निर्मलाकुंज अपार्टमेंट लौट रहे थे. इसी अपार्टमेंट में उसका फ्लैट है. अपार्टमेंट से 50 मीटर पहले बाइक सवार दो युवकों ने समीर की कार (जेएच10बीएस/7001) को रोकने का इशारा किया. समीर ने कार रोक जैसे ही शीशा खोला, बाइक सवारों ने उन पर दनादन गोलियां दाग दीं. कॉलोनी के लोगों ने चार गोलियां चलने की आवाज सुनी. आवाज सुन कर लोग मौके पर पहुंचे. तब तक युवक कार्मिक नगर के रास्ते फरार हो गये. गोली लगने पर समीर ड्राइविंग सीट की दूसरी तरफ लुढ़क गये.  समीर को नजदीक से गोली मारी गयी है. एक गोली उसके दाहिने तरफ के जबड़े और दूसरी सिर पर लगी है. इसके अलावा दाहिनी बांह पर भी गोली का निशान मिला है. नजदीक से गोली मारने के कारण शरीर से पार होकर निकल गयी. चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच में दो गोली लगने की बात कही है.

सूचना पर सरायढेला पुलिस मौके पर पहुंची. समीर की कार से ही उसे पीएमसीएच ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. वहीं पुलिस को मौके से 7.65 बोर की गोली के चार खोखे मिले हैं. ड्राइविंग सीट की बाईं तरफ एक गोली कार की बॉडी में फंसी हुई है. प्रारंभिक जांच में पुलिस हत्या का कारण जमीन विवाद बता रही है.

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भाई ने आवेदन देकर 4 पर जताया संदेह

समीर के बड़े भाई संतोष मंडल ने सरायढेला थाना में लिखित आवेदन देकर पंकज प्रसून तिवारी, खेमनारायण, मुकेश और विकास सिंह नामक चार व्यक्तियों पर हत्या किये जाने का संदेह व्यक्त किया है. घटना का कारण भी जमीन को लेकर विवाद बताया है. मुकेश पर धमकी देने का आरोप है.

 समीर ने पूर्व मुखिया से जान को बताया था खतरा

जमीन कारोबारी समीर मंडल ने नौ माह पहले अक्टूबर 2018 में कार्यपालक दंडाधिकारी मोहम्मद अजफर हसनैन के न्यायालय में आवेदन दिया था कि बरवाअड्डा के संजय जायसवाल एवं काशीटांड़ के पूर्व मुखिया खेम नारायण सिंह से उनकी जान को खतरा है. समीर मंडल के आवेदन का अध्ययन करने के बाद कार्यपालक दंडाधिकारी के न्यायालय ने उस आवेदन को जिला अभिलेखागार में रखने का आदेश दिया था. समीर मंडल ने न्यायालय को जब यह सूचना आवेदन दिया था, तब वह पाथरडीह में रहता था. सूचना आवेदन में कहा गया कि काशीटांड़ गांव में उसने 23 डिसमिल जमीन ली थी. संजय जायसवाल एवं पूर्व मुखिया खेम नारायण सिंह दबाव डाल रहे थे कि वह जमीन उन लोगों के नाम पर लिख दें. उनकी बात नहीं मानने पर दो बार जानलेवा हमला किया गया था. इस बाबत 16 मई 2018 को बरवाअड्डा थाना में उन्होंने दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी. फिर जानलेवा हमला किया गया था तो 26 अगस्त 2018 को दोबारा केस किया था. इन मुकदमों में खेम नारायण सिंह जेल गये थे. खेम नारायण सिंह के जेल जाने के बाद मुकदमा उठाने के लिए बार बार धमकी दी गयी. हत्या करने की भी बात कही गयी थी.

सीसीटीवी से कुछ सुराग मिले हैंः एसपी

धनबाद के एसपी कौशल किशोर ने कहा कि अज्ञात अपराधियों ने नजदीक से फायरिंग कर हत्या की. सीसीटीवी फुटेज से हत्यारों के बारे में कुछ सुराग मिले हैं. आरंभिक जांच में हत्या की वजह जमीन कारोबार से जुड़ा प्रतीत हो रहा है. वैसे पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है.

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