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समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान अपने बेटे और पत्नी सहित जेल भेजे गये

Lucknow :  समाजवादी पार्टी से सांसद आजम खान उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला को रामपुर के अपर जिला सत्र न्यायाधीश धीरेंद्र कुमार की अदालत ने जेल भेज दिया है. खबरों के अनुसार स्वार सीट से विधायक रहे आजम के बेटेअब्दुल्ला खान के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में 24 फरवरी को तारीख पर पेश न होने पर अदालत ने आजम खान उनकी पत्नी और रामपुर विधायक तंजीन फातिमा, बेटे अब्दुल्ला आजम खान की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था. पुलिस प्रशासन ने रामपुर में इसकी मुनादी भी कराई थी.

पिछले काफी समय से कोर्ट के बुलाने पर भी आजम खान हाजिर नहीं हो रहे थे. गैर हाजिरी के चलते कई बार कोर्ट ने आजम खान, बेटे अब्दुल्लाह आजम और पत्नी तंजीम फातमा के खिलाफ जमानती और गैर जमानती वारंट जारी किया था. अब तक सपा सांसद आजम खान पर 88 मुकदमे भी दर्ज हैं.

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बुधवार को तीनों कोर्ट के सामने पेश हुए और जमानत याचिका दायर की

बुधवार को तीनों कोर्ट के सामने पेश हुए और जमानत याचिका दायर की. अपर जिला जज धीरेंद्र कुमार ने आजम, उनकी पत्नी और बेटे की जमानत याचिका खारिज कर दी. कोर्ट ने तीनों नेताओं को दो मार्च तक जेल में रहने का आदेश दिया है. अब मामले की अगली सुनवाई दो मार्च को होगी. यह कार्रवाई आजम पर दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 4/2019 में अंतर्गत धारा 420, 468, 468 के तहत की गयी है.

आजम के खिलाफ 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद कई मुकदमे दर्ज हुए हैं. इनमें से ज्यादातर मामले भूमि अधिग्रहण के हैं. पिछली कई सुनवाई में आजम खान कोर्ट में पेश नहीं हुए थे जिसकी वजह से कोर्ट ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई है.

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अब्दुल्ला के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था

बेटे अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में 18 दिसंबर को रामपुर एडीजे की कोर्ट ने आजम खान, उनकी पत्नी तजीन फातिमा और अब्दुल्ला के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. कोर्ट ने तीनों के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 82 के तहत उद्घोषणा का नोटिस जारी किया था. अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना गंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि चुनाव में नामांकन के समय अब्दुल्ला की आयु 25 वर्ष नहीं थी. उन्होंने फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर विधानसभा का चुनाव लड़ा था. आरोप सही पाये जाने पर स्वार सीट से अब्दुल्ला खान की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गयी थी.

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