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PM मोदी का दिल जीतने वाली सलीमा के झारखंड को नसीब नहीं हो रहा खेलो इंडिया सेंटर

Ranchi.  टोक्यो ओलंपिक में इस बार भारतीय महिला हॉकी टीम ने अपने शानदार खेल प्रदर्शन ने सभी खेल प्रेमियों का दिल जीता है. ब्रॉन्ज मेडल की रेस में वह तगड़े संघर्ष में ब्रिटेन से हार गयी. बावजूद इसके उसके जज्बे की सराहना हुई. पीएम नरेंद्र मोदी ने टीम को उत्साहित किया. टीम में शामिल झारखंड की बिटिया सलीमा टेटे की विशेष चर्चा की. पर दूसरी ओर खेलो इंडिया सेंटर के लिये झारखंड तरस भी रहा है. वह भी तब जब इस बार के ओलंपिक में सलीमा सहित निक्की प्रधान और दीपिका कुमारी जैसी बेटियों ने देश का प्रतिनिधित्व किया है. अब एक बार फिर से खेल के इस एक्सिलेंस सेंटर की मांग तेज हुई है.

10 से अधिक ओलंपियन देने वाले झारखंड में मात्र 1 सेंटर

देश भर में 15 खेलों में खेलो इंडिया सेंटर अभी संचालित हो रहे हैं. झारखंड के पास फिलहाल केवल एक सेंटर आर्चरी (बिरसा मुंडा आर्चरी एकेडमी (कंपाउंड), सिल्ली, रांची) में है. अविभाजित बिहर के समय से ही दक्षिणी हिस्से (अब झारखंड) से तकरीबन एक दर्जन खिलाड़ी ओलंपिक में खेल चुके हैं. इनमें जयपाल सिंह मुंडा (1928), माईकल किंडो (1972), सिलबानुस डुंगडुंग (1980), मनोहर टोपनो (1984), अजीत लकड़ा (1992), निक्की प्रधान (2016, 2021) और सलीमा टेटे (2021) जैसे खिलाड़ी शामिल हैं. इसके अलावे दीपिका कुमारी (2012, 2016, 2021), हरभजन सिंह (बास्केट बॉल, 1980), रीना कुमारी (2004) सहित अन्य खिलाड़ी भी अपना जौहर दिखा चुके हैं. हॉकी के इतने ओलंपियन देने वाले इस राज्य में हॉकी के लिये एक भी सेंटर का नहीं होना अखर रहा है. अभी केवल 6 सेंटर देशभर में हैं जिनमें से मध्य प्रदेश के पास 2 (एम पी हॉकी एकेडमी, ग्वालियर (गर्ल्स) और भोपाल (ब्वॉयज)) हैं. पंजाब के पास 4 (चंडीगढ़, जालंधर, अमृतसर, मोहाली) हैं.

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खेलो इंडिया सेंटर का लाभ

खेल में देश को पावर हब बनाने को केंद्र की ओर से खेलो इंडिया सेंटर देशभर में खोले जा रहे हैं. इसके जरिये अगले ओलंपिक (2028 वाले) में देश को टॉप 10 कंट्री में शामिल करने पर जोर है. खेलों के इन एक्सिलेंस सेंटर के जरिये शानदार प्लेयर्स तैयार किये जाने का इरादा है. इन केंद्रों में देश भर से चुने गए युवा खिलाड़ी राज्य के प्रतिभावानों के साथ अभ्यास करेंगे. सेंटर खुलने से संबंधित राज्यों के खिलाड़ियों को काफी लाभ मिल रहा है. देशभर से चुनकर लाए गए खिलाड़ियों के साथ अभ्यास करने से उनमें प्रतिस्पर्द्धा बढ़ती है. एक ही सेंटर में अभ्यास करने के कारण उन्हें खेलो इंडिया के विशेषज्ञ कोच से सलाह मिल रही है.

केंद्र सरकार के मुताबिक अब तक 26 राज्यों (केंद्र शासित राज्य सहित) के 267 जिलों में 360 खेलो इंडिया सेंटर खोले गये हैं. इन सेंटरों को खोले जाने से लेकर अगले चार सालों (कुल 5 साल) तक हर साल 5-5 लाख रुपये दिये जाने हैं.

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खुलने हैं 1000 सेंटर

युवा और खेल मंत्रालय ने देश भर में 1,000 खेलो इंडिया केंद्रों की स्थापना करने की योजना तैयार की है. पिछले ही साल जून में इसकी घोषणा मंत्रालय ने की थी. इसके तहत देश के हर जिले में कम से कम एक केंद्र खोलने की योजना है. केंद्र ने पिछले दिनों (2 अगस्त, 2021) को सदन में घोषणा करते हुए कहा है कि 360 खेलो इंडिया केंद्रों को पहले ही अधिसूचित किया जा चुका है. खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि एथलीटों का चयन खेलो इंडिया योजना के तहत किया जा रहा है. उन्हें 6.28 लाख रुपये प्रति वर्ष की वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी.  इसमें 1.20 लाख रुपये प्रति वर्ष पॉकेट भत्ते के रूप में और 5.08 लाख रुपये कोचिंग,  खेल विज्ञान सहायता,  डाइट,  उपकरण, बीमा शुल्क आदि जैसी सुविधाओं के लिए है. 236 खेल अकादमियों को पहले से ही “राष्ट्रीय, क्षेत्रीय, राज्य खेल अकादमियों को समर्थन” के तहत मान्यता प्राप्त है.

अब तक इन राज्यों में खोले गये हैं इतने सेंटर

केंद्र की हालिया जानकारी के मुताबिक अभी झारखंड में एक ही सेंटर है. इसके अलावे यूपी में 65, महाराष्ट्र में 37, कर्नाटक में 30, अरूणाचल प्रदेश में 26, जम्मू कश्मीर में 19, मणिपुर में 16, मेघालय में 10, मध्य प्रदेश में 9, नागालैंड में 7, केरल में 6, राजस्थान में 5, उत्तराखंड और सिक्किम में 4-4, पंजाब और हरियाणा में 3-3, गोवा, लद्दाख और दिल्ली में 2-2 सेंटर खोले जा चुके हैं. इसके अलावे त्रिपुरा, तमिलनाडु, मिजोरम, ओड़िसा, आंध्र प्रदेश, दादर और नगर हवेली, दमन और दीव तथा चंडीगढ़ में 1-1 सेंटर संचालित हैं.

दिल्ली जाकर होगा अनुरोधः निदेशक

खेल निदेशक जीशान कमर के मुताबिक 6 महीने पूर्व केंद्र की ओर से खेलो इंडिया सेंटर के लिये प्रस्ताव मांगे गये थे. इसके बाद राज्य की ओर से अलग अलग जिलों में कुल 65 जगहों पर सेंटर खोलने के लिये प्रस्ताव भेजा गया था. 3-4 महीने पहले भी प्रस्ताव भेजा गया. फिर केंद्र ने इसे जरूरी सुधार के साथ मंगाया. रिवाइज करके फिर से दिया गया है. अभी तकरीबन 3 सप्ताह पहले एक प्रस्ताव दिया है. इसमें रांची में ही 2 जगहों पर मल्टी स्पोर्टस सेंटर को खेलो इंडिया सेंटर के तौर पर तैयार करने की जानकारी दी गयी है. जरूरत होगी तो दिल्ली जाकर केंद्र से बात करेंगे.

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