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सरकारी कार्यालयों व सार्वजनिक स्थलों पर धड़ल्ले से होती है तंबाकू उत्‍पादों की बिक्री

बार-बार होता है फरमान जारी, लेकिन कार्रवाई शिथिल

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Ranchi : सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने पर कार्रवाई करने का फिर एक बार फरमान जारी हुआ है. हर बार सिर्फ फरमान ही जारी होता है, असल में होता है कुछ नहीं. अधिकारियों पर ज्यादा दवाब पड़ने पर एक-दो छोटे-मोटे पर दुकानों पर कार्रवाई करते हुए कुछ जुर्माना वसूल लेते हैं और फिर स्थिति ज्यों की त्यों. राजधानी रांची का हाल ऐसा है कि तमाम सकरारी कार्यालयों से लेकर, सरकारी स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, मंदिर, बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड,  थाना समेत अन्य सभी सार्वजनिक स्थानों पर धड़ल्ले से धूम्रपान उत्पाद बेंचे जाते हैं. कभी किसी पर कोई कार्रवाई नहीं, उलटे इन्हीं पान दुकानों पर जाकर सरकारी अधिकारी, पदाधिकारी और कर्मचारी भी पान, गुटखा, खैनी का सेवन करते और सिगरेट का कश लगाते देखे जा सकते हैं.

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दो अक्तूबर को धूम्रपान मुक्त जिला घोषित होना है

जिला प्रशासन द्वारा रांची को दो अक्तूबर तक धूम्रपान मुक्त करने की घोषणा की गई है. विधि व्यवस्था के अपर समाहर्ता के अखिलेश प्रसाद सिन्हा ने बताया कि आगामी दो अक्तूबर को स्मोक फ्री कार्यक्रम का कायोजन किया जायेगा. इस दिन जिले को भी स्मोक मुक्त घोषित करने की बात सिन्हा ने कही. अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर पर छापेमारी कर पान-गुटखा विक्रेता के दुकानों को बंद कराया जायेगा. इसके लिए अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर पर छापामार दस्ते को प्रशिक्षित भी किया गया है. ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि जो 18 वर्षों झारखंड में नहीं हो सका, वह 15 दिनों में हो पाना क्या संभव है. पान विक्रेता एसो. के अनुसार सिर्फ रांची में पांच हजार से भी ज्यादा पान विक्रेता है.

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दो हफ्ते तक चलेगा कोटपा के उलंघनकर्ताओं के खिलाफ अभियान

आला अधिकारियों ने फरमान जारी करते हुए कहा है कि आगामी दो अक्टूबर को राजधानी रांची को धूम्रपान मुक्त जिला घोषित करने की बात कही गई है. इसे देखते हुए अगले दो हफ्ते तक कोटपा के उलंघनकर्ताओं के खिलाफ सघन अभियान चलाया जायेगा. इसके मद्देनजर जिला तंबाकू नियंत्रण कोषांग एवं सीड्स द्वारा छापामार दस्ते को प्रशिक्षित किया गया है.

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शिक्षण संस्थानों के 100 गज में नहीं होंगे पान विक्रेता

अपर समार्हता द्वारा शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि स्कूल-कॉलेज व शिक्षण संस्थानों के आस-पास स्थित सभी पान विक्रेतओं को हटवाने का निर्देश दिया गया है. शिक्षण संस्थानों के 100 गज में पान विक्रेताओं को नहीं रहने का फरमान जारी किया गया है. वर्तमान स्थिति ऐसी है कि एक भी सरकारी स्कूल या कॉलेज ऐसा नहीं जिसके 100 गज में पान विक्रेता नहीं है. इन पान दुकानों में ज्यादातर स्कूली और कॉलेज के विद्यार्थियों का जमावड़ा लगता है. कई बार 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को भी धूम्रपान उत्पाद करते देखा जाता है.

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क्या है कोटपा एक्ट

कोटपा (सिगरेट एंड अन्य टोबेको उत्पाद) अधिनियम 2003 की धारा 4 व 6 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों एवं धूम्रपान उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. इसके एक्ट के तहत धूम्रपान करने वाले लोगों को भी जागरुक करने का प्रावधान है. धूम्रपान विक्रेताओं का अपने दुकानों में 60 गुणा 30 सेंटीमीटर की प्रदर्शित की जाने वाली चेतावनी बोर्ड भी लगाना है. इस कानून में पान विक्रेताओं को 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को धूम्रपान सामग्री की बिक्री नहीं करने का प्रावधान है.

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