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चतरा, गिरिडीह, देवघर और हजारीबाग में नवंबर से रुका है उर्दू शिक्षकों का वेतन, अन्य जिलों में मार्च से नहीं मिला है वेतन

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  • अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने जताया विरोध
  • प्राथमिक शिक्षा निदेशक की ओर से राशि आवंटित कर दी गयी है, जिला शिक्षा अधीक्षकों के पास रुका है मामला

Ranchi: राज्य के शिक्षकों को सही समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है. उर्दू के शिक्षकों की स्थिति और भी खराब है. राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालय जो योजना मद से संचालित होते हैं. ऐसे स्कूलों के उर्दू शिक्षकों को वेतन देने के लिए प्राथमिक शिक्षा निदेशक की ओर से 20 करोड़ 67 लाख रुपये जारी किये गये. इसके बावजूद उर्दू शिक्षकों को वेतन नहीं मिल पा रहा है. यह राशि 21 जिलों के शिक्षकों को वेतन देने के लिए आवंटित की गयी थी. इस संबध में अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से कई बार अलग-अलग जिलों के डीएसई से संपर्क किया गया, लेकिन प्रक्रिया और सरकारी कार्यों का हवाला देकर शिक्षकों को उनके वेतन से दूर किया जा रहा है. अधिकांश जिलों में मार्च माह से वेतन नहीं मिला है. राज्य में योजना मद से संचालित 998 स्कूल हैं जहां उर्दू शिक्षक कार्यरत हैं.

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चार जिलों में नवंबर से रुका है वेतन

शिक्षकों से बात करने पर पता चला कि चतरा, गिरिडीह, देवघर और हजारीबाग में नवंबर 2018 से वेतन रुका है. इन शिक्षकों से बात करने पर पता चला कि इस संबध में कई बार जिला शिक्षा अधीक्षक को शिक्षकों की समस्याओं से अवगत कराया गया. लेकिन शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है. कुछ शिक्षकों ने कहा कि रमजान आ जाने से परेशानी और भी बढ़ गयी है. ऐसे में जल्द से जल्द समस्या का समाधान होना चाहिए. इन जिलों में उर्दू शिक्षकों की संख्या हजारीबाग में 81, गिरिडीह में 69, चतरा में 19 और देवघर में 20 है.

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जिला शिक्षा अधीक्षकों को करना है भुगतान

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प्राथमिक शिक्षा निदेशक की ओर से फंड जारी होने के बाद जिला शिक्षा अधीक्षकों के माध्यम से शिक्षकों को भुगतान किया जाना चाहिए. लेकिन जिला शिक्षा अधीक्षकों के सुस्त रवैये के कारण राज्य भर में लगभग एक हजार से अधिक उर्दू शिक्षकों का वेतन रुका है. इसमें रांची में शिक्षकों को राशि आवंटन करने की सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है.

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क्या समय पर मिल पायेगा वेतन

अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष बिजेंद्र चौबे, महासचिव राममूर्ति ठाकुर और प्रवक्ता नसीम अहमद ने बयान जारी कर कहा कि जिला शिक्षा अधीक्षकों की कार्यशैली से शिक्षकों में आक्रोश है. उर्दू शिक्षकों के साथ हमेशा राज्य में इसी तरह का रवैया अपनाया जाता है. इन्होंने संयुक्त रूप से कहा कि जिलों की जो स्थिति है उससे संदेह होता है कि समय पर शिक्षकों को वेतन मिल पायेगा या नहीं. क्योंकि ईद भी आनेवाला है. संघ ने सचिव और निदेशक प्राथमिक शिक्षा से अनुरोध किया है कि समय रहते उर्दू शिक्षकों का वेतन भुगतान करने की पहल करें. ताकि इन शिक्षकों को और आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े.

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