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फरवरी से रुका है पारा शिक्षकों का मानदेय, मुख्यमंत्री से मिले हो गया एक माह, अब तक नहीं हुआ भुगतान

Ranchi: पारा शिक्षकों ने मानदेय बढ़ाने को लेकर आंदोलन किया. सरकार ने इनकी मांग मानी भी. लेकिन अब इन पारा शिक्षकों को ससमय मानदेय नहीं मिल पा रहा है. फरवरी से इन शिक्षकों का मानदेय रुका हुआ है. जबकि इस संबंध में पारा शिक्षकों ने कई बार शिक्षा परियोजना समेत मुख्यमंत्री से मुलाकात की. हर स्तर से इन शिक्षकों को सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है. एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के सदस्यों ने संबंध में आठ अप्रैल को मुख्यमंत्री से मुलाकात की. इसके बाद भी इन शिक्षकों के मानदेय का भुगतान नहीं किया गया. राज्य में पारा शिक्षकों की संख्या 67,000 है.

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दस से पंद्रह हजार है पारा शिक्षकों का मानदेय

लंबे आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने पारा शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि की. जो 2200 रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक है. जबकि वर्तमान में पारा शिक्षकों को दस से पंद्रह हजार मानदेय दिया जा रहा है. एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के संयोजक संजय दुबे ने कहा कि पारा शिक्षक सुदूर क्षेत्रों में रह कर बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं. जबकि सरकारी शिक्षकों को अच्छा वेतन दिया जाता है, जिसके सामने पारा शिक्षकों का वेतन कुछ भी नहीं है. ऐसे में पारा शिक्षकों को वेतन नहीं देना सरकार का पारा शिक्षकों के प्रति गैर जिम्मेदाराना नजरिये को दिखाता है.

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फिर से आंदोलन कर सकते हैं पारा शिक्षक

मानदेय रुकने के को लेकर पारा शिक्षकों में आक्रोश है. अगर सरकार पारा शिक्षकों के मानदेय का भुगतान जल्द से जल्द नहीं करती है तो पारा शिक्षकों की ओर से फिर से आंदोलन की रणनीति तैयार की जायेगी. संजय दुबे ने कहा कि यदि पारा शिक्षक फिर से आंदोलन करते हैं तो इसकी जिम्मेवारी राज्य परियोजना की होगी. वहीं उन्होंने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, प्रधान सचिव, राज्य परियोजना निदेशक से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द पारा शिक्षकों के रुके मानदेय भुगतान कर दें.

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