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SAIL के कारखाने बिकेंगे नहीं, लेकिन निजीकरण और ज्वाइंट वेंचर के दरवाजे खुले हैं: इस्पात मंत्री

स्टील मंत्रालय पूर्वी भारत के चार राज्यों बिहार, ओडिशा, बंगाल और झारखंड मे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अग्रसर है. इन राज्यों के केंद्र में स्थित बोकारो में सबसे अधिक प्रोजेक्ट्स लगेंगे.

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DK

Bokaro: केंद्रीय इस्पात मंत्री, धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) में निवेश बढ़ाने के लिए निजीकरण या ज्वाइंट वेंचर के विकल्प खुले हैं.

सरकार की प्राथमिक फोकस स्टील उत्पादन को बढ़ाना है. बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) का दौरा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने ये बातें कहीं.

इस्पात मंत्री ने कहा, ‘स्टील ऑथोरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) पर 46,000 करोड़ का कर्ज है. अगर कोई भी निजी कंपनी नवीनतम तकनीक, पूंजी और अन्य संसाधनों के साथ आती है, तो आपको क्या लगता है कि हमें इसके लिए खुला नहीं रहना चाहिए? पीएसयू के संसाधनों में क्षमता वृद्धि के लिए यह जरूरी है.’

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‘SAIL के कारखाने बिकेंगे नहीं’

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि पीएसीयू को बेचने की कहीं कोई बात नहीं है. लेकिन वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने के लिए प्राइवेटाइजेशन या ज्वाइंट वेंचर के लिए विकल्प खुले हैं.

प्रधान ने इस्पात उत्पादन बढ़ाने के लिए कहा, कि वे पूर्वी भारत के चार राज्यों बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बुनियादी ढांचे के साथ-साथ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देंगे.
इसके लिए ओडिशा अपने समुद्री तटों और झारखंड अपने खनिज और खानों का इस्तेमाल कर देश की क्षमता निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. इन दोनों राज्यों में स्टील हब, उद्योग और क्लस्टर लगाये जाएंगे. बोकारो जो चार राज्यों के केंद्र में स्थित है, बहुत लाभान्वित होगा. उन्होंने कहा कि बोकारो में स्टील क्लस्टर का निर्माण किया जायेगा.

स्टील प्रोडक्शन बढ़ाने पर सरकार का ध्यान

इस्पात मंत्री ने बताया कि सरकार की वर्तमान इस्पात नीति देश में बुनियादी इस्पात की खपत बढ़ाने की ओर केंद्रित है. वर्तमान में 140 MTPA स्टील प्रोडक्शन पूरे देश में होता है.

हम वर्ष 2030 तक इसे 300 MTPA तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए वर्ष 2030 तक स्टील के 160 MTPA अधिक उत्पादन की आवश्यकता है.

जिसे प्राप्त करने के लिए सरकार स्टील इकाइयों के आधुनिकीकरण के लिए गंभीर है. धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि झारखंड और ओडिशा आनेवाले वर्षों में देश को निर्धारित लक्ष्य के 60 एमटीपीए स्टील का योगदान देने में सक्षम होंगे, जिसके लिए दोनों राज्यों में निवेश किया जा रहा है.

प्रधान ने कहा कि “उपरोक्त चार राज्यों में औद्योगीकरण के लिए पर्याप्त मैनपावर है. अन्य राज्यों में श्रमिक इन चार राज्यों से काम के लिए जाते हैं. हम इन राज्यों में उद्यम स्थापित करने पर काम कर रहे हैं, जो इन श्रमिकों के लिए स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा करेगा.

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इसके लिए सड़क, रेलवे, विमानन, उर्वरक इकाइयों और अन्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है. भौगोलिक रूप से बोकारो इन चार राज्यों के केंद्र में स्थित है. इसलिए हमारा ध्यान यहां औद्योगीकरण को बढ़ावा देना है”.

बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) का दौरा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने सीईओ, पवन कुमार सिंह और अन्य अधिकारियों से स्टील उत्पादन बढ़ाने के अलावा मूल्य संवर्धन पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है.

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