न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

12 में से 7 नाव लेकर फरार हुए नाविक, पुलिस कह रही गंगा में बह गयी

195

Nirbhay Ojha

Sahibganj: ‘न्यूज़ विंग’ ने प्रमुखता से 13 अक्‍टूबर को अवैध खनन व गंगा के रास्ते पत्थर से बनी गिट्टी को बिहार भेजने सम्बंधित खबर प्रकाशित की थी. जिस पर जिला खनन टास्क फोर्स ने 14 अक्‍टूबर को संज्ञान लेते हुऐ संकरी गली के समदा पंचायत के सीताचौकी में छापामारी कर 12 पत्थर से लदे नाव,  पांच नाविक व 50,000 cft गिट्टी बारामद किया था. गिरफ्तार सभी नाविकों पर प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज दिया गया था. जब्त नाव की निगरानी के लिए जीरवाबाडी थाना को सुपुर्द कर दिया गया व नाव की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात की गयी. प्रशासनिक कार्रवाई हुए अभी दस दिन भी नहीं हुए थे कि जब्त 12 नावों में से 7 नावों को नाविक लेकर भाग गये. इस मामले में अब पुलिस कह रही है कि रात को गंगा नदी के बहाव में एक-एक करके नाव बह गयी.

इसे भी पढ़ें – अब पाकुड़ की जनता कह रही कैसे डीसी के संरक्षण में हो रहा है अवैध खनन, सवालों पर डीसी चुप

कैसे चल रहा है अवैध खनन व तस्‍करी का कारोबार

अब सवाल यह उठता है कि जब पुलिस बल नाव की सुरक्षा के लिए तैनात किये गये थे तो कोई नाव लेकर कैसे भाग गया? सोतीचोकी गांव के एक ग्रामीण ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि‍ प्रशासन ग्रामीणों मांग पर कारवाई तो करती है. नाव जब्त करती है, पत्थर जब्त करती है, प्राथमिकी दर्ज करती है. जेल भेजती है और धीरे-धीरे जब्त नावों को भगा देती है. जब्त पत्थर भी धीरे-धीरे गायब हो जाते हैं. जो एक प्रशासनिक चूक दर्शाता है. साथ ही इन्होंने जानकारी देते हुऐ बताया कि प्रशासन सीताचौकी के गंगा घाट पर कारवाई की जो प्रशंसनीय है. लेकिन सीताचौकी जहां टास्क फोर्स की टीम ने कार्रवाई की. वहां से मात्र 50 मीटर की दूरी पर मदनशाही गांव के खनन माफियाओं के करीब 50000 cft पत्थर से बने गिट्टी रखा हुआ था. पर प्रशासन ने उसे जब्त करना मुनासिब नहीं समझा क्योंकि मदनशाही गांव के खनन माफिया ऊपर से लेकर नीचे तक मैनेज कर के रखते हैं. आज की तारीख में भी वहां पर खनन माफियों के करीब 50000 cft माल रखा हुआ है. लेकिन, कई बार टास्क फोर्स की टीम को फोन पर सूचना दी कि गंगा किनारे माल डम्प किया गया है. लेकिन, प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की. जिससे खनन माफियाओं का दिन प्रति दिन मनोबल बढ़ता जा रहा है. साथ ही ग्रमीणों ने बताया की प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अभी फिलहाल गंगा के रास्ते नाव से पत्थर ढुलाई का कार्य बंद है. लेकिन, पत्थर माफियाओं का लाखों का अवैध डम्प किया हुआ पत्थर गंगा घाट पर मौजूद है. उसे भी प्रशासन जब्त करें व जो जब्त  सात नावों को नाविक लेकर भागे हैं. उसे फिर पकड़े व उसपर कड़ी कानूनी कारवाई करें.

इसे भी पढ़ेंःCBI विवाद पर ‘सुप्रीम’ सुनवाई: दो हफ्ते में जांच पूरी करे सीवीसी, SC करेगी निगरानी

क्‍या बचे नावों की सुरक्षा कर पायेगी पुलिस

आपको ज्ञात हो की इससे पहले भी प्रशासन ने 30 नावों को जब्त किया था. लेकिन, सभी नाव नाविक लेकर फरार हो गये थे. और इस बार भी यही हुआ कि जब्त 12 नाव में से 7 नाव दस दिन के अंदर फरार हो गये. बाकी के बचे पांच नाव भी दो चार दिन में फरार हो सकते हैं. आखिर जिन बलों की ड्यूटी नाव की सुरक्षा में लगी है, वह क्या कर रहे हैं. जब नाविक नाव लेकर भाग जा रहे हैं. ऐसी स्थि‍ति‍ को देखकर हम कह सकते हैं कि‍ खनन माफिया पुलिस को खुली चुनौती दे रहे हैं.

palamu_12

इसे भी पढ़ेंःराज्य प्रशासनिक सेवा के 420 पोस्ट खाली, 25 अफसरों पर गंभीर आरोप, 07 सस्पेंड, 06 पर डिपार्टमेंटल प्रोसिडिंग, 05 पर दंड अधिरोपण

क्या कहते हैं खनन पदाधिकारी

जब हमने जिला खनन पदाधिकारी विभूति कुमार से जब्त नाव के फरार होने के सम्बंध में सवाल किया तो हमें जानकरी देते हुए उन्‍होंने बताया कि टास्क फोर्स ने कार्रवाई के बाद जब्त नाव व स्टोन चिप्स पुलिस को सुपुर्द कर दिया था. सुरक्षा व निगरानी की जिम्मेवारी पुलिस की है. साथ ही इन्होंने अवैध तरीके से गंगा किनारे डम्प किये गये स्टोन चिप्स के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि हमें जानकारी मिली कि करीब 40000 cft स्टोन चिप्स पत्थर माफियाओं ने रखा है. जिसने माल डम्प किया है उसके सरगना का नाम पता चल चुका है. प्रशासन अभी अवैध क्रेशर के खिलाफ अभियान चला रहा है. उसमें पूरा महकमा व्यस्त है. बस उससे निपटते हैं. गंगा किनारे पड़ा सभी स्टोन चिप्स जब्त किया जायेगा. घाट पर तैनात पुलिस बल को वहां डम्प किये गये माल की निगरानी करने को कहा गया है.

इसे भी पढ़ेंःJPSC: एक पेपर जांचने के लिए चाहिए 60 से अधिक टीचर, मेंस एग्जाम की कॉपी चेक करना बड़ी चुनौती

क्या कहते हैं थाना प्रभारी

जब्त नाव के विषय में सवाल का जवाब देते हुए जीरवाबाड़ी थाना प्रभारी रामानुज वर्मा ने बताया कि नदी में बहाव होने की वजह से हर रात एक नाव नदी के बहाव के कारण बह गयी. साथ ही इन्होंने कहा कि फरार सभी नाव के मालिकों पर प्राथमिकी दर्ज करेगी उन्हें गिरफ्तार करेगी जेल भेजेगी.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

%d bloggers like this: