Jharkhandlok sabha election 2019Ranchi

पार्टी के प्रति समर्पित है साहू परिवार, बीजेपी उम्मीदवार को मिलेगी करारी शिकस्त : डॉ अजय कुमार

Ranchi : वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गोपाल साहू को हजारीबाग संसदीय सीट से उम्मीदवार बनाये जाने पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने खुशी जतायी है. उन्होंने कहा है कि 110 सालों से पार्टी में रहकर सेवा करने वाले साहू परिवार ने हमेशा पार्टी का साथ दिया है. आज तक इस परिवार के सदस्यों ने पार्टी छोड़ दूसरी पार्टी का दामन नहीं थामा. रांची लोकसभा से उम्मीदवार सुबोधकांत सहाय के नामांकन पर मंगलवार को रांची समाहरणलाय पहुंचे डॉ अजय कुमार ने यह बातें कही.

काफी देरी से हजारीबाग से उम्मीदवार के घोषणा के बाद गोपाल साहू की तैयारी और चुनावी तालमेल के सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि, तालमेल बैठने से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि संगठन की क्षमता को कैसे धरातल पर उतारा जाये. इसके लिए वे बुधवार को हजारीबाग के दौरे पर रहेंगे. हालांकि मजाकिया लहजे में उन्होंने यह जरूर कहा कि ऐसा नहीं है कि, उनके जाने से वहां पर कोई विशेष सुधार होगा. लेकिन यह जरूर आश्वश्त किया कि परिणाम पार्टी हित में रहेगा.

advt

इसे भी पढ़ें रांची लोकसभा सीटः संजय सेठ, सुबोधकांत और रामटहल ने भरा नामांकन

बेहतर रणनीति से लड़े, जयंत सिन्हा को मिलेगी शिकस्त

रांची के एक प्रतिष्ठित परिवार से आने वाले गोपाल साहू का न केवल व्यवसायी वर्ग बल्कि आमजनो से बेहतर संबंध बनाये हैं. इतने संभ्रात और विदेश में शिक्षा लेने वाले गोपाल साहू आज भी जमीन से जुड़े आदमी हैं. अपने वक्तव्य में डॉ अजय कुमार ने यह भी बता दिया कि हजारीबाग उम्मीदवार गोपाल साहू अगर बेहतर रणनीति से लड़ाई लड़ते हैं, तो बीजेपी उम्मीदवार जयंत सिन्हा को हराने में कोई मुश्किल नहीं होगी.

इसे भी पढ़ें कोडरमा से अन्नपूर्णा ने भरा पर्चा, कहा-चुनावी मैदान में नहीं है संघर्ष की चिंता 

कीर्ति आजाद का विरोध करने वाले भाड़े के लोग

धनबाद से कीर्ति आजाद के उम्मीदवारी पर हो रहे विरोध और वहां उठ रहे उनके नेतृत्व क्षमता के सवाल के जवाब पर डॉ अजय ने कहा कि वे सभी भाड़े के लोग हैं. इन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है. देखना चाहिए कि धनबाद के हजारों लोगों ने कीर्ति आजाद के उम्मीदवार बनाये जाने पर स्वागत किया.

adv

पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं का उन्हें पूरा समर्थन प्राप्त है. जहां तक विरोध की बात है, तो इसका समाधान का काम चौकीदार का होता है, लेकिन वह चौकीदार ईमानदार होना चाहिए. लेकिन अगर चौकीदार चोर है, तो इसी तरह वह भी काला झंडा दिखाकर विरोध प्रदर्शन करेगा.

इसे भी पढ़ें चुनावी समर में नेताओं की बद्जुबानी लोकतंत्र के लिए खतरनाक

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button