Crime NewsJharkhandSahibganj

साहेबगंज : अपहृत व्यवसायी की हत्या के पीछे नेशनल संताल लिबरेशन आर्मी का हाथ होने का शक, जांच जारी  

Sahebganj: जिले के बोरियो थाना रोड से अपहृत अनाज व्यवसायी अरूण कुमार साह की हत्या कर दी गयी. व्यवसायी का अपहरण के बाद हत्या के पीछे नेशनल संताल लिबरेशन आर्मी के हाथ होने की आशंका जताई जा रही है. बताया जा रहा है की लंबे समय के बाद एक बार फिर से साहेबगंज और पाकुड़ जिले में नेशनल संताल लिबरेशन आर्मी ने अपनी सक्रियता बढ़ा रही है.

जानकारी के मुताबिक, साहेबगंज जिले के बोरियो, बरहेट और रांगा थाना क्षेत्र और पाकुड़ जिले लिट्टीपाड़ा,अमरापाड़ा और हिरणपुर  थाना क्षेत्र में नेशनल संताल लिबरेशन आर्मी अपनी सक्रियता बढ़ा रही है.

इसे भी पढ़ें – बिहार NDA में खटास? कार्यकर्ताओं से बोले Chirag Paswan – करें तैयारी,जरूरत हुई तो अकेले लड़ेंगे चुनाव

 

पाकुड़ के तत्कालीन एसपी ने गिरोह का लगाया था पता

पाकुड़ के तत्कालीन एसपी शैलेंद्र वर्णवाल ने नेशनल संताल लिबरेशन आर्मी गिरोह का पता लगा किया था. उन्होंने इस गिरोह में शामिल लोगों पर कारवाई भी शुरू की थी. लेकिन इसी दौरान शैलेंद्र  वर्णवाल का तबादला हो गया.

बीते 7 जून को बोरियो थाना की पुलिस ने तीन अपराधियों को हथियार के साथ गिरफ्तार किया था. इन तीनों अपराधियों में शामिल एक अपराधी का संबंध नेशनल संथाल लिबरेशन आर्मी से था. और उसने इस बात को स्वीकार भी किया था.

साहेबगंज में बनाया है ठिकाना

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नेशनल संथाल लिबरेशन आर्मी की सबसे अधिक गतिविधियां झारखंड के साहेबगंज में देखी गयी हैं. साहेबगंज में रांगा इलाके के सैकड़ों लोग असम में मजदूरी करते हैं. लॉकडाउन में घर लौटे प्रवासी मजदूरों की गतिविधियां संदिग्ध हैं. क्योंकि इन प्रवासियों का संबंध इस संगठन से बताया जा रहा है.

सूत्रों के मुताबिक, असम के पांच उग्रवादी संगठन आदिवासी पीपल्स आर्मी, आदिवासी कोबरा मिलिटेंट्स ऑफ असम, बिरसा कमांडो फोर्स, संथाली टाइगर फोर्स और आदिवासी नेशनल लिबरेशन आर्मी के लोगों ने मिलकर नेशनल संथाल लिबरेशन आर्मी बनायी है. इस संगठन का उद्देश्य अब संथाल परगना में अलगाववाद पैदा करना है.

अपहृत व्यवसायी की हत्या गोली मारकर हत्या कर दी  

बता दें कि बोरियो थाना रोड से अपहृत अनाज व्यवसायी अरूण कुमार साह की हत्या कर दी गयी है. अरुण कुमार का शव रविवार की सुबह बोरियो थाना क्षेत्र की तेलो पंचायत में खुले मैदान में पड़ा मिला. अरुण की आंख पर पट्टी बंधी हुई थी.

गौरतलब है कि बीते 20 जून को अपराधियों ने अरुण कुमार साह का अपहरण कर लिया था. जिसके बाद 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी गयी थी. फिरौती नहीं मिलने और पुलिस का दबाव बढ़ने के बाद अपराधियों ने अरुण कुमार साह की गोली मारकर हत्या कर दी.

इसे भी पढ़ें –राहुल गांधी को शाह की चुनौती, सीमा विवाद पर 1962 से आज तक हो जाए दो-दो हाथ

Telegram
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button
Close