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SAGY: देश की टॉप 5 पंचायतों में शुमार हुई हजारीबाग की जरबा पंचायत, निचले पायदान पर पलामू की दाली

Ranchi : जनप्रतिनिधियों (सांसद) के जरिये गांव की सूरत बदलने की कवायद अक्टूबर 2014 से शुरू की गयी थी. पीएम नरेंद्र मोदी की पहल पर देश में 11 अक्टूबर 2014 को सांसद आदर्श ग्राम योजना (SAGY) लांच की गयी थी. इसके जरिये सांसदों (लोकसभा, राज्यसभा) से उम्मीद की गयी कि वे मार्च 2019 तक हर साल एक गांव को गोद लेकर वहां सर्वांगीण विकास के नये आयाम लिखेंगे. अब 2024 तक इसके लिए लक्ष्य तय किया गया है. 12 पारामीटर और 100 अंक तय किये गये हैं जिसके आधार पर पंचायतों की रैंकिंग तय होती है.

रैंकिग के आधार पर देश की जो टॉप 5 पंचायतें हैं, उनमें झारखंड की जरबा पंचायत (हजारीबाग) भी शामिल है. पर इसके साथ ही पांच फिसड्डी पंचायतों की लिस्ट में भी झारखंड की एक पंचायत दाली (छतरपुर,पलामू) शामिल है.

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2500 से अधिक पंचायतों की बदलेगी तस्वीर

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2014-19 के बीच देशभर में 1510 ग्राम पंचायतों को सांसद आदर्श ग्राम योजना के लिए चुना गया था. इसके बाद 2019-24 के लिए 1047 पंचायतों को चयनित किया गया है. इस तरह से 2500 से अधिक पंचायतों को सांसद आदर्श ग्राम योजना के जरिये संवारने का प्रयास जारी है. इस लिस्ट में झारखंड की भी पंचायतें शामिल हैं. सांसद आदर्श ग्राम के तहत अब तक चयनित जिन पंचायतों में काम जारी है, उनकी रैंकिंग ग्रामीण विकास मंत्रालय ने तय की है.

वेबसाइट (www.saanjhi.gov.in) पर रैंकिंग के आधार पर देश भर के अलग-अलग राज्यों की 235 पंचायतों की जानकारी दी गयी है. इसमें झारखंड की दो दर्जन से अधिक पंचायतें भी शामिल हैं.

टॉप पांच पंचायतों में झारखंड के हजारीबाग की जरबा पंचायत (चूरचू प्रखंड) भी है. ओड़िशा के नयागढ़ जिले के गनिया ब्लॉक की रसंगा पंचायत पहली पोजिशन पर है. उसे 88.89 स्कोर मिला है. दूसरे स्थान पर केरल के मलप्पुरम जिले के पूनामी ब्लॉक की वेलियानकोड पंचायत है. इसे 87.64 अंक दिया गया है.

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इसके बाद झारखंड की जबरा पंचायत है जिसे 86.34 अंक मिले हैं. चौथे और पांचवें पर भी केरल के मलप्पुरम जिले की ही किजुपरम्बा (एरनाड ब्लॉक) और अमारम्बलम (नीलंबुर ब्लॉक) को जगह मिली है.

फिसड्डी 5 पंचायतों की सूची में भी झारखंड की एक पंचायत है. पलामू के छतरपुर ब्लॉक की दाली पंचायत इस लिस्ट में है जिसे 15 अंक ही मिले हैं.

इसके अलावा महाराष्ट्र में देवगांव पंचायत (औरंगाबाद, कन्नाड ब्लॉक), यूपी का शिवराज पुर (मिर्जापुर, चुनार ब्लॉक) और उंचडीह (सिद्धार्थ नगर, इटवा ब्लॉक) और आंध्र प्रदेश की नसनकोटा पंचायत (अनंतपुर, रमागिरी ब्लॉक) शामिल हैं. सभी पंचायतों को केवल 15 अंक मिले हैं और सभी SAGY की लिस्ट में पिछड़ी पंचायतों में से हैं.

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झारखंड की किस पंचायत को कौन सा स्थान

खूंटी की तिलमा पंचायत (खूंटी प्रखंड) को 21वां स्थान मिला है. हजारीबाग के केरेडारी प्रखंड की पेटो पंचायत को 26वां, गोड्डा के पत्थरगामा ब्लॉक की बोहा पंचायत को 30वां, हजारीबाग के इचाक प्रखंड की परासी को 31वां, रांची के अनगड़ा ब्लॉक की बरवादाग को 38वां, रांची के ही बुढ़मू ब्लॉक की ओझासरम को 51वां पोजिशन दिया गया है.

गुरीडीह (रांची, अनगड़ा) को 65वां, हरहद (हजारीबाग) को 73वां, बिशुनपुर (गुमला, बिशुनपुर) को 75वां, पालकोट उत्तरी (पालकोट, गुमला) को 90वां, बेड़ोकला (बरकट्ठा, हजारीबाग) को 99वां, मतिहाना (बहरागोड़ा, पूर्वी सिंहभूम) को 116वां, बिमरला (घाघरा, गुमला) को 126वां, रामपुर (मझिआंव, गढ़वा) को 131वां, सिदबांक (पोड़ैयाहाट,गोड्डा), कामता (चंदवा, लातेहार) को 154वां, नवागढ़ (लातेहार) को 160वां, जयनगर (पतरातू, रामगढ़) को 177वां स्थान दिया गया है.

दाली (छतरपुर, पलामू) को 198वां, घांसीदाग (बिश्रामपुर, पलामू) और महापुर (देवघर), सिलाफारी (गुमला), हेथमा (कुरडेग, सिमडेगा) और जायडीह ए (ओरमांझी, रांची) को भी 198वें पोजिशन पर रखा गया है.

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किन-किन पारामीटर पर रैंकिंग

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने रैंकिंग के लिए 12 पारामीटर सेट किये हैं. इनमें ग्राम पंचायतों में पर्यावरण अनुकूल माहौल बनाना, बेसलाइन सर्वे तैयार करना और इसे सांझी पोर्टल पर अपलोड करना, वीडीपी (ग्राम विकास योजना) के लिए वर्किंग ग्रुप तैयार करना, वीडीपी तैयार करने में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी, वीडीपी और इसके प्रोग्रेस, चरणवार पूरा होते काम का प्रतिशत और अन्य निर्धारित जानकारियों को अपलोड किया जाना जैसे पारामीटर निर्धारित हैं. हर काम के लिए 5 से 15 अंक तक (कुल 100) तय हैं.

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