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NEWS WING IMPACT :  भूख से मरी संतोषी की मां कोईली को मिला उज्ज्वला योजना का लाभ

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Ranchi:  कोईली देवी को सरकारी योजनाओं का लाभ अब मिलना शुरू हो गया. न्यूज विंग ने 17 मई को भूख से मरे संतोषी की मां कोईली देवी के बारे में खबर प्रकाशित की गयी थी. खबर का शीर्षक- 19 माह पहले भूख से तड़प कर मर गयी संतोषी, उसकी मां कोईली देवी को अब तक नहीं मिला सरकारी योजनाओं का लाभ, था.

इस खबर के प्रकाशित होने के बाद जलडेगा प्रखंड विकास पदाधिकारी ने पूरे मामले को संजीदगी से लिया और निर्धन और गरीब परिवार को सकारी योजना से जोड़ने की पहल की.

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प्रखंड विकास पदाधिकारी की पहल काफी रंग लायी. कोईली देवी को जहां इदिरा आवास मिला था उस स्थल का मुआयना कर बकरी शेड का निमार्ण दो हफ्ते में पूरा करने की बात कही गयी थी.

बकरी शेड का निर्माण खबर प्रकाशित होने के तीन दिन बाद ही कर लिया गया. बस शेड का पलस्टर बचा हुआ है. वह भी दो तीन दिन में पूरा करने की बात प्रखंड विकास पदाधिकारी जलडेगा कर रहे हैं. कोईली देवी को उज्ज्वला योजना का लाभ भी मिला.

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प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कोईली देवी के बकरी शेड का मुआयना किया

खबर प्रकाशित होने के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी जलडेगा संजय कुमार बकरी शेड निर्माण स्थल पर गये. उन्होंने न्यूज विंग को बताया कि जहां बकरी शेड का निर्माण हो रहा है उसी के पास कोईली देवी का इंदिरा आवास भी है. लेकिन अब उसमें वह नही रहती है. कोईली देवी और रघु नायक का इंदिरा आवास बना हुआ है लेकिन उसकी छत नहीं है. वहीं कोईली का जेठ पति नयाक ने अपने इंदिरा आवास की ईंट को बेच दिया है.

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सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में क्यों होत है देरी

प्रखंड विकास पदाधिकारी जलडेगा की पहल पर कोईली देवी का बकरी शेड पूरा किया जा रहा है. वहीं उज्ज्वला  योजना से भी परिवार को जोड़ा गया. अब सवाल उठता है की पूरा सिस्टम जो एक परिवार भुखमरी का शिकार हुआ उसे रोजगार, शिक्षा और आवास जैसी सुविधा उपलब्ध सरकार को करानी चहिए, उसमें कोताही क्यों बरती जाती है. सरकार द्वारा चल रही योजना जिसमें आय वृद्धि योजना भी शामिल है, जैसी योजना को मिलने में पीड़ित परिवार को वर्षों क्यों लग जाते हैं. कोईली देवी की बेटी स्कूल नहीं जाती है क्योंकि वह अपने से छोटे भाई की परवरिश करती है.

जब मां कोईली देवी मजदूरी के लिए जाती है तो उसकी देखभाल के लिए उसे घर पर रहना होता है. ऐसे में एक आठ वर्षीय बच्ची स्कूल से दूर है. उसे कब और कैसे स्कूल पहुंचाया जाए यह जिला प्रशासन के समक्ष बड़ी चुनौती है. इन हालात से गरीबों की आर्थिक अवस्था उन्नत करने की सरकार की योजना फेल होती दिखती है.

 

अगर सरकारी अधिकारी संजीदगी दिखाएं तो गांव में बड़ा बदलाव आ सकता है. जैसा कि खबर प्रकाशित होने के बाद जलडेगा प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार ने किया. अब प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार के समक्ष यह चुनौती है कि कोईली देवी को रोजगार के साधन सृजित कर परिवार को आर्थिक रूप से सक्षम बनाया जाये.

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