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शहीद हेमंत करकरे को लेकर साध्वी का विवादित बयान, कहा- उन्हें कर्मों की मिली सजा

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Bhopal: साध्वी प्रज्ञा को जब से बीजेपी ने भोपाल से प्रत्याशी बनाया है, एक के बाद एक विवाद सुर्खियों में है. पहले साध्वी प्रज्ञा की उम्मीदवारी को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है. अब एक विवादित बयान को लेकर मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी प्रज्ञा चर्चा में है.

भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने मुंबई हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे को लेकर विवादित बयान दिया है.

पहली बार मीडिया के सामने आयी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि उन्होंने मुझे गलत तरीके से फंसाया, मैंने उन्हें बताया था कि तुम्हारा पूरा वंश खत्म हो जाएगा, वो अपने कर्मों की वजह से मरे हैं.

साध्वी प्रज्ञा ने आरोप लगाया कि हेमंत करकरे ने उनके साथ काफी गलत तरीके से व्यवहार किया और गलत तरीके से फंसाया था.

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क्या कहा साध्वी प्रज्ञा ने

एक सभा में भाजपा प्रत्याशी और मालेगांव धमाके में आरोपी साध्वी प्रज्ञा ने कहा, ‘’वो जांच अधिकारी सुरक्षा आयोग का सदस्य था, उन्होंने हेमंत करकरे को बुलाया और कहा कि साध्वी को छोड़ दो. लेकिन हेमंत करकरे ने कहा कि मैं कुछ भी करूंगा लेकिन सबूत लाऊंगा और साध्वी को नहीं छोड़ूंगा.’’
आगे साध्वी प्रज्ञा ने कहा, ‘’ये उसकी कुटिलता था ये देशद्रोह या धर्मविरुद्ध था, वो मुझसे पूछता था कि क्या मुझे सच के लिए भगवान के पास जाना होगा, तो मैंने कहा था कि आपको जरूरत है तो जाइए’’.
अपने विवादित बयान में साध्वी ने कहा, ‘’मैंने उसे कहा था तेरा सर्वनाश होगा, उसने मुझे गालियां दी थीं. जिसदिन मैं गई तो उसके यहां सूतक लगा था और जब उसे आतंकियों ने मारा तो सूतक खत्म हुआ.’’

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पूर्व एटीएस चीफ हेमंत करकरे

बता दें कि 26/11 आतंकी हमले में हेमंत करकरे शहीद हुए थे. वो आतंकवादियों की गोलियों का शिकार हुए थे. इसके अलावा जिस केस में साध्वी प्रज्ञा आरोपी थीं, उस मालेगांव सीरियल ब्लास्ट की जांच इनके पास ही थी. हालांकि, उनकी चार्जशीट पर कई तरह के सवाल खड़े हुए थे.

26/11 आतंकी हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे उस वक्त एटीएस प्रमुख थे. 1982 में वो आईपीएस अधिकारी बने, महाराष्ट्र के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर के बाद इनको एटीएस चीफ बनाया गया था.

26 नवंबर 2009 में इस शहीद की शहादत को सलाम करते हुए भारत सरकार ने मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया था.

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