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विधायक मनीष जायसवाल ने सदन में उठायी मांग, रांची के तर्ज़ पर हजारीबाग में वेंडर मार्केट बने

Ranchi :  हजारीबाग सदर विधायक मनीष जायसवाल ने बुधवार को नगर विकास एवं आवास विभाग से संबंधित दो ज्वलंत समस्याओं पर विधानसभा में सवाल उठाया. इसमें पहला सवाल उन्होंने हजारीबाग शहरी क्षेत्रों में कुल 1604 वेंडरों के हित में रांची जिलान्तर्गत रांची शहर में अटल स्मृति वेंडर मार्केट के तर्ज़ पर हजारीबाग शहर में भी एक ही छत के नीचे सभी वेंडरों के लिए मार्केट निर्माण कर दुकान उपलब्ध कराने की मांग सरकार से की.  इस दौरान उन्होंने कहा कि हजारीबाग शहर के टैक्सी स्टैंड में सैकड़ों एकड़ जमीन खाली पडी है, जहां उक्त मार्केट का निर्माण कराया जा सकता है. उन्होंने कहा कि मार्केट के निर्माण किये जाने से वेंडरों के दुकानदारी के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी ख़रीददारी करने में काफी सहूलियत होगी. उन्होंने सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि हजारीबाग शहरी क्षेत्रों में कुल 1604 वेंडरों को चिन्हित कर सभी लोगों के लिए गुमटीनुमा दुकान बनाकर देने की योजना चल रही है, जिससे सभी दुकानदारों को अपने दुकानों के संचालन में काफी कठिनाई होगी और दुकानदारों को आवंटित उक्त दुकानों से अपने परिवारों का लालन-पालन भी करने में बहुत परेशानी होगी.

वेंडर मार्केट का निर्माण प्रस्तावित

विधायक के सवाल पर सरकार की ओर से जबाब आया की हजारीबाग नगर निगम द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि हजारीबाग शहरी क्षेत्र के कुल 1604 वेंडरों को चिन्हित किया गया है.  तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कुल 90 गुमटीनुमा दुकान तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी- सह-वरीय पदाधिकारी, नगर निगम, हजारीबाग के आदेशानुसार बनाया गया है. हजारीबाग नगर निगम से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार हजारीबाग टैक्सी स्तानिद में लगभग 05 एकड़ भूमि है, जहां वेंडर मार्केट का निर्माण प्रस्तावित है.  उक्त वेंडर मार्केट निर्माण हेतु डीपीआर तैयार किया जा चूका है. डीपीआर पर तकनिकी स्वीकृति प्राप्ति तथा राशि उपलब्ध होते ही उक्त योजना का निर्माण किया जाएगा.

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सबसे बुरा प्रभाव आम-आवाम पर पड़ रहा

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विधायक जायसवाल ने दूसरे सवाल पर कहा कि झारखंड राज्य में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 में निहित प्रावधान के तहत गलियों, आवासीय परिसर के बाहर खुले सार्वजनिक स्थलों, नालों एवं जलाशयों में ठोस अपशिष्ट जलने और फेंकने पर रोक है. प्रावधान अंतर्गत सॉलिड वेस्ट का घर-घर जाकर संग्रहण, प्रयोक्ता शुल्क का संग्रहण, गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध निदेश जारी करना और बायो डिग्रेडेबल वेस्ट का कम्पोस्ट में प्रसंस्करण, सूखे अजैविक कचरे के लिए वैज्ञानिक लैंडफिल की स्थापना करना आदि का दायित्व शहरी स्थानीय निकायों का होने के बावजूद राज्य में अबतक वर्णित प्रावधानों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है. जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है. उन्होंने यह भी बताया कि राज्य के सभी जिलों में कचरा का उठाव कर उसे सुदूरवर्ती क्षेत्रों में फेंक दिया जाता है जिससे पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है और इसका सबसे बुरा प्रभाव आम- आवाम पर पड़ रहा है. विधायक  जायसवाल ने सरकार से जनहित में वर्णित नियम के प्रावधान के अनुरूप राज्य के सभी जिलों में यथाशीघ्र कार्य शुचारू करने की मांग की.

जिसपर सरकार की ओर से जबाब दिया गया कि निकाय द्वारा चयनित एजेंसी अथवा निकाय स्वयं कचरा का संग्रहण करते हुए निकाय द्वारा चिन्हित (स्थायी अथवा अस्थायी) स्थलों पर ही फेंका जाता है. सभी नगर निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट आरंभ करने का निर्धारित लक्ष्य रखा गया है| इसमें हजारीबाग एवं चास में एजेंसी का चयन प्रक्रियाधीन हैं.

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