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सबरीमाला मंदिर राजनीति का अखाड़ा बना, केरल हिंसा की आग में जल रहा, 1738 लोग गिरफ्तार

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का मामला राजनीति का अखाड़ा बन गया है. इस मामले को लेकर फैली हिंसा के कारण केरल आग में जल रहा है. राजनीतिक दल आग में घी डाल रहे हैं.  

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 Thiruvanthapuram : सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का मामला राजनीति का अखाड़ा बन गया है. इस मामले को लेकर फैली हिंसा के कारण केरल आग में जल रहा है. राजनीतिक दल आग में घी डाल रहे हैं.  सरकार का आरोप है कि भाजपा और आरएसएस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश में कई जगह तोड़फोड़ की है. खबरों के अनुसार हिंसा के आरोप में 1700 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हुई है. पुलिस ने बताया कि अब तक कम से कम 1738 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.  हिंसक प्रदर्शनों को लेकर 1108 मामले दर्ज किये गये हैं. बता दें कि हिंदू समर्थक संगठनों ने सुबह से शाम तक हड़ताल का आह्वान किया था.  (स ने कहा कि 132 पुलिसकर्मियों और 10 मीडियाकर्मियों सहित 174 लोग हिेंसा में घायल हुए हैं. खबर है कि शुक्रवार को केरल के कन्नूर जिले में भाजपा सांसद वी मुरलीधरन के घर पर देसी बम से हमला किया गया. भाजपा का आरोप है कि इस हमले के पीछे सीपीआई (एम) का हाथ है. वहीं, शुक्रवार देर रात सीपीआई (एम) के विधायक एएन शमसीर के घर पर भी बम से हमला किया गया. पार्टी के जिला सचिव पी शशि के घर पर भी हमला हुआ.

सीपीआई (एम) का आरोप है कि यह हमला आरएसएस के कार्तकर्ताओं ने किया है. बता दें कि कन्नूर में ही सीपीआई (एम) कार्यकर्ता वैशाक पर भी हमला हुआ था, जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गया.  दो दिन पहले भाजपा-आरएसएस तथा दक्षिणपंथी संगठनों की सत्तारूढ़ माकपा के साथ झड़पें हुई थीं.

 त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड सबरीमला मंदिर के मुख्य पुजारी से स्पष्टीकरण मांगा

बता दें कि जब से एलडीएफ सरकार ने पवित्र मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति से संबंधित उच्चतम न्यायालय के फैसले को लागू करने का फैसला किया है तब से मंदिर परिसर में दक्षिणपंथी संगठनों, भाजपा और आरएसएस कार्यकर्ताओं का जबरदस्त विरोध देखने को मिल रहा है. त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) ने सबरीमला मंदिर के मुख्य पुजारी से रजस्वला आयु वर्ग की दो महिलाओं बिंदू (42) और कनकदुर्गा (44) के दो जनवरी को प्रवेश के बाद मंदिर बंद करने तथा इसका शुद्धिकरण करने के उनके निर्णय के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है.  उधर  सीएम विजयन ने संघ परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे राज्य की शांति एवं एकता को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं.

इस बीच, शुक्रवार सुबह करीब छह बजे पंबा पहुंचीं ट्रांसजेंडर कायल को पुलिस ने लौटा दिया और श्रद्धालुओं के प्रदर्शन के कारण उन्हें मंदिर परिसर के अंदर नहीं जाने दिया. उन्होंने बताया कि कायल साड़ी में आयी थीं और बाद में उन्होंने पुरुषों के कपड़े पहन लिये और इरुमुदीकेट्टू के साथ मंदिर के अंदर जाने की कोशिश करने लगीं. चार ट्रांसजेंडरों ने हाल में काली साड़ी पहनकर सबरीमला में पूजा की थी.

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