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सबरीमला : सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति के विरोध में प्रदर्शन, पुलिस ने हटाया, मंदिर खुलने से पहले तनाव

निलक्कल पर महिला पुलिसर्किमयों सहित करीब 500 पुलिसकर्मी तैनात हैं

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Thiruvananthapuram : सबरीमला मंदिर में रजस्वला लड़कियों और महिलाओं के प्रवेश का विरोध किये जाने और पुलिस द्वारा बल प्रयोग करने पर यहां तनाव की स़्थिति पैदा हो गयी है. खबरों के अनुसार बुधवार की सुबह विरोध करने वालों को वहां से हटाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया. इसके बाद मंदिर जाने के मुख्य रास्ते निलक्कल में माहौल गर्मा गया. भगवान अयप्पा स्वामी मंदिर जाने के मुख्य रास्ते निलक्कल पर महिला पुलिसर्किमयों सहित करीब 500 पुलिसकर्मी तैनात हैं. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयप्पा स्वामी मंदिर के दरवाजे पहली बार बुधवार शाम खुलने वाले हैं.  पांच दिन की मासिक पूजा के बाद मंदिर के दरवाजे 22 अक्टूबर को बंद हो जायेंगे. बता दें कि अयप्पा स्वामी मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में प्रदर्शन करने वाले श्रद्धालु धरना देने के साथ अयप्पा मंत्र का जाप  कर रहे हैं. जान लें कि बुधवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने मंदिर के मुख्य रास्ते पर बसों को रोकने का प्रयास किया. उसके बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने बल प्रयोग किया.

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पुलिस ने निलक्कल का पूर्ण नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया

सबरीमला पहाड़ी से लगभग 20 किलोमीटर दूर निलक्कल में बड़ी संख्या में तैनात पुलिसर्किमयों ने सबरीमला आचार संरक्षण समिति के तंबू आदि वहां से हटा दिये.  मासिक पूजा के लिए मंदिर खुलने से कुछ घंटे पहले पुलिस ने निलक्कल का पूर्ण नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया. साथ ही पुलिस ने अयप्पा मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के रास्ते में अवरोध पैदा करने वालों को चेतावनी दी.   सबरीमला आचार संरक्षण समिति के कार्यकर्ताओं ने सोमवार की रात तमिलनाडु से पम्बा जा रहे 45 और 40 वर्ष आयु के दंपति को केएसआरटीसी के बस से कथित रूप से उतरने को बाध्य कर दिया. इस पर पुलिस ने कार्रवाई की. इस संबंधमें दंपति ने कहा कि वह सिर्फ पम्बा तक जायेंगे. सबरीमला पहाड़ी पर नहीं चढ़ेंगे.  इस क्रम में पुलिस उन्हें वहां से सुरक्षित ले गयी.

निलक्कल में मौजूद सबरीमला आचार संरक्षण समिति के कुछ कार्यकर्ताओं ने मीडियार्किमयों को भी कथित रूप से उनका काम करने से रोका. अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किये जाने के बाद सभी मीडियाकर्मी निलक्कल लौट आये.

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