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सबरीमाला केस: मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का मामला SC ने बड़ी बेंच को भेजा, पिछला फैसला फिलहाल बरकरार

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New Delhi : सबरीमाला मंदिर में  महिलाओं के प्रवेश का मामला लटक गया है. इस मामले आज फैसला आने की उम्मीद थी. मामले की सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच ने अपने फैसले पर पुनर्विचार याचिकाओं को बड़ी बेंच को भेज दिया है. इस मामले को 3 जजों ने बहुमत से 7 जजों की संविधाम पीठ को रेफर कर दिया है. वहीं 2 जजों- जस्टिस नरीमन और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने मामले के खिलाफ अपना निर्णय दिया है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस मामले पर कहा है कि धार्मिक प्रथाओं को सार्वजनिक आदेश, नैतिकता और संविधान के भाग 3 के अन्य प्रावधानों के खिलाफ नहीं होना चाहिए.

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यह महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा का मामला

इस मामले में चीफ जस्टिस गोगोई ने कहा कि मामले में याचिकाकर्ता बहस को पुनर्जीवित करना चाहते हैं कि धर्म का अभिन्न अंग क्या है. कोर्ट ने कहा कि सिर्फ पूजा स्थलों पर ही महिलाओं का प्रवेश मंदिर तक सीमित नहीं है. बल्कि मस्जिद में महिलाओं का प्रवेश भी शामिल है.

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गोगोई ने कहा कि 7 जजों की संविधान पीठ अब इस मामले पर सुनवाई करेगी. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मामले में यह भी साफ किया कि महिलाओं के प्रवेश पर पिछला फैसला फिलहाल बरकरार रहेगा. कोर्ट ने केरल सरकार से कहा है कि सरकार इस लागी करने पर फैसला ले.

गौरतलब है कि पीरे मामले को महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिहाज से देखा जा रहा है. क्योंकि इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने इसपर अपना फैसला देते हुए 10 से 50 साल की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर लगायी गयी पाबंदी को लिंग आधारित भेदभाव माना था.

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केरल में पहले से ही हाई अलर्ट

गौरतलब है कि 28 सितंबर, 2018 को दिया गये सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बाद हिंसक विरोध हुआ था. और 56 पुनर्विचार याचिकाओं को साथ कुल 65 याचिकाएं आयी थीं जिसपर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की बेंच ने  फैसला लिया है.

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पांच जजों की संविधान पीठ ने सभी याचिकाओं पर 6 फरवरी को सुनवाई पूरी कर ली थी. मामले में पीठ की ओर से कहा गया था कि फैसला बाद में सुनाया जाएगा. वहीं फैसले से पहले ही केरल में हाई अलर्ट था. केरल पुलिस की ओर से भी  सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं.साथ ही शुरू हो रहे पूजा फेस्टिवल के लिए सबरीमाला के आसपास 10 हजार जवानों को तैनात किया गया है. और 307 महिला पुलिसकर्मियों को भी सुरक्षा के लिए लगाया गया है.

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