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देश में सबसे महंगा है रांची विश्वविद्यालय का पीएचडी आवेदन, छात्रों ने कहा- शुल्क में कटौती करे प्रशासन

पीएचडी कोर्स में आवेदन के लिए छात्रों से आरयू लेता है 2800 रु

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Satya Prakash Prasad

Ranchi : भारत में एक ऐसा विश्वविद्यालय है जो एमफिल और पीएचडी कोर्स के नाम पर बाकी विश्वविद्यालयों से महंगा है. एमफिल और पीएचडी कोर्स में नामांकन के आवेदन शुल्क के रूप में झारखंड का रांची विश्वविद्यालय(आरयू) छात्रों से सबसे अधिक पैसे आवेदन के दौरान लेता है. जी हां झारखंड का रांची विश्वविद्यालय भले ही शिक्षा की गुणवत्ता में पिछड़ा हो लेकिन इन दिनों विश्वविद्यालय पीएचडी और एमफिल कोर्स में छात्रों से नामांकन प्रक्रिया में आवेदन के लिए 2800 रु प्रति छात्र ले रहा है.

ज्ञात हो कि पीएचडी और एमफिल कोर्स में देश का कोई भी विश्वविद्यालय आवेदन करने के नाम पर इतनी मोटी रकम नहीं लेता है.

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छात्रों का आरोप मनमानी कर रहा है  विश्वविद्यालय

देश के केंद्रीय विश्वविद्यालय राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों में पीएचडी और एमफिल कोर्स में नामांकन प्रक्रिया के दौरान आवेदन शुल्क के रूप में हजार रुपए से अधिक नहीं लिया जाता है लेकिन झारखंड का रांची विश्वविद्यालय पीएचडी और एमफिल कोर्स में केवल नामांकन फॉर्म भरने के लिए आवेदन शुल्क के रूप में 300 रु एवं परीक्षा शुल्क के रूप में 2500 रु छात्रों से ले रहा है. इन कोर्सों में आवेदन के लिए छात्रों को विश्वविद्यालय की ओर से दो तरह के ड्राफ्ट आवेदन पत्र के साथ देने को कहा गया है. ज्ञात हो कि गत वर्ष इसको लेकर कई छात्र संगठनों द्वारा उग्र आंदोलन किया गया था. लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के उग्र आंदोलन को दरकिनार करते हुए इस बार भी पीएचडी और एमफिल कोर्स में आवेदन शुल्क में कोई कटौती नहीं कर रहा है. आवेदन शुल्क के रूप में 300 रु एवं परीक्षा शुल्क के रूप में 2500 रु छात्रों से लिए जा रहे हैं.

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एंट्रेंस पास कई छात्रों को नहीं मिल रहे हैं गाइड

रांची विश्वविद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी के कारण गत वर्ष पीएचडी और एमफिल कोर्स के इंट्रेंस एग्जाम में सफल छात्रों को 2 वर्षों बाद भी गाइड नहीं मिल पा रहे हैं. जिसके कारण छात्रों ने अभी तक पीएचडी कोर्स में उत्तर होने के बाद भी रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है. एंट्रेंस एग्जाम में सफल छात्रों ने बताया कि रांची विश्वविद्यालय के कई विभागों में शिक्षकों की भारी कमी के कारण सफलता के बाद भी उनका पीएचडी  एमफिल कोर्स में रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया.

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छात्र संगठनों ने बढ़े आवेदन शुल्क का किया  विरोध 

रांची विश्वविद्यालय के पीएचडी एमफिल कोर्स के नामांकन प्रक्रिया के दौरान लिए जा रहे हैं 2800 रु का छात्र संगठनों ने विरोध किया है. एबीवीपी, एनएसयूआई, आजसू जेसीए, आदिवासी मूलवासी छात्र संगठन समेत कई छात्र संगठनों का कहना है कि झारखंड जैसे राज्य में आम छात्रों की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि वह इन कोर्सों में आवेदन के लिए 2800 रु दे सकें. विश्वविद्यालय प्रशासन को इस पर मंथन करते हुए परीक्षा शुल्क एवं आवेदन शुल्क में कटौती करनी चाहिए.

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क्या कहते हैं परीक्षा नियंत्रक

रांची विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार ने कहा कि पीएचडी एमफिल कोर्स में आवेदन के लिए छात्रों से 2800 रु पिछले वर्ष से लिए जा रहे हैं. पदभार संभालने के बाद परीक्षा विभाग इसका मूल्यांकन कर रही है. कुलपति के आदेश के बाद ही परीक्षा शुल्क एवं आवेदन शुल्क में कटौती की जा सकती है.

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