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नियमों को ताक पर रखकर चलाई जा रही है राय यूनिवर्सिटी, फुल टाईम पीएचडी स्कॉलर हैं ईईई विभाग का एचओडी

नैक टीम को भी दी कई झूठी जानकारी

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Ranchi: राय यूनिवर्सिटी झारखंड में फर्जीवाड़ा जारी है. कोर्स का संचालन, विभाग में शिक्षकों की बहाली, बिना नियम के लेटरल एंट्री एडमिशन, गलत तरीके से पीएचडी करवाने सहित कई मामलों के आने के बाद एक बार फिर से राय यूनिवर्सिटी नियम विरुद्ध कोर्स का संचालन कर रही है. इसके अलावा नैक की टीम को भी कई गलत जानकारियां दी है. राय यूनिवर्सिटी झारखंड के इलेक्ट्रीकल एंड इलेक्ट्रोनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के एचओडी सुमित पांडेय एनआईटी दुर्गापुर से प्रोफेसर जयंती डे के गाईडेंस में पीएचडी स्कॉलर हैं. वो एमएचआरडी के नियम के अनुसार कोई पोस्‍ट होल्‍ड नहीं कर सकते हैं, पर ये जानने के बावजूद भी राय यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उन्हें विभाग के एचओडी के रुप में नियुक्त कर रखा है. इसके अलावा नैक विजिट के दौरान शिक्षकों की भी झूठी जानकारी सौंपी. राय यूनिवर्सिटी छोड़ चुके शिक्षकों को भी अपने यहां कार्यरत दिखाया है. इतना ही नहीं, राय यूनिवर्सिटी जीजीपीएस स्कूल के कैंपस को भी नैक की टीम को पूरा अपना बता दिया था.

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क्या हैं एचओडी बनने के नियम

किसी भी विभाग में एचओडी बनने के लिए कम से कम 10 साल कॉलेज या यूनिवर्सिटी में पढ़ाने का अनुभव होना चाहिए. इसके अलावा रिसर्च के क्षेत्र में कार्य किया होना भी जरुरी है. कम से कम 10 रिसर्च पेपर प्रस्तुत किये हों. संबंधित विषय में पीएचडी की डिग्री होनी चाहिए. पर राय यूनिवर्सिटी प्रशासन सुमित पांडेय के बारे में सब कुछ जानते हुए भी अपने यहां एचओडी बनाए हुए है. सुमित पांडेय राय युनिवर्सिटी में सिर्फ शनिवार को आते हैं और क्लास लेते हैं. इनके बारे में नैक टीम ने ये भी पूछा था कि क्या सुमित पे रोल पर राय यूनिवर्सिटी में काम करते हैं तो यूनिवर्सिटी प्रशासन ने हां में जवाब दिया था.

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ये शिक्षक अब पढ़ाते नहीं, पर नैक को दी गलत जानकारी

नैक विजिट के दौरान विवि प्रशासन ने नैक की टीम को झारखंड राय यूनिवर्सिटी छोड़ चुके शिक्षकों के नाम भी कार्यरत की श्रेणी में दिखा दिया. सबसे पहले तो शालिन कुमार, जो फिलहाल बीआईटी मेसरा में मेकनिकल इंजीनियरिंग में पढ़ाते हैं, उन्हें अपने यहां कार्यरत बता दिया. जबकि, शालिन के राय यूनिवर्सिटी छोड़े हुए डेढ़ साल से अधिक हो गए हैं. डॉ वर्षा रानी जो फिलहाल बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में कार्यरत हैं उनके बारे में नैक की टीम को ये बता दिया कि वे अभी लियेन में हैं, इसके अलावा ईईई विभाग के ही अनुप तिवारी को भी अपने यहां कार्यरत दिखाया.

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पूरे जीजीपीएस स्कूल को बता दिया राय विवि का कैंपस

झारखंड राय यूनिवर्सिटी, जीजीपीएस स्कूल के कैंपस में लीज में चलती है. पर जीजीपीएस स्कूल कैंपस के आधे भाग में ही राय यूनिवर्सिटी संचालित की जाती है. नैक के दौरे के दौरान नैक टीम के आंखों में धूल झोंकने के लिए जीजीपीएस के मुख्य द्वार जहां जीजीपीएस लिखा है, उसे राय यूनिवर्सिटी झारखंड के बैनर से ढक दिया था और पूरा कैंपस को नैक की टीम को अपना बता दिया.

कॉलेज के जन सूचना पदाधिकारी ने इस मामले में अनभिज्ञता जताते हुए कुछ बताने से इनकार कर दिया. वहीं, कॉलेज के रजिस्‍ट्रार को न्‍यूज विंग की ओर से इस संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की गई. न तो उन्‍होंने फोन ही रिसीव किया और न भेजे गये मैसेज का कोई जवाब दिया है.

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