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RU : ऑनलाइन पोर्टल ‘स्वयं’ के जरिये छात्र सीखेंगे जनजातीय भाषा

आरयू का टीआरएल विभाग ऑनलाइन देगा शिक्षा

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Ranchi : झारखंड की नौ जनजातीय भाषाओं की पढ़ाई अब छात्र विश्व के किसी भी कोने से ऑनलाइन कर सकेंगे. रांची यूनिवर्सिटी (आरयू) का जनजातीय क्षेत्रीय भाषा विभाग (टीआरएल) अब विश्व स्तर पर छात्रों को मुंडारी, खोरठा, हो, कुडूख आदि नौ जनजातीय भाषाओं की पढ़ाई ऑनलाइन करा उन्हें डिग्री प्रदान करेगी. केंद्र सरकार के मानव संसाधान विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने आरयू के टीआरएल विभाग को स्वयं पोर्टल पर इसके व्याख्यान अपलोड करने के निर्णय लिया है, ताकि इन जनजातीय भाषाओं की पढ़ाई विश्व के छात्र ऑनलाइन प्राप्त कर सकें. साथ ही, ऑनलाइन पढ़ाई के बाद छात्रों को विभाग की ओर से ऑनलाइन परीक्षा लेकर डिग्री प्रदान की जायेगी.

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इस सत्र से टीआरएल विभाग में होगी ऑनलाइन पढ़ाई

एमएचआरडी, भारत सरकार ने यूजीसी को दिशा-निर्देश दिया है कि आरयू के टीआरएल विभाग में पढ़ाई जा रही नौ जनजातीय भाषाओं के व्याख्यान 15 अक्टूबर तक अपलोड कर दिये जायें, ताकि इसे स्वयं पोर्टल पर अपलोड कर भारत सरकार की ओर से इसकी पढ़ाई विश्व स्तर पर करायी जा सके. यूजीसी ने एचआरडीसी के माध्यम से आरयू को टीआरएल विभाग के सभी व्याख्यान अपलोड करने को कहा है, ताकि इसी सत्र से ऑनलाइन पढ़ाई आरंभ की जा सके.

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क्या है स्वयं पोर्टल

एमएचआरडी, भारत सरकार द्वारा देश-विदेश के छात्रों के लिए ऑनलाइन शिक्षा आरंभ की गयी है. इसके माध्यम से भारत या विश्व के किसी भी कोने से छात्र ऑनलाइन पढ़ाई कर डिप्लोमा, सर्टिफिकेट, यूजी एवं पीजी की डिग्री हासिल कर सकते हैं. इसमें छात्रों को पाठ्क्रम सामग्री वीडियो, वर्ड फाइल, पावर प्वॉइंट एवं ऑनलाइन वीडियो वेब के माध्यम से छात्रों को पढ़ाया जाता है. इसकी वेबसाइट www.swayam.gov.in पर छात्र किसी भी कोर्स को चुन इसकी पढ़ाई कर डिग्री पा सकते हैं. इसी पोर्टल पर आरयू के टीआरएल विभाग को चुना गया है.

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यह टीआरएल विभाग और RU के लिए गर्व की बात : कुलपति

आरयू के कुलपति प्रो डॉ रमेश कुमार पांडेय ने कहा कि यह टीआरएल विभाग एवं आरयू के लिए गर्व की बात है कि यहां के विभाग से जुड़कर देश व विदेश के छात्र डिग्री प्राप्त करेंगे. आनेवाले समय में आरयू का अन्य विभाग भी इस तरह की ऑनलाइन शिक्षा देने की पहल करेगा.

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एमएचआरडी ने आरयू के टीआरएल विभाग को गंभीरता से लिया : डॉ अशोक

रांची यूनिवर्सिटी के को-ऑर्डिनेटर डॉ अशोक चौधरी ने कहा कि एमएचआरडी ने आरयू के टीआरएल विभाग को गंभीरता से लिया है. विभाग की नौ जनजातीय भाषाओं की पढ़ाई के महत्व को समझते हुए केंद्र सरकार ने इसे स्वयं पोर्टल पर अपलोड करने का निर्णय लिया है. आरयू ने इस दिशा में पूरा काम कर लिया है. 15 अक्टूबर तक स्वयं पोर्टल पर विभाग के व्याख्यान एवं पाठ्यक्रम सिलेबस एवं सामग्री अपलोड हो जायेंगे.

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