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RU : संविदा पर नियुक्त शिक्षकों की कम नहीं हो रहीं समस्याएं, संख्या से अधिक नियुक्ति होने पर नहीं मिल रहा मानदेय

प्रति क्लास 600 रुपये मिलने थे संविदा शिक्षकों को, लेकिन क्लास नहीं मिल पाने के कारण ये भी नहीं मिल पा रहा शिक्षकों को

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Ranchi: बेरोजगारी युवाओं के लिए सबसे बड़ी समस्या है. संविदा पर युवाओं को बहाल तो किया जा रहा है लेकिन इन्हें सही वेतन नहीं मिल पा रहा. रांची यूनिवर्सिटी में शिक्षकों की कमी है. ऐसे में साल 2017 में रांची यूनिवर्सिटी में संविदा पर शिक्षकों की नियुक्ति की गयी. ये ऐसे युवा थे जो पीजी उत्तीर्ण थे. यूनिवर्सिटी की ओर से 763 संविदा शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गयी. जबकि सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यूनिवर्सिटी में 265 संविदा शिक्षकों के पद हैं. ऐसे में नियमों को ताक पर रखते हुए यूनिवर्सिटी ने लगभग पांच सौ अधिक नियुक्ति कर दी. संविदा पर कार्यरत शिक्षकों से बात करने पर पता चला कि रांची यूनिवर्सिटी की ओर से शिक्षकों को नियुक्त तो कर दिया गया, लेकिन कई कॉलेज तो ऐसे हैं जहां इन शिक्षकों को रखा भी नहीं गया. इन कॉलेजों में केसीबी कॉलेज बेड़ो भी है. वहीं तत्कालीन रांची कॉलेज, वर्तमान में श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी में भी इन शिक्षकों को नहीं रखा गया था.

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नहीं मिल पा रहा शिक्षकों को सही वेतनमान

नियमानुसार संविदा पर नियुक्त शिक्षकों को प्रति क्लास 600 रुपये मिलने थे. इन शिक्षकों से ही जानकारी मिली कि संख्या से अधिक नियुक्ति हो जाने पर शिक्षकों को न ही क्लास मिल पा रहा है और न ही वेतन. कुछ शिक्षक तो ऐसे भी हैं जिन्हें मात्र एक कक्षा ही मिल रही है. डोरंडा कॉलेज की स्थिति तो और भी दयनीय है. यहां के शिक्षकों से जानकारी मिली कि कभी-कभी इन शिक्षकों को दो से तीन हजार रुपये ही मिलते हैं. जबकि आये दिन शिक्षकों को क्लास नहीं मिलने की परेशानी बनी रहती है.

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राज्यपाल के आदेश पर की गयी थी नियुक्तियां

साल 2017 में राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने सभी यूनिवर्सिटी को संविदा पर शिक्षक नियुक्त करने का आदेश दिया था. यहां ऐसे युवाओं को नियुक्त करने था, जो पीजी उत्तीर्ण हों. साथ ही ये शिक्षक स्नातक और स्नातकोत्तर की कक्षाएं ले सकें. निर्देशानुसार इन शिक्षकों को प्रति क्लास 600 रुपये देने थे.

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वीसी ने खारिज किया

हालांकि इस संबध में जब वीसी डॉ रमेश कुमार पांडेय से जानकारी ली गयी तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है. नियम कानून को ध्यान में रखते हुए ही नियुक्तियां की गयी हैं. यूनिवर्सिटी अंतर्गत 415 शिक्षक संविदा पर कार्यरत हैं. जबकि 456 पद आवंटित हैं. जिनकी नियुक्ति साक्षात्कार समेत सभी प्रक्रियाओं को पूरी कर ली गयी है. उन्होंने कहा कि आये दिन संविदा शिक्षक नौकरी छोड़ देते हैं. ऐसे में अन्य संविदा शिक्षक होने से इन रिक्त पदों को भर दिया जाता है.

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जनजातीय क्षेत्र भाषा विभाग में 29 पदों पर होगी नियुक्ति

इस दौरान वीसी ने यह भी जानकारी दी कि चुनाव से पूर्व जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग में 29 पदों पर संविदा शिक्षकों को नियुक्त करने का आदेश दिया गया है. उन्होंने कहा कि चुनाव के पूर्व ही यह आदेश रांची यूनिवर्सिटी को दिया गया है. हालांकि जब उनसे यह पूछा गया कि जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा विभाग में 20 पद ही शिक्षकों के रिक्त हैं, तो उन्होंने इस पर कुछ जवाब नहीं दिया. ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट से नियुक्ति पर आरक्षण रोस्टर से रोक हटाने के बाद अब राज्य के सभी यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति की जानी है.

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