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RU ने छात्रविहीन विभागों को दे दिये बहुमंजिला भवन, इधर कई विभाग सिमटे हुए हैं सिर्फ दो कमरों में

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Ranchi : रांची विश्वविद्यालय (आरयू) द्वारा बिना योजना एवं वस्तुस्थिति के आकलन के कई विभागों के करोड़ों रुपये खर्च कर बहुमंजिला भवन तैयार कर दिये गये. जिन पीजी विभागों में छात्रों की संख्या 50 से कम थी, उन विभागों के तीन मंजिला भवन आरयू द्वारा निर्माण कर दिये गये. आलम यह है कि इन विभागों के पास अपना भवन तो है, लेकिन यहां पढ़नेवाले छात्रों का घोर अभाव है. वहीं, 1990 से स्थापति आरयू के कई विभाग वर्तमान में दो कमरों में ही चल रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेनेवाला कोई नहीं है. पीजी माइक्रो बायोलॉजी, पीजी एमसीए और पीजी जनसंचार विभाग में 60 से अधिक छात्र हर साल नामांकन लेते हैं, लेकिन वर्तमान में ये विभाग दो कमरों में छात्रों को शिक्षा देने का कार्य कर रहे हैं.

करोड़ों की लागत से बने इन विभागों के भवन

राज्य सरकार एवं रूसा द्वारा प्राप्त राशि से आरयू ने लॉ विभाग, होटल मैनेजमेंट विभाग, ऑर्कियोलॉजी (पुरातत्व विज्ञान) विभाग के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर तीन मंजिला भवन का निर्माण कर दिया है. लेकिन, वर्तमान में इन विभागों के पास न ही पर्याप्त संख्या में छात्र हैं और न शिक्षक. ऐसे में इन विभागों के भवनों के निर्माण से पहले आरयू ने इन विभागों का सही आकलन किये बिना ही भवन निर्माण कार्य तेजी से करा दिया.

30 वर्षों से स्थापति विभागों को नहीं मिला भवन

पत्रकारिता विभाग, एमसीएस विभाग एवं माइक्रो बायोलॉजी विभाग में हर साल छात्रों की अच्छी भीड़ नामांकन के दौरान देखने को मिलती है. 30 वर्षों से अधिक समय से स्थापित इन विभागों में हर सत्र में छात्रों की संख्या अन्य विभागों की तुलना में ज्यादा रहती है, लेकिन अब तक ये विभाग छात्रों के लिए दो कमरों में ही सिमटकर रह गये हैं. इन्हीं विभागों में एमबीए विभाग भी सेल्फ फाइनेंस कोर्स की तर्ज पर आरयू में खोला गया. वर्तमान में इस विभाग के पास अपना भवन है, लेकिन अन्य विभागों के पास नहीं है.

अन्य विभागों को जल्द मिलेगा अपना भवन : आरयू

आरयू के सीसीडीसी गिरिजा शंकर शाहदेव ने कहा कि पत्रकारिता विभाग का भवन जल्द ही बन जायेगा. इसके लिए डीपीआर बनाकर भवन निर्माण विभाग को भेज दिया गया है. जहां तक एमसीए एवं माइक्रो बायोलॉजी विभाग की बात है, गणित एवं बॉटनी विभाग में इन विभागों को बेहतर सुविधा देने की पहल की जायेगी. जिन भवनों का निर्माण हुआ है, वहां छात्रों की कमी को देखते हुए विषय अनुरूप अन्य छात्रों को शिफ्ट किया जायेगा.

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