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रांची के 58 फीसदी निजी स्कूल नहीं कर रहे आरटीई कानून का पालन, डीएसई ने जारी किया नोटिस

निजी स्कूलों को 17 जनवरी तक नामांकन का डेटा उपलब्ध कराने का निर्देश

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Ranchi: शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) कानून का उल्लंघन रांची के 58 फीसदी निजी स्कूल धड़ल्ले से कर रहे हैं. पिछले तीन सालों से आरटीई के तहत बच्चों के नामांकन का डेटा ई-विद्यावाहनी पोर्टल पर स्कूलों ने अपलोड नहीं किया है. सिर्फ 42 फिसदी स्कूलों ने ही छात्रों के नामांकन संबंधी डेटा डीएसई कार्यालय रांची को उपलब्ध कराया है. ई-विद्यावाहनी पोर्टल पर जिले के सभी स्कूलों को कक्षा 1 से कक्षा 12 तक के बच्चों का कोटिवर डेटा जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में उपलब्ध कराना था. लेकिन ज्यादातर निजी स्कूलों ने बच्चों  के नमांकन से संबंधित डेटा डीएसई कार्यालय को नहीं उपलब्ध काराया है.

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डीएसई चंटू विजय सिंह ने बताया कि तीन बार जिले के सभी स्कूलों को डेटा उपलब्ध कराने संबंधित पत्र कार्यालय की ओर से जारी किया गया. लेकिन, अभीतक 58 फीसदी स्कूलों में इस संबंध में डेटा उपलब्ध नहीं काराया है. पत्र में जिले के सभी स्कूलों से 17 जनवरी तक हर हाल में डेटा उपलब्ध कराने को कहा गया है.

डेटा उपलब्ध कराने के कई विकल्प

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रांची डीएसई ने रांची के सभी स्कूलों को शुक्रवार को पत्र जारी कर सात दिनों के अंदर जिले के सभी स्कूलों को नामांकन संबंधित डेटा उपनब्ध कराने को कहा है. पत्र के माध्यम से यह कहा गया है कि जो स्कूल डेटा अपलोड करने में सक्षम नहीं वो व्हाटसअप और ई-मेल के माध्यम से बच्चों के नामांकन संबंधी डेटा उपलब्ध करा सकते हैं.

डीएसई कार्यालय द्वारा सही जानकारी नहीं मिलने से हो रही समस्या: डीपीएस प्राचार्य

डीपीएस रांची के प्राचार्य राम सिंह ने कहा डीएसई कार्यालय द्वारा निजी स्कूलों को सही से जानकारी और समन्वय संचार नहीं किया जा रहा है. इस वजह से स्कूलों ने कार्यालय में डेटा समय पर नहीं उपलब्ध कराया है. डीएसई स्तर से पत्र जारी होने के बाद सात दिनों में सभी स्कूल डेटा जरूर उपलब्ध करा देंगे.

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