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#RSS चीफ मोहन भागवत ने रांची में कहा, राष्ट्र या राष्ट्रीय शब्द कहें, राष्ट्रवाद में है नाजी हिटलर की झलक

संघ देश में विस्तार के साथ-साथ हिंदुत्व के एजेंडे पर आगे बढ़ता रहेगा जो देश को जोड़ने का काम करेगा. हम सभी को मानवता के साथ जीना सीखना होगा.

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Ranchi : हमें राष्ट्रवाद शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसका अर्थ नाजी या हिटलर से निकाला जा सकता है. हमें राष्ट्र या राष्ट्रीय जैसे शब्दों का प्रमुखता से इस्तेमाल करना चाहिए. ऐसे में राष्ट्र या राष्ट्रीय जैसे शब्दों का प्रमुखता से प्रयोग किया जाना चाहिए.

इस समय दुनिया के सामने आईएसआईएस, कट्टरपंथ और जलवायु जैसी बड़ी चुनौतियां हैं. RSS के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने यह बात झारखंड की राजधानी रांची में गुरुवार को कही. मोहन भागवत आज मोहारबादी में आयोजित RSS के संघ समागम में शामिल होने पहुंचे.

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मोहन भागवत 23 फरवरी तक रांची में रहेंगे

जान लें कि RSS चीफ अपने तीन दिनों के प्रवास के दौरान 23 फरवरी तक रांची में रहेंगे. इस क्रम में भागवत गौ संवर्द्धन, ग्राम विकास, कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता व सद्भाव, पर्यावरण व जल संरक्षण जैसे विषयों पर स्वयंसेवकों से चर्चा करेंगे.संघ समागम में मोहन भागवत ने हिंदुओं को अपने राष्‍ट्र के प्रति और जिम्‍मेदार बनने को कहा.

उनका कहना था कि भारत को बनाने में हिंदुओं की जवाबदेही सबसे अधिक है. कहा कि हिंदू भारत के सभी धर्मों का प्रतिनिधित्व करता है और उन्हें एक सूत्र में जोड़ता है. मोहन भागवत ने कहा कि सभी का लक्ष्य भारत को विश्‍वगुरु बनाना होना चाहिए.

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि विकसित देश अपने व्यापार को हर देश में फैलाना चाहते हैं. इसके जरिए वो अपनी शर्तों को मनवाना चाहते हैं. दुनिया के सामने जो बड़ी समस्याएं हैं उनसे केवल भारत निजात दिला सकता है. हिंदुस्तान को नेतृत्व करने के बारे में सोचना चाहिए. एकता ही देश की अकेली ताकत है.

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RSS हिंदुत्व के एजेंडे पर आगे बढ़ेगा

हिंदू ही एक ऐसा शब्द है जो भारत को दुनिया के सामने सही तरीके से पेश करता है. बेशक देश में कई धर्म हैं लेकिन हर व्यक्ति एक शब्द से जुड़ा हुआ है जो हिंदू है. यह शब्द देश की संस्कृति को दुनिया के सामने दर्शाता है. उन्होंने कहा कि संघ देश में विस्तार के साथ-साथ हिंदुत्व के एजेंडे पर आगे बढ़ता रहेगा जो देश को जोड़ने का काम करेगा. हम सभी को मानवता के साथ जीना सीखना होगा.

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पद की चाह में RSS से जुड़ने वालों के लिए संघ में कोई जगह नहीं 

मोरहाबादी में रामदयाल मुंडा फुटबॉल स्‍टेडियम में हजारों की संख्या में आये स्वयंसेवकों को भागवत ने संबोधित करते हुए कहा कि टिकट पाने की लालसा से RSS की शाखा में आने वाले इससे दूर रहें. कहा कि यहां कोई लोभ, लालच सिद्ध नहीं होगा. साफ शब्दों में कहा कि किसी पद की चाह में RSS से जुड़ने वालों के लिए संघ में कोई जगह नहीं है. उन्होंने कहा कि संघ में कुछ लेने नहीं, बल्कि कुछ देने आयें. मोहन भागवत ने प्रकृति को लेकर भी अपने विचार रखे.

प्रकृति को अपना गुलाम नहीं समझना चाहिए

कहा कि हमें प्रकृति को अपना गुलाम नहीं समझना चाहिए. मनुष्य ने प्रकृति का बहुत नुकसान किया है. हमारी संस्कृति हमें सिखाती है कि प्रकृति ने हमें बनाया है, हम प्रकृति को भी कुछ वापस करें. हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए. प्रकृति के साथ खिलवाड़ करने का नतीजा चीन में कोरोना वायरस के रूप में दिख रहा है.

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