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यौन शोषण के मामले में खुद फंस रहे हैं आरपीएफ के अधिकारी मो.शाकिब

दर्ज हो सकता है मामला, नाबालिग से घरेलू काम करवाने का आरोप

Ranchi: पूर्व मध्य रेलवे (हाजीपुर) के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के उप मुख्य सुरक्षा आयुक्त मो. शाकिब भी बच्ची के यौन और शारीरिक शोषण के मामले में फंस गए हैं. उन पर भी बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) अवैध रूप से नाबालिग बच्ची को अपने घर में रखने और घरेलू काम करवाने के आरोप में बालश्रम व बाल मजदूरी का मामला दर्ज करेगी. सीडब्ल्यूसी यह कारवाई किशोर-न्याय बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम 2000 के तहत करेगा. जानकारी मिली है कि पीड़िता घर जाना चाह रही थी, पर आयुक्त अनुमति नहीं दे रहे थे.

 

सीडब्ल्यूसी और रांची पुलिस की टीम ने मंगलवार की शाम रेलवे गेस्ट हाउस से नाबालिग लड़की को अपने साथ ले गई. इस दौरान मीडिया के बातचीत में नाबालिग लड़की ने कहा कि वह सितंबर माह से उप मुख्य सुरक्षा आयुक्त के घर काम कर रही थी. उसे रांची के एक युवक ने काम करने के लिए उनके घर पर रखवाया था. वह गेस्ट हाउस से निकलकर अपने घर जाना चाह रही थी, मगर उसे जाने नहीं दिया जा रहा है. दुष्कर्म के सवाल पर पीड़िता फूट-फूटकर रोने लगी. इसके बाद पुलिस पीड़िता को सीडब्ल्यूसी में प्रस्तुत की. इस क्रम में पीड़िता का कोरोना की जांच करायी गई. बताया जा रहा है कि कोरोना जांच की रिपोर्ट आने के बाद पीड़िता का बयान दर्ज किया जाएगा.

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रांची पुलिस करेगी अधिकारी से पूछताछ

इधर, नाबालिग का बयान सीडब्ल्यूसी ले रही है. उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. मामला दर्ज होने पर रांची पुलिस रेलवे अधिकारी से पूछताछ कर सकती है. वहीं कोर्ट में नाबालिग का बयान दर्ज होगा. गेस्ट हाउस के कर्मियों से जानकारी मिली है कि पिछले करीब चार वर्षों से लड़की गेस्ट हाउस में जमी है. यह भी बताया जा रहा है कि गेस्ट हाउस में काम करने वाले लोगों से भी उनकी नहीं बनती है.

 

 लंबे समय से हो रहा था दुष्कर्म

गेस्ट हाउस के अधिकारी का आरोप है कि आरोपी जवान शंभु नाथ लम्बे समय से पीड़िता के साथ दुष्कर्म कर रहा था.जब मामला हद से आगे बढ़ गया तब पीड़िता ने रेलवे के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी. इधर, जवान के बर्खास्त होने के बाद आरोपी शंभु नाथ ने बताये की उसके ऊपर लगाए गए सारे आरोप निराधार है.वह हर तरह की जांच के लिए तैयार है.

 

क्या है मामला

मालूम हो कि आरपीएफ के उप मुख्य सुरक्षा आयुक्त मो.शाकिब ने अपने घर काम कर रही 14 साल की आदिवासी लड़की के साथ दुष्कर्म के आरोप में आरपीएफ के जवान शंभुनाथ को बर्खास्त कर दिया है. मो. शाकिब ने मामले की एफआइआर तक दर्ज नहीं कराई है. उधर, आरोपी जवान ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है. यह मामला तूल पकड़ रहा है. अब मो. शाकिब भी घेरे में आ रहे हैं.

 

क्या कर रहा है सीडब्ल्यूसी

सीडब्ल्यूसी ने बच्ची का यौन-मानसिक और शारीरिक शोषण करने वाले आरपीएफ जवान को भी दोषी मानने के साथ वरिष्ठ रेल अधिकारी को भी कटघरे में खड़ा किया हैं. समिति का मानना है कि रेलवे के बड़े अधिकारी होने के बावजूद उन्होंने बाल श्रमिक को रखकर कानून का उल्लघंन किया और घटना के बाद भी स्थानीय थाना में प्राथमिकी तक दर्ज नहीं कराई और विभागीय कारवाई तक कर दी. साथ ही नाबालिग को अपने अधीन रखकर कई दिनों से बाल मजदूरी तक करवा रहे थे.  वही दूसरी ओर सीडब्ल्यूसी रांची ने पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए मंगलवार को आर्डर जारी किया. जिसमें चुटिया थाना को पीड़िता बच्ची को समिति कार्यालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया. इसके बाद शाम में चुटिया पुलिस, सीडब्ल्यूसी के प्रतिनिधि और चाइल्डलाइन की उपस्थिति में रांची स्टेशन स्थित रेलवे गेस्ट हाउस से पीड़िता बच्ची को रेस्क्यू किया गया. इसके बाद सीडब्ल्यूसी के सामने प्रस्तुत किया गया.

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