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रूपा तिर्की केस: पिता को पुलिस ने बनाया अप्राथमिक अभियुक्त, उकसाने का आरोप

RANCHI: साहिबगंज की महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने रूपा के पिता देवानंद उरांव को भी अप्राथमिक अभियुक्त बनाया है. साहिबगंज पुलिस ने आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में अपनी जांच में दोषी पाए जाने के बाद देवानंद उरांव को केस में अप्राथमिक अभियुक्त बनाया है. रूपा तिर्की के पिता को आरोपी बनाए जाने के मामले का खुलासा तब हुआ है, जब राज्य सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने मामले की न्यायिक जांच संबंधी आदेश जारी किया. राज्य सरकार के गृह विभाग के द्वारा जारी आदेश में केस के वृत की जानकारी दी गई है कि रूपा तिर्की की संदिग्ध मौत मामले में पुलिस ने दारोगा शिव कुमार कनौजिया और देवानंद उरांव को जांच में दोषी पाया है. इस केस में पुलिस ने शिव कुमार कनौजिया के खिलाफ चार्जशीट भी दायर कर दी है. पर्यवेक्षण में भी रूपा के पिता के खिलाफ मामला सत्य पाए जाने की बात का जिक्र किया गया है.

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न्यायिक जांच के लिए जारी आदेश में क्या है जिक्र

 

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राज्य सरकार ने रूपा तिर्की की मौत के मामले की जांच के लिए झारखंड उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश विनोद कुमार गुप्ता के अधीन न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है.  राज्य सरकार के गृह विभाग ने इस संबंध में मंगलवार 15 जून को आदेश जारी किया है. इस आदेश में जिक्र है कि रूपा तिर्की के मौत के मामले में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर पंकज मिश्रा, एसआई मनीषा कुमारी या ज्योतसना कुमारी की भूमिका नहीं पायी गई है. घटना के पीछे रूपा तिर्की का निजी मामला सामने आया है. इसकी पुष्टि अबतक के साक्ष्यों के आधार पर किए जाने की बात का जिक्र है. बताया गया है कि प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दारोगा शिवकुमार कनौजिया को जेल भेजा है. वहीं अनुसंधान और पर्यवेक्षण के दौरान पुलिस ने इस मामले में शिव कुमार कनौजिया के अलावे देवानंद उरांव को दोषी पाया है. दोनों को आईपीएसी की धारा 306 के तहत दोषी पाए जाने की बात कही गई है.

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11 जून को विधायक बंधु तिर्की के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिला था. प्रतिनिधिमंडल में रूपा तिर्की के पिता देवानंद उरांव व उनकी मां भी शामिल थी. मुलाकात के बाद ही मुख्यमंत्री ने मामले में न्यायिक जांच के आदेश जारी किए थे व रूपा को न्याय दिलाने की बात कही थी.

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पुलिस की तफ्तीश में यह बात आयी है कि रूपा तिर्की ने सुसाइड से पहले अपने पुरूष मित्र शिव कुमार कनौजिया को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा था, जिसमें रूपा ने – आई एम डाइंग, यू कांट ब्लाक मी, बाय, यू कांट लिव मी, डॉट लिव मी, कम…. जैसे मैसेज भेजे थे. जिसके बाद शिव ने रूपा के पिता देवानंद उरांव को फोन किया था. शिव ने फोन पर रूपा के पिता को यह समझाने की कोशिश की थी कि वह रूपा को समझाएं, वरना वह कुछ कर लेगी. जवाब में रूपा के पिता ने उसे ब्लॉक करने को कहा था, उन्होंने शिव को यह कहा था कि वह सुसाइड करे या मर जाए, इससे क्या. हम भी सोच लेंगे, हमारा वो बच्चा था ही नहीं. इस बातचीत की ऑडियो शिव कुमार कनौजिया ने अपने ही बैच की एक महिला दारोगा को भेजा था. पुलिस की जांच में ऐसे ही ऑडियो व व्हाट्सएप चैट आएं हैं, जिसके बाद रूपा तिर्की के पिता को पुलिस ने आरोपी बनाया है.

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