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पीएमएवाई के क्रियान्वयन में बैंकों की भूमिका महत्वपूर्ण : सीपी सिंह

योजना को लेकर विभाग ने किया दो बैंकों के साथ एग्रीमेंट

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Ranchi : राज्य के बेघर लोगों को आवास देने के लिए रघुवर सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है. इसमें केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) प्रमुखता से चलाई जा रही है. इसी कड़ी में नगर विकास मंत्री सीपी सिंह की उपस्थिति में शुक्रवार को नगरीय प्रशासन निदेशालय ने दो राष्ट्रीयकृत बैंकों (इलाहाबाद बैंक और केनरा बैंक) के बीच योजना के क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण एग्रीमेंट किया. इसके तहत योजना के घटक तीन अर्थात भागीदारी में किफायती आवास निर्माण को लेकर राज्य के कई नगर निकायों में जो निविदा प्रकाशित हो चुकी है, उसके लिए निर्माण कार्य जल्द आरंभ होगा. योजना के तहत कमजोर आर्थिक वर्ग के लोगों को दिये जाने वाले उक्त आवासों का 7 से 8 लाख रुपये लागत से निर्माण किया जाना है. इसमें लाभुकों को भी अंशदान के रूप में साढे 4 लाख से लेकर साढे 5 लाख तक देना होगा. उक्त राशि जुटाने में लाभुकों को बैंक ऋण की जरुरत पड़ेगी.

लाभुकों को बार-बार ना बुलायें बैंक

इकरानामा होने के दौरान विभागीय मंत्री सीपी सिंह ने बताया कि इसके होने से दोनों बैंक पीएमएवाई के लाभार्थियों को अपनी निर्धारित शर्तों के अनुरूप, लेकिन सहजता से आवास ऋण मुहैया करायेंगे. उन्होंने इन बैंकों से अपील की कि ऋण देने कार्य में वे लाभुकों को अनावश्यक कारणों से बार-बार बैंक ना बुलाएं. सीपी सिंह ने कि राज्य सरकार बेघरों को आवास देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नारा है कि वर्ष 2022 तक राज्य में कोई भी बेघर नहीं रहे, लेकिन रघुवर सरकार इस लक्ष्य को 2020 तक ही पाने को प्रयासरत है.

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सहयोग करने की सचिव की अपील

एमओयू संपन्न होने से पूर्व विभागीय सचिव अजय कुमार सिंह ने राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उनसे आवश्यक सहयोग की अपील की. उन्होंने कहा कि शहरी बेघरों को आवास उपलब्ध करवाने में बैंकों की भी बहुत सकारात्मक भूमिका की आवश्यकता है. इस दौरान नगरीय प्रशासन निदेशालय के निदेशक राजीव रंजन, आप्त सचिव संजीव लाल, सहायक निदेशक संजय कुमार, अजय साव, बैंकर्स कमेटी के संयोजक विंसेंट लकड़ा समेत कई प्रमुख बैंकों के वरीय पदाधिकारी मौजूद थे.

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