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पार्किंग के लिए पहाड़ काट रहा #RockGarden प्रबंधन, #GroundWaterLevel गिरने और लैंड स्लाइडिंग का बढ़ा खतरा

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Ranchi : नगर निगम व नगर विकास विभाग ने शहर की सुंदरता को बढ़ाने और राष्ट्र पटल पर पहचान दिलाने के लिए कई तरह की योजनाएं लायी पर उसमें से अधिकतर आधे-अधूरे ही हैं.

इन्हीं योजनाओं में कांके रोड रॉक गार्डेन के ठीक पीछे स्थित पहाड़ पर बना अर्बन हाट था. बीते एक साल से यहां कौशल विकास केंद्र बनाने का काम रुका पड़ा है. इस योजना में विभाग ने 30 करोड़ रुपये से अधिक बर्बाद कर दिये.

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पैसे बर्बाद होने के साथ-साथ वहां मौजूद पहाड़ को भी बेतरतीब काटा गया. अब योजना अधर में लटकी पड़ी है. इस योजना ने शहर के इकोलॉजिकल सिस्टम पर गहरा असर छोड़ा है.

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पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह, फिर भी काट रहे पहाड़

अर्बन हाट के नाम पर पहाड़ काटने के बाद अब रॉक गार्डेन के सामने पहाड़ को काटने का काम किया जा रहा है. रॉक गार्डेन प्रबंधन उबड़-खाबड़ जमीन को ठीक करने के लिए ऐसा करने की बात कर रहा है.

प्रबंधन का कहना है कि यहां लगने वाले दो पहिया वाहन सही से लग पायें इसलिए इसे ठीक कराया जा रहा है. जबकि रॉक गार्डेन के पास पार्किंग की पर्याप्त जगह है. यहां दो पहिया व चार पहिया वाहन मिलाकर लगभग 200 से अधिक गाड़ियां खड़ी हो सकती हैं.

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भूस्खलन की है संभावना

पहाड़ के काटे जाने का इकोलॉजी पर पड़ने वाले असर के संबंध पर पर्यावरणविद नीतीश प्रियदर्शी बताते हैं कि अपने शहर के आसपास जो पहाड़ हैं वे ग्रेनाइट नीस के बने हुए हैं. इन पहाड़ों में भूगर्भीय हलचल होने के साक्ष्य मिले हैं.

ऐसे में यह संभावना बनती है कि अगर पहाड़ों को लगातार काटा गया तो पूरा का पूरा पहाड़ धंस सकता है. रॉक गार्डेन के नीचे कई घर बने हुए हैं. अगर किसी तरह का भूस्खलन हुआ तो जान जाने तक की नौबत आ सकती है.

ग्राउंड वाटर लेवल को खतरा

नीतीश प्रियदर्शी बताते हैं कि विशेष रूप से रॉक गार्डेन जैब विविधता के लिए जाना जाता है. पहाड़ काटे जाने से उनके खत्म होने की संभावना भी बनती है. इसके अतिरिक्त इस पहाड़ का नेचर जिस तरह का है, उसकी वजह से ग्राउंड वाटर लेबल रिचार्ज होता है.

लगातार पहाड़ काटे जाने की वजह से कांके रोड व पहाड़ी के आसपास का ग्राउंड वाटर लेबल खत्म हो सकता है. सरकार को इस पर ध्यान देने की जरूरत है.

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