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पथ निर्माण विभाग ने तीन वर्ष में खर्च किये 1,493.22 करोड़

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  • नहीं बन पायी रांची-जमशेदपुर फोर लेन सड़क
  • राज्य पथों के लिए अलग से बना दी एजेंसी

Ranchi: पथ निर्माण विभाग ने पिछले तीन वर्षों में सड़कों को बेहतर बनाने में 1,493.22 करोड़ रुपये खर्च किये हैं. मुख्यमंत्री रघुवर दास मौजूदा सरकार में पथ निर्माण विभाग के भी मंत्री हैं. सूत्रों का कहना है कि औसतन पांच सौ करोड़ रुपये प्रत्येक वर्ष पथ निर्माण विभाग में खर्च किये जाते हैं. पर वित्तीय वर्ष पूरा होने के पहले ही बजट का प्रावधान समाप्त हो जाता है. पथ निर्माण विभाग में राष्ट्रीय उच्च पथ, राज्य उच्च पथ और सामान्य सड़कों के लिए अलग-अलग विंग हैं. अब सरकार की ओर से स्टेट हाइवे अथॉरिटी ऑफ झारखंड (सहज) नामक अलग एजेंसी बनायी गयी है. इस एजेंसी के जरिये बड़ी-बड़ी सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है, जो टू-टू लेन बनाने की निविदा निकालती है. सहज की तरफ से टोरी-टंडवा से एनटीपीसी के सुपर थर्मल पावर प्लांट तक के लिए टू-वे लेन बनाने, चास-बोकारो की सड़क, रामगढ़-पतरातू तक की सड़क का निर्माण कार्य कराने की निविदा निकाली गयी है. इसके अलावा कई अन्य सड़कों का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए भी सहज को जिम्मेवारी दी गयी है.

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अब तक पूरा नहीं हो पाया रांची-बहरागोड़ा फोर लेन

रांची से बहरागोड़ा तक के राष्ट्रीय उच्च पथ का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो पाया है. झारखंड हाइकोर्ट ने इस सड़क के निर्माण में लगी कंपनी को काली सूची में डालते हुए सड़क निर्माण कार्य की जांच सीबीआइ से कराने का निर्देश दिया था. हैदराबाद की कंपनी मधुकोन कंस्ट्रक्शन की लेटलतीफी की वजह से इस सड़क का निर्माण कार्य लटक गया. 2012 में सड़क का निर्माणकार्य शुरू हुआ था, जिसे 2015 में पूरा किया जाना था. 20 अगस्त 2018 को झारखंड हाइकोर्ट में महाधिवक्ता अजीत कुमार ने कहा था कि बचे हुए कार्य को सरकार अपने कॉस्ट से पूरा करेगी. इतना ही नहीं सरकार के हलफनामे में रिंग रोड फेज-7 का काम भी पूरा करने का आश्वासन दिया गया था. रांची के 80 किलोमीटर तक के रिंग रोड का निर्माण झारखंड एक्सीलरेटेड रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (जेएआरडीसीएल) की तरफ से किया गया है. जेएआरडीसीएल का निर्माण झारखंड सरकार और इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनांसियल सर्विसेज लिमिटेड (आइएलएफएस) के ज्वाइंट वेंचर के रूप में किया गया था. सरकार और आइएलएफएस के ज्वाइंट वेंचर के अंतर्गत 456 करोड़ की लागत से बननेवाली सड़कों का निर्माण कार्य अब तक लंबित है. राजधानी रांची के रिंग रोड का काम भी जेएआरडीसीएल को करना था. सात चरणों की इस सड़क में अब तक फेज-6 और फेज-7 का काम पूरा नहीं हो पाया है.

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2015 में रांची, बोकारो-धनबाद-जमशेदपुर में इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर बनाने की बनी थी योजना

सरकार की तरफ से रांची-बोकारो-धनबाद-जमशेदपुर को इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर बनाते हुए लगभग 100 किलोमीटर तक की सड़क को सिक्स लेन में बनाने की घोषणा की गयी थी. यह घोषणा कागजों में ही सीमित रह गयी. सरकार की तरफ से रांची-बोकारो-धनबाद 6 लेन एक्सप्रेस वे और धनबाद-बोकारो-जमशेदपुर सिक्स लेन एक्सप्रेस वे बनाने का दावा किया गया था. यह योजना अब तक पूरी नहीं हो पायी.

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पथ निर्माण विभाग का बजट

वित्तीय वर्षबजट
2017-18546.45 करोड़
2018-19488.98 करोड़
2019-20512.79 करोड़

 

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