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कोल्ड फॉगिंग मशीन के लिए RMC ने पांचवीं बार निकाला टेंडर, फिर बनेगा नया फॉगिंग रोस्टर

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Ranchi : शहर में फॉगिंग को लेकर रांची नगर निगम एक बार फिर नया रोस्टर बनाने जा रहा है. पहले के नगर आयुक्त शांतनु अग्रहरि के समय की कोल्ड फॉगिंग मशीन को लेकर निगम पहले ही चार बार टेंडर निकालकर असफल हो चुका है. अब निगम ने पाचवीं बार टेंडर निकाला है, जिसमें दो कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है. निगम के अधिकारियों के मुताबिक, अब इस नये टेंडर में शॉर्टलिस्ट की गयी दोनों कंपनियों से फाइनल रेट की बात होगी. वहीं, करीब तीन माह पहले बने फॉगिंग रोस्टर को बदलकर निगम अपने छह फॉगिंग वाहन द्वारा नया रोस्टर बनायेगा. बता दें कि वर्ष 2017 में खरीदी जानेवाली कोल्ड फॉगिंग मशीन का अब तक कोई अता-पता नहीं है.

पांचवीं बार खुला कोल्ड फॉगिंग मशीन का टेंडर, एक की लागत 30 लाख रुपये

जानकारी के मुताबिक, शहर में फैल रहे मच्छरों के आतंक पर काबू पाने के लिए रांची नगर निगम ने 2017 में ही कोल्ड फॉगिंग मशीन खरीदने की तैयारी की थी. इस मशीन को खरीदने के लिए निगम ने चार बार टेंडर निकाला था, जो चयनित कंपनी द्वारा मशीन की आपूर्ति सही समय पर नहीं दे पाने के कारण रद्द हो गया था. अब पांचवीं बार टेंडर प्रक्रिया को पूरा किया गया है. सहायक लोक स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. किरण कुमारी ने बताया कि अबकी बार निगम ने दो कंपनियों का इसके लिए चयन किया है. इसमें एक कंपनी का नाम एपी ऑटोमोबाइल्स और दूसरे का नाम फॉगर्स इंडिया है. उन्होंने कहा कि निगम ऐसी तीन मशीनें खरीदेगा. एक कोल्ड फॉगिंग मशीन की लागत 30 लाख रुपये तक आनी है. अब जल्द ही फाइनेंशियल कार्य को लेकर टेंडर आगे बढ़ाया जायेगा. उन्होंने बताया कि फिलहाल तकनीकी स्वीकृति के लिए फाइल उपनगर आयुक्त के पास है. फाइल आगे आने के बाद नगर आयुक्त की स्वीकृति मिलने के बाद फाइनेंशियल टेंडर खोले जाने की प्रक्रिया पूरी की जायेगी.

खर्च में आयेगी कमी

टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कोल्ड फॉगिंग मशीन की आपूर्ति के बाद डीजल से संचालित होनेवाली फॉगिंग मशीन के इस्तेमाल को धीरे-धीरे बंद किया जायेगा. डीजल में केमिकल मिलाकर फॉगिंग कराने में काफी खर्च हो रहा है. जबकि, कोल्ड फॉगिंग मशीन में पानी में केमिकल मिलाकर फॉगिंग की जाती है. इस प्रक्रिया के तहत काफी कम खर्च में फॉगिंग कार्य संभव होगा. इससे गली-मुहल्लों के साथ-साथ तालाब के आस-पास भी मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए केमिकल का छिड़काव आसानी से हो सकेगा.

छह फॉगिंग मशीन खराब, अब फिर से बनेगा नया रोस्टर

कुछ दिनों पहले बने फॉगिंग रोस्टर का पालन नहीं होने के सवाल पर डॉ किरण कुमारी ने बताया कि 53 वार्डों में फॉगिंग के लिए नगर निगम के पास मात्र छह फॉगिंग मशीनें ही कारगर हैं. अर्थात एक-एक मशीन पर आठ-नौ वार्ड का बोझ है. पूर्व में निर्धारित रोस्टर के तहत प्रत्येक वार्ड में सप्ताह में एक बार फॉगिंग करायी जा रही थी. हालांकि, अब छह मशीनों के कारण सभी वार्डों में 20-21 दिन के अंतराल पर फॉगिंग कार्य कराया जा रहा है, जो चिंताजनक है. इसे देखते हुए निगम के विभिन्न वार्डों में फॉगिंग सुचारू रूप से चले, इसके लिए निगम फिर से एक नया फॉगिंग रोस्टर बनाने जा रहा है. मालूम हो कि अगस्त में वार्ड-22 व 23 में चिकनगुनिया-डेंगू के फैलते ही रांची नगर निगम ने प्रतिदिन फॉगिंग करानी शुरू कर दी थी. उन दिनों भी रांची नगर निगम की मात्र सात फॉगिंग मशीनें ही दुरुस्त थीं. निगम बोर्ड की बैठक में खराब मशीनों को दुरुस्त कराने का निर्णय भी लिया गया था. चार माह बाद भी खराब फॉगिंग मशीनों की मरम्मत नहीं हो सकी. हालत यह है कि मशीनों के खराब होने के कारण कई वार्डों में फॉगिंग का कार्य सही तरीके से नहीं हो पा रहा है.

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