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RMC :  जिला योजना समिति और स्टैंडिंग कमिटी के चुनाव में वर्ग विशेष के पार्षदों में दिखी नाराजगी

कहा- आरक्षण का नहीं हुआ पालन

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Ranchi : राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर रांची नगर निगम सभागार में सोमवार को विभिन्न पार्षदों के बीच जिला योजना समिति और स्टैंडिंग कमिटी के सदस्यों का चुनाव हुआ. चुनाव में जिला योजना समिति के लिए कुल 53 पार्षदों में चार का चुनाव हुआ, जबकि स्टैंडिंग कमिटी के लिए कुल 10 सदस्यों का चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हुआ. योजना समिति के सदस्यों का चुनाव भूमि सुधार उपसमाहर्ता मनोज कुमार रंजन की निगरानी में और स्टैंडिंग कमिटी के सदस्यों का चुनाव मेयर आशा लकड़ा की अध्यक्षता में हुआ. हालांकि चुनावी नतीजों को लेकर एक विशेष वर्ग के पार्षदों में नाराजगी भी दिखी. इन पार्षदों का कहना था कि जोन वाइज पार्षदों का चयन ऐसा किया गया है कि संबंधित समुदाय के लोगों का जिला योजना समिति और स्टैंडिंग कमिटी में चयन नहीं हो सके. ऐसा कर चुनाव में आरक्षण नियमावली का पालन नहीं हुआ है.

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योजना समिति में ये चार पार्षद चुने गये

सोमवार को निगम सभागार में हुए चुनाव में नगर निगम, जिला परिषद व नगर पंचायत से जिला योजना समिति के लिए ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र से कुल आठ पार्षद चुनाव में थे. इसमें मो. एहतेशाम (वार्ड 21), कृष्णा महतो (वार्ड 42), दीपक कुमार लोहरा (वार्ड 38), फिरोज आलम (वार्ड 44), रोशनी खलखो (वार्ड 19), वेद प्रकाश सिंह (वार्ड 20), सुजाता कच्छप (वार्ड 7), सुनील कुमार यादव (वार्ड 20) मैदान में थे. इनमें सुनील यादव (कुल वोट 39), रोशनी खलखो ( कुल वोट 33), सुजाता कच्छप (कुल वोट 26), वेद प्रकाश सिंह (कुल वोट 23) को जिला योजना समिति के लिए चुना गया.

RMC :  जिला योजना समिति और स्टैंडिंग कमिटी के चुनाव में वर्ग विशेष के पार्षदों में दिखी नाराजगी
जिला योजना समिति के लिए चुने गये चार पार्षद सुनील यादव, सुजाता कच्छप, वेद प्रकाश, रोशनी खलको.

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स्टैंडिंग कमिटी में ये 10 पार्षद चुने गये

वहीं, निगम स्टैंडिंग कमिटी के लिए कुल 53 पार्षदों के बीच में 10 पार्षदों का चयन किया गया. समिति सदस्य के चुनाव के लिए 53 वार्डों को कुल 10 जोन में विभाजित किया गया था. इसमें जिन 10 जोन के लिए पार्षदों का चयन किया गया, उनके नाम इस प्रकार हैं-

  • जोन 1 – नकुल तिर्की (पार्षद वार्ड नंबर 1)
  • जोन 2 – प्रीति रंजन (पार्षद वार्ड नंबर 9)
  • जोन 3 – अर्जुन यादव (पार्षद वार्ड नंबर 10)
  • जोन 4 – जेरमिन कुजूर (पार्षद वार्ड नंबर 15)
  • जोन 5 – ओम प्रकाश (पार्षद वार्ड नंबर 27)
  • जोन 6 – अरुण झा (पार्षद वार्ड नंबर 26)
  • जोन 7 – विनोद सिंह (पार्षद वार्ड नंबर 34)
  • जोन 8 – आनंद मूर्ति (पार्षद वार्ड नंबर 37)
  • जोन 9 – उर्मिला यादव (पार्षद वार्ड नंबर 41)
  • जोन 10 – सविता लिंडा (पार्षद वार्ड नंबर 51)

विशेष वर्ग के पार्षदों में दिखी नाराजगी

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वहीं, जिला योजना समिति और स्टैंडिंग कमिटी के चुनाव में निष्पक्षता को लेकर एक वर्ग विशेष से जुड़े कई पार्षदों ने आपत्ति जतायी. उनका कहना था कि निगम के कुछ आला अधिकारियों की मिलीभगत के कारण इस तरह का जोन विभाजित किया गया, ताकि संबंधित वर्ग विशेष के पार्षदों का चयन नहीं किया जा सके. जोन में एक विशेष वर्ग के लोगों को ही बहुमत में सदस्य बनाया गया, जिसके कारण चुनाव में आरक्षण नीति का खुलकर उल्लंघन किया गया. ऐसा आरोप लगानेवालों में वार्ड 16 की पार्षद नजिमा रजा, वार्ड 17 की पार्षद शबाना खान, वार्ड 22 की पार्षद नाजिया अजमल, वार्ड 23 की पार्षद साजदा खातून, वार्ड 49 की पार्षद जमीला खातून शामिल हैं.

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क्या है योजना समिति और स्टैंडिंग कमिटी का उद्देश्य

स्टैंडिंग कमिटी को एक तरह से मिनी कैबिनेट की संज्ञा दी जा सकती है. इसका कार्य आपातकालीन दशा में सभी पार्षदों के बोर्ड बैठक में जमा नहीं हो पाने पर संबंधित स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य बैठक कर प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे सकते हैं. वहीं, जिला योजना समिति का उद्देश्य है हर साल बजट के पहले बजट में शामिल करने के लिए कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव भेजना, सभी विभागों के तहत महीनेवार अलग-अलग कार्यों की योजना बनाना, उसे बजट में शामिल कराना एवं किस क्षेत्र में कौन सा कार्य व कितनी लागत से होगा, उससे योजना तैयार करना प्रमुख है. इसके अलावा योजना समिति के सदस्य अपने पास निर्धारित लक्ष्य जैसे कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा व अन्य से संबंधित विकास कार्य में सलाह दे सकते हैं. वहीं, मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकताओं व संभावनाओं के बारे में चर्चा कर सलाह लेकर प्रस्ताव भेज सकते हैं. इसी प्रकार जिले के गंभीर मुद्दों पर भी सलाह व विचार कर प्रभारी मंत्री को अवगत करा सकते हैं, जिससे जिले की समस्या से मुख्यमंत्री भी अवगत हो पायेंगे.

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सदस्यों को होगा यह अधिकार

विभिन्न विभागीय योजनाओं के अंतर्गत होनेवाले निर्माण कार्यों व प्रस्ताव भेजने के संबंध में सलाह लेना व देना, वहीं उस विषय पर चर्चा करना जिला योजना समिति के सदस्यों का अधिकार है. जिस सदस्य के क्षेत्रांतर्गत कोई भी समस्या व मांग है, उसे बजट में शामिल कराने के लिए मीटिंग में वह अपनी बात रख सकते हैं.

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