न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

RJD का अंदरुनी कलह आया सामने, रघुवंश प्रसाद ने लालू यादव को लिखा पत्र

690

Patna: बिहार की प्रमुख विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की अंदरुनी कलह सामने आयी है. पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद को पत्र लिखा जिसके माध्यम से रविवार को अंदरुनी कलह सामने आ गया.

इसे भी पढ़ें- जमशेदपुर: घर घुसकर मां-बेटी के साथ की मारपीट व छेड़छाड़, रघुवर दास के समर्थकों पर आरोप

प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह की कार्यशैली पर उठाया सवाल

राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह की कार्यशैली पर सवाल उठाते रहे रघुवंश ने पार्टी प्रमुख को 9 जनवरी को लिखे पत्र में कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव में अब कुछ 250-300 दिन का ही समय बचा है, लेकिन अभी तक पार्टी की बूथ स्तरीय, पंचायत, प्रखंड, जिला, राज्य और राष्ट्रीय समिति का भी गठन नहीं हुआ है.

राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह की कार्यशैली पर सवाल उठाते रहे लालू प्रसाद यादव को पत्र लिखा है.

उन्होंने पत्र की एक प्रति बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता और राजद के अगले प्रमुख के रुप में देखे जा रहे तेजस्वी प्रसाद यादव और जगदानंद को भी भेजी है. उन्होंने कहा है कि ‘संगठन के बिना संघर्ष और संघर्ष के बिना संगठन’ मजबूत नहीं होता.

इसे भी पढ़ें- #ModiGovt का बड़ा फैसला- अब वीआइपी सुरक्षा में तैनात नहीं होंगे NSG कमांडो

राजद के सामने चुनौतियां जबरदस्त लेकिन विमर्श नहीं

रघुवंश ने आगे लिखा है कि देश और प्रदेश की जो परिस्थिति है उससे स्पष्ट है कि सिवाय लड़ाई के दूसरा रास्ता नहीं बचा. राजद के सामने चुनौतियां जबरदस्त हैं लेकिन पार्टी में इसको लेकर विमर्श तक नहीं हो रहा.

उन्होंने लिखा है कि सत्ताधारी दल (जदयू और भाजपा) प्रतिदिन विपक्ष पर निशाना साधते हैं, लेकिन हम उन्हें जवाब देना तो दूर, उसपर विमर्श भी नहीं करते.

रघुवंश ने कहा कि महागठबंधन का सबसे बड़ा घटक दल होने के नाते अन्यों को साथ लेकर चलने की जिम्मेदारी हमारी है. उनका इशारा जगदनांद द्वारा महागठबंधन के भीतर निर्णय को लेकर घटक दलों की एक कोर कमेटी बनाने की मांग ठुकराये जाने की ओर था. 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like