West Bengal

हावड़ा में भी बनेगा रिवर ट्रैफिक गार्ड, दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस सतर्क

विज्ञापन

Kolkata. कोलकाता रिवर ट्रैफिक गार्ड के बाद अब हावड़ा में भी बनेगा रिवर ट्रैफिक गार्ड. अक्सर गंगा नदी में घटी दुर्घटना के बाद हावड़ा पुलिस कोलकाता रिवर ट्रैफिक गार्ड की मदद लेती है. इसके बाद ही किसी डूबे हुए व्यक्ति का शव बरामद कर पाना संभव होता है लेकिन हावड़ा सिटी पुलिस खुद ही रिवर से संबंधित मामलों को सुलझाने में सक्षम होगी.

इसके लिए हावड़ा पुलिस की ओर से मध्य हावड़ा के गंगा किनारे या फिर शालीमार इलाके में जमीन देखी जा रही है, जहां पर रिवर ट्रैफिक गार्ड का कार्यालय बनाया जा सके. गंगा में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस सतर्क हो गयी है और लोगों की सुरक्षा के लिए तत्पर होते हुए रिवर ट्रैफिक गार्ड बनाकर महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है.

पुलिस के अधिकारियों ने किया घाटों का दौरा

राज्य सरकार द्वारा घोषित इस योजना को अब हावड़ा सिटी पुलिस लागू करने जा रही है. इसके लिए हावड़ा सिटी पुलिस के अधिकारी अलर्ट है. इसके तहत हावड़ा सिटी पुलिस के हावड़ा थाना ट्रैफिक गार्ड के प्रभारी जयंत सिंहराय ने हावड़ा के रामक़ृष्णपुर घाट व शिवपुर का दौरा किया. वहीं, गोलाबाड़ी के ट्रैफिक गार्ड के प्रभारी स्वपन हल्दर ने बांधाघाट व गोलाबाड़ी फेरी घाट का दौरा कर सुरक्षा की जांच की. इसके साथ ही फेरीघाट में मौजूद अधिकारियों से व जलसाथी कर्मियों से मुलाकात कर सारी परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली.

advt

यात्रियों को मुहैया कराये जा सकेंगे लाइफ जैकेट

हावड़ा सिटी पुलिस जलसाथी परियोजना पर गंभीरता से काम कर रही है. इस योजना के शुरू हो जाने पर जल्द ही यात्रियों को लाइफ जैकट मुहैया कराया जा सकता है. गौरतलब है कि गत कुछ सालों में गंगा में सफर करने के दौरान कई यात्रियों की मौत गंगा में डूबने से हुई थी. इसके बाद फेरीघाटों में जलसाथी कर्मी को रखा गया था जो कि लाइफ जैकेट के साथ मौजूद होंगे और यात्रियों की सुरक्षा का ध्यान रखेंगे लेकिन अब यह सुरक्षा सीधे तौर पर यात्रियों को ही दी जायेगी.

हावड़ा के फेरीघाट में नियुक्त हैं जलसाथी

हावड़ा के फेरीघाटों में पहले से ही जलसाथी कर्मी नियुक्त किये गये हैं. इस दौरान 750 जेटियों में सीसीटीवी लगाये गये हैं. सर्चलाइट, लाइफ जैकेट समेत कई उपकरण दिये गये हैं. जेटियों की सुरक्षा के लिए जलसाथी कर्मी नियुक्त किये गये. इसके साथ ही गंगा में होनेवाली दुर्घटनाओं को कम करने के लिए ट्रैफिक नियमों को लेकर कई तरह के कड़े कदम उठाये गये हैं.

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button