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नीदरलैंड के फोर्क बॉल चैंपियनशिप को रीना ने कई बार जीता

Vikash pandey

Dhanbad : नीदरलैंड का राष्ट्रीय खेल फोर्क बॉल जिसमें लड़के-लड़कियां एक साथ मिलकर खेलते हैं, इस खेल पर ऑस्ट्रेलियाई दशों का दबदबा है. इस खेल में आगरा, यूपी की रीना सिंह ने कई बार जीत हासिल कर भारत को गौरवान्वित किया है. लड़कों को इस खेल में कई बार अपने खेल से चौकाया है.

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क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय अधिवेशन में हिस्सा लेने धनबाद आयी रीना सिंह से न्यूज विंग ने बातचीत की. उन्होंने बताया कि फ़ोर्क बॉल बास्केटबॉल और नेट बाल खेल के समान ही एक खेल है. जिसमें 4-4 लड़के-लड़कियां मिलकर खेलते हैं. इसमें 3.5 मीटर(11फुट) ऊंचे बास्केट में बॉल डालना होता है. इस खेल में वह पहली भारतीय हैं जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेला है. उन्होंने 1998 में सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका के डरबन में एशिया-ऐफ़्रो चैंपियनशिप खेला और ब्रोंज़ मेडल जीता. 1999 में एडीलेड, आस्ट्रेलिया में हुए विश्व कप में भी क्वालीफाइ किया था.

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भारत की कप्तान- उप कप्तान भी रह चुकी हैं रीना

2000 में एशियन-ओशियाना चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता. इसके बाद 2003 में रीना को उप कप्तान बनाया गया. वह हॉलैंड में हुए वर्ल्ड कप में खेली. इस टूर्नामेंट में भारत ने 12वीं रैंक हासिल की. इसके बाद 2006 में रीना भारत की कप्तान बनी. 2006 में ही होंगकोंग में हुए एशिया-ओशियाना टूर्नामेंट में भारत ने रीना की कप्तानी में कांस्य पदक जीता. 2007 में चेक गणराज्य में तीसरा वर्ल्ड कप खेल कर लगातार तीन वर्ल्ड कप खेलने वाली पहली भारतीय बनी. इसमें भारत ने क्वार्टर फाइनल खेला और 8वां रैंक प्राप्त किया. इसी साल दोबारा भारत की कप्तान बनी और एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल दिलाया.

भारत की पहली अंतरराष्ट्रीय महिला रेफरी बनने का भी प्राप्त है गौरव

फोर्क बॉल में खिलाड़ी के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाली रीना सिंह पहली भारतीय महिला हैं जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेफरी बनने का भी गौरव हासिल है. इसके अलावा 2006 में रीना को अर्जुन अवार्ड के लिए भी नोमिनेट किया जा चुका है. वर्तमान में क्रीड़ा भारती ब्रज प्रांत की प्रमुख भी हैं और गांव-गांव जाकर बच्चों को मार्शल आर्ट सिखाती हैं. मार्शल आर्ट में भी ब्लैक बेल्ट प्राप्त है. रीना ने कहा कि झारखंड में बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं. इनके पारंपरिक खेल जैसे तीरंदाजी, हॉकी, कबड्डी आदि में झारखंड ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है. इसे और अधिक प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.

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