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रिम्स की पीजी सीटों पर आया खतरा टला, केंद्र ने दी 250 सीटें करने पर सहमति

स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे की कोशिश रंग लायी है

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 Ranchi: रिम्स के पीजी सीटों पर लटकी तलवार का खतरा अब खत्म हो गया है. शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे की कोशिश रंग लायी है. जिससे एमसीआई ने सीट खत्म नहीं करने का भरोसा दिया है. इससे पहले एमसीआई की ओर से सभी 198 पीजी सीटों  को रद्द करने की बात कही गयी थी. दरअसल रिम्स  प्रशासन ने समय पर सारी जानकारी अपलोड नहीं किया था. जिससे एमसीआई नाराज था. अगर यह जानकारी आज नहीं मिलती तो रिम्स की सभी 198 पीजी सीटों पर पढ़ने वाले बच्चों को बर्खास्त कर दिया जाता.

शुक्रवार को इस मसले पर प्रधान सचिव निधि खरे और रिम्स निदेशक ने एमसीआई  की सचिव  रीना नैयर से मिलकर यूजी और पीजी  की सारी जानकारी उपलब्ध कराई, ताकि एमसीआई  सीटों को बरकरार रखे.

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रिम्स को बनाया जाए विश्वस्तरीय

एमसीआई ने भरोसा दिलाया है कि सीटें बरकरार रखी जायेंगी.  प्रधान सचिव निधि खरे ने कहा कि अब चिंता की कोई बात नहीं है. रिम्स निदेशक ने एमसीआई को सभी वांछित जानकारी उपलब्ध करा दी है. भविष्य में आगे भी सभी प्रकार की जानकारी समय से उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी. राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों को इस बारे में निर्देश दिए गए हैं. सरकार की कोशिश है कि रिम्स को वर्ल्ड क्लास बनाया जाए. राज्य के मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले  छात्र होनहार हैं और इन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का डॉक्टर बनाना ही हमारा लक्ष्य है. साथ ही कहा कि एमसीआई की कार्रवाई से झारखंड बच गया है. उन्होंने बताया कि बेहतर डॉक्टर की कमी को दूर करने की कोशिश चल रही है.

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सीट बढ़ाने की मिली सहमति

उन्होंने कहा कि रिम्स की सीटें बढ़ाकर 150 से 250 करने पर भारत सरकार ने सहमति दे दी है. इसके बाद अब एमसीआई की टीम रिम्स का निरीक्षण करने आएगी. जिसमें निरीक्षण फी के मद में शुक्रवार को तीन लाख रुपया झारखंड की तरफ से एमसीआई में जमा कराया गया है. साथ ही रिम्स ने शैक्षणिक सत्र 2018-19 में पढ़ाई शुरू करने की अनुमति के लिए आवेदन भी दिया है.

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