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रिम्स प्रबंधन की नाकामी, टेंडर समाप्त होने के बाद भी काम कर रहीं आउटसोर्सिंग एजेंसियां

टेंडर निकालने के बाद भी नहीं हो सकी है अब तक एजेंसियों की बहाली

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  • रिम्स के किचन, लैब और सुरक्षा का काम देख रही आउटसोर्सिंग एजेंसियों के टेंडर समाप्त

Ranchi: राज्य सरकार रिम्स की व्यवस्था को पूरी तरह से सुचारू करने को लेकर तत्पर दिख रही है. पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ने दौरा कर कई निर्देश जारी किये थे. बावजूद रिम्स की व्यवस्था बेपटरी दिख रही है. टेंडर समाप्त होने के बाद भी आउटसोर्सिंग एजेंसियों को हटाया नहीं गया है. राज्य के सबसे बड़े अस्पतालों के कई विभागों का जिम्मा आउटसोर्सिंग कंपनियों के जिम्मे है. इन्हीं निजी एजेंसियों के बल पर लैब, सुरक्षा, मेस सहित कई अन्य जरूरी चीजों का संचालन किया जाता है. रिम्स प्रबंधन की लापरवाही के कारण ही किचन, लैब और सुरक्षा का जिम्मा देख रही एजेंसियों के टेंडर समाप्त हो गये हैं. इसके बावजूद वे अभी तक काम कर रही हैं. इन्हीं कामों को देखने के लिए प्रबंधन ने टेंडर तो निकाला पर किसी को निर्धारित समय तक फाइनल नहीं कर सका है.

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प्राइम किचन सर्विस का टेंडर 5 जून को ही हो गया समाप्त

हॉस्पिटल में किचन के संचालन के लिए प्राइम किचन सर्विस काम कर रही है. प्राइम किचन सर्विस का टेंडर 5 जून को ही समाप्त हो गया था, इसके बावजूद वह अभी तक काम कर रही है. किचन के संचालन के लिए टेंडर फरवरी में ही निकाला गया था. चार एजेंसियों ने टेंडर प्रक्रिया को पूरा किया था. चार महीने बीत जाने के बाद भी टेंडर प्रक्रिया को पूरा नहीं किया जा सका है.

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30 जून को ही समाप्त हो गया लैब का टेंडर

मरीजों की जांच से सबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए सेंट्रल कलेक्शन सेंटर लैब की शुरुआत की गयी थी. जील इंडिया को ब्लड कलेक्शन का जिम्मा दिया गया था. जील इंडिया की टेंडर अवधि 30 जून तक ही थी. टेंडर अवधि खत्म होने के बाद भी जील इंडिया को न तो एक्सटेंशन दिया गया है न ही किसी नयी एजेंसी का चयन किया गया है.

सुरक्षा के लिए कई एजेंसियों का हुआ चयन, पर नहीं किया गया फाइनल

रिम्स की सुरक्षा का जिम्मा ऐवरेस्ट ह्यूमन सुरक्षा एजेंसी के जिम्मे है. सुरक्षा का जिम्मा दूसरी एजेंसी को देने के लिए प्रबंधन कई बार टेंडर निकाल चुका है. कई एजेंसियों को चुना भी गया, लेकिन एक भी एजेंसी का नाम फाइनल नहीं हो सका है. एवरेस्ट ह्यूमन को पांच सालों से हर साल एक्सटेंशन दिया जा रहा है.

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