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रिम्स : मरीज को खून दिलाने के नाम पर दलाल ने लिये दो हजार रुपए 

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Ranchi: रिम्स अस्पताल परिसर में दलालों का नेटवर्क इस कदर हावी है कि हर काम कराने के एवज में रुपये ऐंठ लेते हैं. उनके चंगुल में फंसनेवाले गरीब और लाचार मरीजों के परिजन होते हैं. अभी दो दिन पहले ही अस्पताल में इम्प्लांट खरीदने का मामला सामने आया था. यह मामला अभी ठंढा भी नहीं हुआ था कि दलाली का एक और मामला सामने आ गया. शनिवार को एक मरीज को खून दिलाने के नाम पर पैसे लेने के आरोप में रंजीत दुबे नाम के व्यक्ति को हिरासत में लिया गया. उसे बरियातू थाना ले जाकर पुलिस पूछताछ कर रही है.

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विद्या तिवारी से दलाल ने लिए दो हजार रुपए


कोडरमा निवासी विद्या तिवारी की पत्नी को पांव में कैंसर हो गया है. वह रिम्स के सर्जरी वार्ड में भर्ती हैं जहां डॉ विनोद कुमार की देखरेख में इलाज चल रहा है. डॉक्टर ने विद्या तिवारी को तीन बोतल खून का इंतजाम करने को कहा था. जिसके बाद एक परिचित व्यक्ति के माध्यम से रंजीत दुबे ने उन्हें खून उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था. इस काम के एवज में रंजीत ने दो हजार रुपए की मांग की थी. विद्या तिवारी ने बताया कि सोमवार को ही रंजीत को दो हजार रुपए दिये थे, लेकिन वह फिर नजर नहीं आया और न ही खून ही उपलब्ध कराया. पीड़ित विद्या तिवारी ने उक्त मामले की शिकायत रिम्स थाना में दर्ज करायी.

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विद्या की पत्नी को है कैंसर, डॉक्टर ने कहा- काटना होगा पैर

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विद्या तिवारी ने बताया कि वे बहुत गरीब व्यक्ति हैं, उनकी पत्नी के पांव में कैंसर हो गया था. जिसके बाद डॉक्टर ने पत्नी का पैर काटने का परामर्श दिया था और तीन बोतल खून का इंतजाम करने को भी कहा था. काफी विनती करने पर डॉक्टर ने एक बोतल खून उपलब्ध करा दिया. लेकिन दो और बोतल खून की व्यवस्था करने को कहा गया था. इसी दौरान रंजीत से मुलाकात हुई. रंजीत ने आसानी से खून उपलब्ध कराने की बात कही, लेकिन इसके एवज में दो हजार रुपए जमा करने को कहा. किसी तरह इंतजाम कर उसने दो हजार रुपए रंजीत को दे दिए, उन्हें न तो खून मिला और न ही पैसे वापस मिले. वहीं जब रंजीत से पूछा गया कि आप कहां मिलेंगे तो उसने कहा कि पूरा रिम्स ही मेरा घर है, मैं हर वक्त यहीं रहता हूं.

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मैं दलाली नहीं करताः रंजीत


वहीं इस मामले पर रंजीत दुबे ने कहा कि मैं कोई दलाली नहीं करता हूं. मैं इस व्यक्ति को जानता भी नहीं. एक परिचित ने मदद करने को कहा था, इसलिए मैं इसकी मदद कर रहा था.

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