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रिम्स : इलाज की आस में हॉस्पिटल के बाहर ही लावारिस मरीज ने तोड़ा दम

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Ranchi :  हॉस्पिटल के पास लावारिस अवस्था में कई मरीज भटकते रहते हैं. लेकिन, यह दुर्भाग्य ही है कि हॉस्पिटल के पास होते हुए भी उनका इलाज नहीं हो पाता है. अपने इलाज की आस लिये ऐसे ही एक लावारिस मरीज ने मंगलवार को रिम्स के बाहर ही दम तोड़ दिया. हॉस्पिटल के बाहर ही इलाज के अभाव में किसी व्यक्ति की मौत हो जाना अस्पताल की संवेदनहीनता को दर्शाता है. उस लावारिस मरीज की मृत्यु होने के बाद एक अन्य लावारिस मरीज को हॉस्पिटल में भर्ती तो किया गया, लेकिन उसका इलाज शुरू नहीं हो पाया है. वह लावारिस मरीज पहले हॉस्पिटल के बाहर पड़ा हुआ था, अब हॉस्पिटल के अंदर पड़ा हुआ है. स्थानीय लोग बताते हैं कि इन लावारिसों को इनके परिजन रात के वक्त रिम्स परिसर में छोड़कर भाग जाते हैं, जिन्हें रिम्स के कर्मचारी और सामाजिक संस्थाओं की मदद से रिम्स में भर्ती कराया जाता है. जब इनकी सेहत में सुधार होने लगता है, तो ये लोग वापस बाहर निकलकर आ जाते हैं और फिर से बीमार होने लगते हैं. इसके बाद ये लोग भूखे इधर-उधर पड़े रहते हैं. सामान्य लोगों को दया आती है, तो उन्हें खाने का समान, कपड़ा आदि दे देते हैं, नहीं तो ये ऐसे ही पड़े रहते हैं.

रिम्स : इलाज की आस में हॉस्पिटल के बाहर ही लावारिस मरीज ने तोड़ा दम
एक लावारिस मरीज की रिम्स के बाहर मौत के बाद दूसरे लावारिस मरीज को रिम्स में किया गया भर्ती.

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हमारे पास लावारिस मरीज को रखने की कोई सुविधा नहीं है : रिम्स निदेशक

रिम्स निदेशक डॉ आरके श्रीवास्तव ने बताया कि एक लावारिस मरीज की मौत की सूचना मिली है.  पोस्टमॉर्टम के बाद उसे शव गृह में रखा जायेगा. अगर कोई खोजने आता है, तो उसकी पहचान कर उसे सौंप दिया जायेगा. डॉ श्रीवास्तव ने कहा, “हमारे पास लावारिस मरीज को रखने की कोई सुविधा नहीं है. सरकार को लावारिस मरीज के लिए कोई योजना बनानी चाहिए. उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों की मदद से यदि एक लावारिस आश्रय बनवा दिया जाये, तो ऐसे मरीजों को वहां रखा जा सकता है.”

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