HEALTHJharkhandRanchi

#RIMS: रेडियोलॉजी विभाग के एचओडी ने निदेशक को भेजा लीगल नोटिस, 40 लाख क्षतिपूर्ति की मांग की

  • रेडियोलॉजी विभाग में सीटी स्कैन मशीन की खरीदारी को लेकर हुआ था विवाद

Ranchi: रिम्स निदेशक डॉ डीके सिंह और रेडियोलॉजी एचओडी डॉ सुरेश टोप्पो का विवाद अब कोर्ट तक पहुंच गया है. सिटी स्कैन मशीन की खरीद को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था.

डॉ सुरेश टोप्पो ने रिम्स निदेशक द्वारा खुद को अपमानित किये जाने का आरोप लगाया था. झूठा आरोप लगाने को लेकर डॉ टोप्पो ने निदेशक पर मान हानि का केस किया है. रिम्स निदेशक को लीगल नोटिस भेजकर 40 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की है.

डॉ सुरेश टोप्पो ने कहा कि निर्देश पिछले एक साल से 256 स्लाइड की जगह 128 स्लाइड वाली मशीन खरीदने की रजामंदी के लिए मुझपर कई तरह से दबाव बनाते रहे.

advt

जब मैंने उनकी बातें नहीं मानी तो निदेशक ने 27 फरवरी को मुझ पर झूठा आरोप लगाया. ऐसे में विरोध करते हुए मैंने उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज करायी.

अनुसूचित जनजाति आयोग में भी डॉ टोप्पो ने निदेशक के खिलाफ शिकायत की थी. जब किसी ने निदेशक के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया तब उन्होंने कोर्ट में उनके खिलाफ केस किया और 13 मई को उन्हें लीगल नोटिस भेजा.

इसे भी पढ़ें – #Ranchi : हिंदपीढ़ी में प्रशासन और लोगों के बीच झड़प, स्थिति नियंत्रण में

256 स्लाइड की सीटी स्कैन मशीन खरीदारी को लेकर हुआ था विवाद

रिम्स निदेशक और रेडियोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ सुरेश टोप्पो के बीच यह लड़ाई एक साल पुरानी है. रेडियोलॉजी विभाग में सीटी स्कैन की 256 स्लाइड की मशीन की खरीदारी होनी थी.

adv

रिम्स में इससे पहले 128 स्लाइड की सीटी स्कैन मशीन है. डॉ सुरेश टोप्पो ने मशीन को आउटडेटेड बताया था. जबकि, रिम्स निदेशक का कहना था कि अभी इसकी जरूरत रिम्स को नहीं है.

रिम्स निदेशक ने कहा था कि झारखंड में किसी भी अस्पताल में 128 स्लाइड से ऊपर की सीटी स्कैन मशीन नहीं है. ऐसे में सिर्फ किसी के शौक के लिए 26 करोड़ रुपये खर्च नहीं किये जा सकते.

साथ ही रिम्स निदेशक ने कहा कि डॉक्टर टोप्पो के पास क्या एक्सपीरियंस है जो मशीनों को आउटडेटेड घोषित कर रहे हैं. जबकि रिम्स में रेडियोलॉजी की जो मशीन लगी है वह जीई सिमंस कंपनी की है.

वहीं डॉ सुरेश टोप्पो ने कहा था कि ऐसी मशीन खरीद कर क्या फायदा जिसके पार्ट्स कुछ साल बाद नहीं मिलेंगे.

ट्राइबल मेडिकल एसोसिएशन ने इसको लेकर आपत्ति भी जतायी थी और कहा था कि निदेशक किसी डॉक्टर को अयोग्य कैसे कह सकते हैं. इसको लेकर उन्होंने निदेशक से माफी की भी मांग की थी.

इसे भी पढ़ें – #CoronaUpdates : रांची और गढ़वा से मिले एक-एक नये कोरोना पॉजिटिव मरीज, राज्य का आंकड़ा पहुंचा 217

advt
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button