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रिम्स में 14 दिनों से खराब है बायोकेमिकल मशीन, बेखबर है सुपरीटेंडेंट

मरीजों से सैंपल तो ले लिया जाता है, लेकिन जांच रिपोर्ट के लिए उन्हें बार-बार जांच केंद्र का चक्कर काटना पड़ रहा है.

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Ranchi: प्रदेश का सबसे बडा अस्पताल रिम्स जहां सूबे के दूर-दराज क्षेत्र से लोग अपना ईलाज कराने आते है, क्योंकि सभी को इस अस्पताल से बेहतर ईलाज की उम्मीद रहती है. लेकिन स्थिति ठीक इसके विपरित है. यहां की अव्यवस्था देख मरीज दुबारा इस अस्पताल में अपना ईलाज कराना नहीं चाहते हैं. रिम्स में जांच संग्रह केंद्र की स्थापना मरीजों के बेहतर जांच के लिए किया गया था. जहां आउटडोर के सभी पैथोलॉजिकल जांच के लिए सैंपल लिए जाते है. लेकिन बीते 14 दिनों से मरीजों को यहां टेस्ट का रिपोर्ट नहीं मिल पा रहा है. मशीन में आई तकनीकी खराबी के कारण सैंपल की जांच नहीं हो पा रही है. सभी को जांच रिपोर्ट नहीं मिलने में कई प्रकार की असुविधाएं हो रही है. मरीजों से सैंपल तो ले लिया जाता है, लेकिन जांच रिपोर्ट के लिए उन्हें बार-बार जांच केंद्र का चक्कर काटना पड़ रहा है.

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दो हफ्ते से खराब है मशीन

कर्मचाकिरयों ने बताया कि जांच संग्रह केंद्र के एयू480 बायोकेमिकल टेस्ट मशीन में डार्क एरर आ जाने के कारण मशीन काम नहीं कर रहा है. जिसके कारण लोगों को जांच रिपोर्ट समय पर नहीं मिल पा रहा है. इससे संबंधित एक पत्र बीते 14 अगस्त को ही विभागाध्यक्ष को लिखा गया था लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हो सका है. मशीन में आई इस खराबी के कारण बायोकेमिकल टेस्ट से संबंधित जांच में बाधा उत्पन्न हो रही है.

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परेशान हैं मरीजों के परीजन

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रांची समेत आस-पास के जिलों से ईलाज कराने आये लोग जांच रिपोर्ट की आस में पूरे दिन केंद्र में बैठे रहे, लेकिन उन्हे निराशा ही हाथ लगा. बीते 14 दिनों से लगातार मरीज के परिजनों को खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है. पुरूलिय़ा से छाती में ट्यूमर का टेस्ट कराने आये रंजन मुंडा ने बताया कि 23 अगस्त को ही टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया था लेकिन अबतक जांच रिपोर्ट नहीं मिला है. प्रतिदिन रिपोर्ट लेने के लिए आते है लेकिन हर दिन टेस्ट नहीं हुआ कह कर लौटा दिया जाता है.

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मामले से अंजान है रिम्स सुपरिटेंडेंट

इस मामले पर रिम्स सुपरीटेंडेंट विवेक कश्यप से पुछा गया तो उन्होने बताया कि मैं तीन दिन से बाहर हूं. मुझे अभी इसकी कोई जानकारी नहीं है. मामले से संबंधित कोई पत्र आया होगा तो उस पर तुरन्त कार्रवाई की जाएगी तथा जल्द से जल्द मशीन को ठीक कराया जाएगा.

बायोकेमिकल टेस्ट मशीन में खराबी आने से एसजीपीटी, एसजीओटी, अल्क्लाइन, फास्फेट, कॉलेस्ट्राल, टोटल प्रोटीन, एल्बुमिन, एमाइलेज, टोटल बिलरुबिन समेत 12 प्रकार के टेस्ट पर असर पड़ रहा है.

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