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रिम्स जीबी की बैठक : नर्सिंग स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए नियुक्ति विज्ञापन निकालने पर होगा निर्णय

OPD कॉम्पलेक्स, डायग्नोस्टिक ब्लॉक मातृ एवं शिशु हॉस्पिटल पर भी होगी चर्चा

Ranchi: रिम्स में आज जीबी की बैठक आयोजित की जाएगी. जीबी के बैठक में नर्सिंग स्टाफ की कमी पर भी निर्णय लिया जाएगा. रिम्स के लिए ये एक बड़ी समस्या है. बता दें कि पूर्व में भी 362 स्टाफ नर्स की बहाली को लेकर विज्ञापन निकाला गया था. जिसपर अनियमितता का आरोप लगने के बाद इसे रद्द कर दिया गया था. इस बैठक में नर्सिंग स्टाफ के लिए नये सिरे से विज्ञापन निकालने का प्रस्ताव रखा गया है. इस बार 362 की जगह 370 नर्सो की बहाली की बात कही जा रही है. वहीं महिला के साथ ही पुरुष नर्सिंग स्टाफ की भी बहाली की जाएगी.

जीबी के एजेंडे में सुपरस्पेशलिटी और मेटर्नल एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के निमार्ण, ओपीडी कॉम्पलेक्स और डायग्नोस्टिक ब्लॉक के निर्माण को लेकर प्रशासनिक स्वीकृति पर चर्चा होगी.इसके लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में ही राशि रिम्स को उपलब्ध करा दी गयी है. वहीं, ई-हॉस्पिटल लागू करने को लेकर पहला चरण पूरा होने के बाद दूसरे चरण में सभी विभागों को कम्प्यूटरीकृत कराने के लिए 1.5 करोड़ के बजट स्वीकृति पर भी निर्णय किया जाएगा.

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डेंटल कॉलेज में सत्र 2021-22 पर लग सकती है रोक

रिम्स डेंटल कॉलेज में सत्र 2021-22 में नामांकन पर रोक लग सकती है. डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (डीसीआई) ने इसके लिए केंद्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिख मान्यता नहीं देने की अनुशंसा की है. पूर्व में डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया ने डेंटल कॉलेज में सत्र 2021-22 में नामांकन की अनुमति को लेकर निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान कई खामियां पाई गयी थी. जिसे दूर करने के लिए रिम्स प्रबंधन को समय दिया गया था. रिम्स प्रबंधन मान्यता बचाने के लिए क्या कदम उठा रही है, इससे अवगत कराने को लेकर 31 जनवरी तक का समय दिया गया है. इसको लेकर रिम्स प्रबंधन आनन-फानन में शासी परिसद की बैठक कर रहा है.

रिम्स प्रबंधन तैयारियों में जुटा

रिम्स प्रबंधन ने इस बार शासी परिषद के एजेंडे में डेंटल कॉलेज के पुस्तकालय के लिए आवश्यक पुस्तकें व पत्रिकाएं और ई-बुक और ई-जरनल्र्स की खरीद के लिए करीब 60 लाख की स्वीकृति पर निर्णय को शामिल किया है. साथ ही रीडर के तीन पद पर नियुक्ति में एसटी/एससी और ओबीसी के पद सृजित थे. जबकि इस कोटी में कोई भी चिकित्सक नहीं मिल रहा था. इसलिए रीडर के पद में अनारक्षित कोटी के अभ्यार्थियों के चयन पर निर्णय लिया जाना है.

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प्राचार्य बिन डेंटल कॉलेज, नियुक्ति के लिए जीबी में नहीं है एजेंडा

डेंटल कॉलेज बिना प्राचार्य के ही संचालित हो रहा है. डीसीआई ने इसपर भी सवाल उठाया था. पूर्व में ही प्राचार्य के पद में नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकालने के बाद इसे रद्द कर दिया गया था. जब कॉलेज के मुखिया ही नहीं रहेंगे तो रिम्स को मान्यता कैसे मिलेगी. जीबी में प्राचार्य की नियुक्ति से संबंधित महत्वपूर्ण एजेंडे को दरकिनार कर दिया गया है. इसके अलावा डेंटल कॉलेज में कई जरूरी उपकरण भी नहीं हैं. यहां तक कि कई विभाग भी नहीं हैं. जिसपर डीसीआई ने सवाल उठाया था. इस सब पर भी कोई विचार नहीं किया जा रहा है.

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