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एम्स की तर्ज पर रिम्स के डॉक्टरों को मिलेगा सातवें वेतनमान का लाभ

रिम्‍स शासी परिषद की बैठक में लिये गये कई महत्‍वपूर्ण निर्णय

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Ranchi: रिम्स प्रबंधन द्वारा नियुक्त मेडिकल टीचर्स और नन मेडिकल टीचर्स दोनों को एम्स, नई दिल्ली की तर्ज पर सातवें वेतनमान का लाभ मिलेगा. रिम्स शासी परिषद की बैठक में इस निर्णय पर सहमति बनी. डॉक्टरों को एम्स के तर्ज पर सातवें वेतनमान के लिए एम्स का प्लान देख कर लागू किया जाएगा. हालांकि रिम्स में सरकार द्वारा नियुक्त डॉक्टरों को इसका लाभ नहीं मिलेगा. रिम्स के सरकारी डॉक्टरों ने इसपर विरोध भी जताया है. शासी परिषद की बैठक स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी की अध्यक्षता में की गयी. इस बैठक में मुख्यतः 5 एजेंडों पर चर्चा हुई. इसमें मुख्य रूप से डॉक्टरों को एम्स की तर्ज पर वेतन देने का एजेंडा शामिल था. इस बैठक में स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी, सांसद रामटहल चौधरी, रिम्स प्रभारी निदेशक डॉ. आरके श्रीवास्तव, उपाधीक्षक डॉ. संजय कुमार व अन्य मौजूद थे. 3 घंटे तक चली इस महत्वपूर्ण बैठक में कई निर्णय लिये गये.

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रिम्‍स में लिये गये प्रमुख निर्णय

  • स्थायी निदेशक के लिए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया.
  • फायर फाइटिंग के लिए कोलकाता के कंपनी को लेकर स्वीकृति दी गयी.
  • 5 शव वाहन खरीदने के लिए स्वीकृति 1 माह के अंदर होगा.
  • एजेंसी के द्वारा 222 परमानेंट नर्सों की बहाली होगी
  • दो महीने के अंदर थर्ड ग्रेड और फोर्थ की बहाली होगी
  • रिम्स में जिम का संचालन होगा, जिसमें 200 रुपए प्रति माह छात्रों से लिया जाएगा
  • 1000 रुपये प्रतिदिन पेइंग वार्ड के मरीजों को अब खाना भी मिलेगा
  • हड़ताल के दौरान हुए घटनाओं के लिए स्पष्‍टीकरण देने को कहा गया
  • रिम्स में संचालित कैफ़े को हटा कर फिर से टेंडर निकाला जाएगा

इन एजेंडों पर भी हुई चर्चा

रिम्स के कैंसर, जीरियाट्रिक्स डिपार्टमेंट और रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थेल्मोलॉजी के लिए मशीनों की खरीद के लिए आमंत्रित किए जाने वाले टेंडर में भी संशोधन किया जायेगा. टेंडर में लेटर ऑफ क्रेडिट की शर्त नहीं होने के कारण विदेशों से आयात होने वाली मशीनों की खरीद में दिक्कत आ रही है. इसमें संशोधन करने के निर्णय को सहमति से स्वीकृति दी गयी.

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स्थायी निदेशक की मिली मंजूरी

रिम्स के स्थायी निदेशक पद पर बीएचयू के डॉ. दिनेश कुमार सिंह की नियुक्ति के नाम पर मुहर लगी. मुख्यमंत्री ने उनके नाम पर अपनी सहमति पहले ही दे दी है. यह भी निर्णय हुआ कि निदेशक और  अध्यक्ष की वित्तीय शक्तियों में पहले से इजाफा किया जाएगा. रिम्स के भवनों के रखरखाव और उसके प्रशासनिक अनुमोदन के लिए निदेशक और शासी परिषद के अध्यक्ष की वित्तीय शक्तियां बढ़ाई जाएंगी. इसके अनुसार अब छोटी-मोटी मरम्मती के लिए निदेशक 25 लाख तक की राशि का अनुमोदन अपने स्तर से कर सकेंगे. पहले यह राशि 5 लाख थी. इसी तरह साधारण मरम्मती के लिए एक लाख और वार्षिक मरम्मती के लिए 25 लाख का अनुमोदन रिम्स निदेशक अपने स्तर से कर सकेंगे. रिम्स परिषद के अध्यक्ष सह स्वास्थ्य मंत्री के वित्तीय अनुमोदन की राशि भी बढ़ाई जाएगी.

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नर्सों की होगी स्थायी बहाली

बैठक में नर्सों की कमी को दूर करने के लिए स्थायी रूप से नर्सों की बहाली पर सहमति जतायी गयी है. जिसके लिए 222 नर्सों की बहाली करने की स्वीकृति‍ दी गयी. वहीं रिम्स में थर्ड और फोर्थ ग्रेड में कर्मियों की कमी को भी दूर करने की दिशा में निर्णय लिया गया. थर्ड और फोर्थ ग्रेड कर्मचारियों की बहाली 2 महीने के अंदर करने का निर्णय लिया गया.

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पांच शव वाहनों की होगी खरीदारी

रिम्स में असहाय मरीज के परिजनों को शवों ले जाने में किसी प्रकार की परेशानी ना हो, इसके लिए पांच शव वाहन की खरीदने की अनुमति दी गयी है. वहीं रिम्स के डॉक्टरों के लिए जिम के लिए शासी परिषद ने अपनी स्वीकृति दी है. इसके लिए मेडिकल स्टूडेंट्स को हर महीने 200 रुपये फीस देनी होगी.

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हड़ताल पर जानेवाली कर्मचारियों को चिन्हित कर दोषियों पर होगी कारवाई

बैठक में सचिव ने रिम्स में हड़ताल पर जाने वाली नर्सों को चिन्हित कर कड़ी कार्यवाही करने का आदेश दिया है. इसके लिए हड़ताल के दौरान दोषियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. उसी आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी.

अब पेइंग वार्ड के मरीजों को भी मिलेगा मुफ्त खाना

शासी परिषद की बैठक में पेइंग वार्ड में भी मुफ्त खाना उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया. 100 बेड वाले पेइंग वार्ड के लिए 1000 रुपये रोज के हिसाब से चार्ज फिक्स किया गया था. यहां भर्ती मरीजों को प्रबंधन की ओर खाने की सुविधा नहीं दी जाती थी. लेकिन वर्तमान में पेइंग वार्ड में रहने वाले मरीजों के लिए के लिए खाना भी मुहैया किया जाएगा.

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