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रिम्स के डॉक्टर का कमालः टूटी हड्डी तो लिख दिये 16 एक्स-रे, परेशान मरीज ने छोड़ा वार्ड

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Chandan Choudhary

Ranchi: लोगों के जब हाथ या पैर में किसी तरह का कोई फ्रैक्चर या गहरी चोट हो तो डॉक्टर उसे एक्स-रे कराने की सलाह देते है. एक, दो, तीन या कभी-कभी चार-पांच भी एक्स-रे कराने का परामर्श दिया जाता है. लेकिन उस स्थिति को आप क्या कहेंगे जब किसी मरीज को कोई डॉक्टर 16 एक्स-रे कराने का परामर्श दे दे. कुछ ऐसा ही वकैया हुआ है राज्य के सबसे बडे हॉस्पिटल रिम्स में, बीते दिनों शकंर शर्मा नामक व्यक्ति रिम्स के ऑर्थो वार्ड में भर्ती हुआ. उसकी हड्डी टूट गई थी. रिम्स के पीजी डॉक्टरों ने शंकर को एक ही बल्कि 16 एक्स-रे कराने की सलाह दी.

9 दिसंबर को शंकर का एक्स-रे किया गया था. रेडियोलॉजी विभाग के इंचार्ज सोनेलाल राय ने बताया कि किसी भी मरीज का इतना ज्यादा एक्स-रे लिखना मेरे भी समझ से बाहर है. ऐसे में हमलोगों का भी समय बर्बाद होता है और अंत में कुछ निकलता भी नहीं. हल्के फ्रेक्चर के लिए भी डॉ एक-एक मरीज को 10 से 12 एक्स-रे लिख देते है.

2 से 9 वाले शिफ्ट में डॉक्टर करते हैं लापरवाही

रेडियोलॉजिस्ट के मानें तो इस तरह के ज्यादातर केस दोपहर 2 से रात्री 9 बजे वाले शिफ्ट में आ रहे है. डॉक्टर किसी को 8 किसी को 12 तो किसी को 16 एक्स-रे प्रेसक्राइब कर रहे हैं. इसकी शिकायत भी प्रबंधन से की गई है. रेडियालॉजिस्ट ने बताया ज्यादा एक्स-रे लिखे जाने पर प्लेट भी ज्यादा लगाना पड़ता है, और इसमें समय भी ज्यादा लगता है. सामान्यत: जहां एक मरीज का 5 से 7 मिनट एक्स-रे करने में लगता है, वहीं इनमें आधा घंटा से भी ज्यादा समय लग जाता है. एक्स-रे करने वालों के साथ-साथ मरीज को भी तकलीफ होती है.

केस स्टडी

केस 1

मरीज शंकर शर्मा जिसकी पर्चा संख्या 65596 है. इसे डॉक्टर ने 16 एक्स-रे कराने की सलाह दी. 9 दिसंबर को शंकर का एक्स-रे किया गया है. न्यूजविंग संवाददाता ने मरीज से मिलने का काफी प्रयास किया, लेकिन मरीज वार्ड में नहीं था.

केस 2

मरीज अजय कुमार भी ऑर्थो वार्ड में भर्ती था. इसकी पर्चा संख्या 65593 है. इसे भी डॉक्टर ने 8 एक्स-रे कराने का परामर्श दिया था. अजय का भी 9 दिसंबर को ही एक्स-रे हुआ है. यह मरीज भी वार्ड में भर्ती नहीं पाया गया.

केस 3

सलारे हुसैन नामक व्यक्ति को डॉक्टर ने 10 एक्स-रे कराने की सलाह दी थी. सलारे की पर्चा संख्या 64815 है. 8 दिसंबर को इन्होंने एक्स-रे कराया है. मरीज को ढूढंने का प्रयास किया गया, लेकिन यह भी वार्ड में नहीं पाया गया. इसके आलावा भागेश्वर सिंह को 12, सकराम केरकेट्टा को 8 कई मरीजों को पांच से ज्यादा एक्स-रे कराने का परामर्श दिया गया था. सभी मरीजों ने रात वाले शिफ्ट के डॉक्टरों से इलाज कराया था. ऑर्थो वार्ड के कुछ मरीजों से बात करने पर पता चला की डॉक्टर सिर्फ दर्द की बात सुनकर ही एक्स-रे कराने कह देते है. जांच भी नहीं करते. सिर्फ हाथ या पांच में दर्द की समस्या भी लेकर पीजी डॉक्टर के पास जाते है तो 4-5 एक्स-रे लिख दिया जाता है.

ज्यादा एक्स-रे से क्या है खतरा

रेडियोलॉजिस्ट बताते हैं कि ज्यादा एक्स-रे हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो सकते हैं. एक्स रे और अल्ट्रावॉयलेट रेडिएशन हमारे डीएनए में मौजूद केमिकल बॉन्ड को तोड़ने की क्षमता रखते हैं. इससे कैंसर की भी संभावना बढ़ जाती है. कई ऐसे सोसाइटी है जो यह शोध कर रही है कि क्या इन रेडिएशन से दिमाग, सिर और गले में ट्यूमर हो सकता है.

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