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रिम्‍स: डिस्‍पोजेबल बेडशीट की योजना ही हो गयी डिस्‍पोज

मरीज को इंफेक्‍शन से बचाने के लिए डिस्‍पोजेबल बेडशीट देने का रिम्स प्रबंधन ने लिया था निर्णय

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Ranchi: रिम्स में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को इंफेक्शन से बचाने के लिए डिस्‍पोजेबल बेडशीट देने का निर्णय लिया गया था. लेकिन, अबतक इसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है. अब भी मरीजों को सफेद चादर ही उपलब्ध कराया जा रहा है. जिसकी प्रतिदिन धुलाई भी नहीं होती. मरीज एक ही चादर कई दिनों तक इस्तेमाल करते हैं. बार-बार कहने पर भी नर्स बेडशीट नहीं बदलती हैं. इससे मरीजों के साथ-साथ उनके परिजन एवं वहां के डॉक्टरों को भी इंफेक्शन का खतरा बना रहता है. इन्हीं खतरों को देखते हुए रिम्स प्रबंधन द्वारा डिस्‍पोजेबल बेडशीट के उपयोग का निर्णय लिया था. इस निर्णय को लिये पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन इस दिशा में कोई अभी तक कोई पहल नहीं हो सकी है. हांलाकि रिम्स सुप्रीटेंडेंट डॉ विवेक कश्यप ने भी यह स्वीकार करते हुए कहा कि हां यह निर्णय तो लिया गया था, लेकिन इसके आगे फिर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. अगली बैठक में फिर से मामले को उठाया जायेगा.

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ट्रायल भी नहीं हो सका

रिम्स के इमरजेंसी वार्ड में डिस्‍पोजेबल बेडशीट का ट्रायल होना था लेकिन, वह भी नहीं सका. इमरजेंसी वार्ड की हालत और भी ज्यादा खराब रहती है. गंदे चादर पर ही मरीज को लिटा दिया जाता है. इसके बाद काफी देर तक मरीज ऐसे ही पड़े रहते हैं. जबतक डॉक्‍टर आकर उसका इलाज न करें. इससे मरीज की परेशानी और बढ़ जाती है. निर्णय के अनुसार इमरजेंसी में आने वाले हर मरीज को डिस्‍पोजेबल बेडशीट दिया जाना था. साथ ही वार्ड में शिफ्ट करते ही बेडशीट को डिस्पोज कर देने की योजना थी.

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इमरजेंसी में कई बार बेडशीट हो जाता है बर्बाद

रिम्स इमरजेंसी में गंभीर मरीजों को लाया जाता है. ऐसे में कई बार घायलों के बॉडी से निकलने वाले खून बेडशीट में लग जाते हैं. इतना ही नहीं, कई बार मरीज बेडशीट पर ही टॉयलेट कर देते हैं. ऐसे में यहां के ज्यादातर बेडशीट मरीज के इस्तेमाल के बाद बर्बाद हो जाता है. ऐसे में इसी तरह की समस्याओं से निजात के लिए ही मरीजों को यहां डिस्पोजेबल बेडशीट देने की तैयारी की गई थी. लेकिन, यह भी ठंडे बस्ते में चला गया.

2700 बेडशीट ही उपलब्ध है

इमरजेंसी में हर दिन तकरीबन 400 मरीज आते हैं, जबकि इनडोर में करीब 1200 से 1300 मरीज एडमिट रहते हैं. जबकि रिम्स में लगभग 2700 बेडशीट ही हैं. मरीजों के अनुपात बेडशीट की संख्या कम है. जिसकी वजह से मरीजों को हर दिन धुली हुई बेडशीट नहीं मिल रही है. रिम्स में मरीजों को एक समय में कम से कम 12 सौ बेडशीट की जरूरत पड़ती है.

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