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Rims Dental College Scam: कमेटी ने जिस कंपनी की मशीन खरीदने की दी थी मंजूरी, प्रबंधन ने दूसरी कंपनी से लिया

Ranchi : रिम्स डेंटल कॉलेज खरीदारी में घोटाले की रिपोर्ट सीएजी ने जारी की है. इसमें सामान्य दरों की तुलना में तीन से चार गुना अधिक दाम पर मशीनें और इक्विपमेंट्स खरीदने की बात कही गई है. इसके अलावा रिपोर्ट में कई और चीजों को भी स्प्षट किया गया है. जिसमें बताया गया है कि जिस कंपनी की एसी, जेनसेट, मशीनें और इक्विपमेंट्स खरीदने को कहा गया था. उसके बदले में प्रबंधन ने दूसरी कंपनी की मशीनें खरीद ली. इतना ही नहीं कई मशीनों की तो कैपेसिटी भी कम कर दी गई. जिससे साफ है कि कहीं न कहीं अधिकारियों ने अपने फायदे के लिए मनमाफिक खरीदारी कर ली.

ऐसे की गई गड़बड़ी

-वोल्टास या सैमसंग कंपनी के 1.5 टन एसी खरीदने की बजाय एक टन का इबेर पासचेर का एसी खरीद लिया गया.
-कंप्यूटर की बजाय डेल कंपनी का लैपटॉप लिया गया
-आटो क्लेव की बजाय प्रेशर क्योरिंग पॉट
-हैंड इंस्ट्रूमेंट की बजाय केवल 20 एक्सट्रैक्शन फोरसेप्स
-होंडा के 5.5 केवीए के जेनसेट की बजाय अशोक लीलैंड का 5 केवीए का जेनरेटर सेट
-कुर्सी में हाथ और पैर से कंट्रोल होने वाले स्विच के साथ ऑपरेटिंग लाइट की बजाए पैरों से कंट्रोल होने वाले लाइट लिए गए
-इलेक्ट्रिक ऑपरेटेड फूटस्विच के साथ स्टील वॉश बेसिन की बजाए पैरों से कंट्रोल नहीं होने वाली चीनी मिट्टी के वॉश बेसिन खरीदे
-सेंसर ऑपरेटेड स्टील बायोवेस्ट बिन्स की बजाए दो सामान्य प्लास्टिक डस्टबिन लिया
-केबिन में आसानी से पहुंच के लिए बड़े फूट रेस्ट की बजाए आयरन स्टूल और फाइबर रूप कैरियर की बजाए वेन के ऊपर आयरन रूफ कैरियर लगाया गया

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डेंटल चेयर, डेंटल वैन और आरवीजी के भौतिक सत्यापन के दौरान पाई गई कमियां

-106 चेयरों के भौतिक सत्यापन के दौरान (सितंबर, 2019) आडिटर ने खामियों का अवलोकन किया:
– चेयरों के साथ आटोमैटिक स्पिट्न अटैचमेंट स्वीकृत होने के बावजूद भी उपलब्ध नहीं था. इसके स्थान पर मैनुअल प्रणाली उपलब्ध पाया गया.
– पानी और कीटाणुनाशक घोल के लिए दो रिजर्वायर स्वीकृत थी लेकिन, कीटाणुनाशक घोल के लिए एक रिजर्वायर चेयरों के साथ उपलब्ध नहीं था |
-चेयरों के साथ स्वीकृत विशिष्टता संवेदनशील न्यूमेटिक वॉल्व के माध्यम से स्वचालित हैंड पीस चयन सुविधा उपलब्ध नहीं थे.
-चेयरों के साथ स्वीकृत ऑटोक्लेवेबल पैड के स्थान पर स्टील ट्रे उपलब्ध करायी गई थी.
-सेंसर बेस्ड ऑपरेटिंग लाइट प्रणाली स्वीकृत होने के बावजूद चेयरों के साथ उपलब्ध नहीं था. इसके बजाय मैनुअल लाइट प्रणाली उपलब्ध था
-रिमोट डायग्नोस्टिक्स के लिए 232 सी सीरियल इंटरफेस के डेमो और प्रशिक्षण के साथ सभी उपकरणों के लिए सिंगल फुट कंट्रोल तंत्र नहीं पाया गया
-चेयरों के कैलिब्रेशन का प्रमाण पत्र और आवधिक कैलिब्रेशन और निरोधक अनुरक्षण की आवश्यकता वाले उपकरणों की सूची आपूर्तिकर्ता द्वारा प्रदान नहीं की गई
-अनुमोदित स्पेशियलिटी के साथ 10 चेयरों की आपूर्ति और इंस्टालेशन के बाद जांच में चेयरों के साथ एकीकृत 17 इंच के एलसीडी/टीएफटी मॉनिटर उपलब्ध नहीं कराए गए थे.

-चेयरों के साथ आटोमैटिक स्पिट्न अटैचमेंट प्रदान नहीं किया गया था
– चेयरों साथ गर्म पानी की सीरिंज नहीं दी गई थी
-दो रिजर्वायर के स्थान पर कीटाणुनाशक के लिए एक रिजर्वायर उपलब्ध नहीं कराया गया
– सेंसिटिव न्यूमेटिक वाल्वों के माध्यम से स्वचालित हैंडपीस चयन की सुविधा प्रदान नहीं की गई

कुर्सी के दोनों ओर से कंट्रोल प्रणाली के स्थान पर केवल एक तरफ से कट्रोल प्रणाली उपलब्ध

-एलईडी आधारित एक्स-रे और ओपीजी व्यूअर उपलब्ध नहीं कराए गए थे
-स्वीकृत चार स्केलर टिप्स और एक पेरीओ-क्यूरेट टिप्सवाले अल्ट्रासोनिक स्केलर के स्थान पर केवल दो स्केलर टिप्सवाले अल्ट्रासोनिक स्केलर प्रदान किया
-सिंक सहित मॉड्यूलर फर्नीचर केवल पांच चेयरों के साथ प्रदान किया गया
-1.65 करोड़ जीएसटी सहित भुगतान किया गया लेकिन सप्लायर ने अनुमोदित वस्तुओं की आपूर्ति नहीं की
-एक सूची मेक डेंटल चेयर जिसके मूवमेंट का संचालन हाथ एवं पैर दोनों से किया जा सकता था, के स्थान पर मेक्ट्रिक्स मेक की दो डेंटल चेयर जिसका मूवमेंट संचालन केवल पैर से किया जा सकता था
-वैन, निविदा दाता द्वारा निविदित और रिम्स द्वारा स्वीकृत उपकरणों की में 10 भिन्न उपकरणों से युक्त था
-सप्लाई की गई वैन के अंदर कोई केबिन नहीं था, जबकी डॉक्टर/परामर्श, रोगी और दंत जांच

केबिनों को ग्लास फाइबर रिन्फोर्सड पॉलीमर सहित साइड वॉल पैनलिंग के साथ बनाया जाना था

-सप्लायर ने मोबाइल वैन में 19 प्रकार’ के अनुमोदित वस्तुओं की आपूर्ति/वैन के साथ फिट नहीं किया
-रिम्स ने मेक- सिरोना और मॉडल ‘एक्स आईओएस-एक्सजी सुप्रीम’ के दस आरवीजी प्रणाली की खरीदारी की. 2019 में सत्यापन के दौरान पाया गया कि ‘पेडोडोंटिक्स’ और ‘ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभागों में स्थापित दो आरवीजी का मॉडल ‘एक्सआईओएस-एक्सजी सेलेक्ट’ था जबकि अनुमोदित मॉडल एक्स आई ओएस-एक्सजी सुप्रीम’ था

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