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लोकतंत्र में आलोचना का हक सभी को, महागठबंधन नहीं बल्कि महाठगबंधन है विपक्ष, जनता ने किया बंद असफल : रघुवर दास

लोकतंत्र में आलोचना का हक सभी को है

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Ranchi : लोकतंत्र में आलोचना का हक सभी को है. लेकिन झारखंड में विपक्ष का नजरिया ही विकास विरोधी है. इसलिए राज्य में बंदी को जनता ने असफल कर दिया. बंद को असफल बनाने के लिए राज्य के 3.25 करोड़ जनता को धन्यवाद है. जनता ने ऐसा कर बता दिया कि वो विकास के साथ है. विकास विरोधी लोगों के साथ है. मैं विपक्ष से गुजारिश करना चाहता हूं कि वो नकारात्मक सोच से परहेज करें. क्योंकि विपक्ष की यही नकारात्मक सोच 2019 में सभी को सबक सीखाने वाली है. झारखंड की जनता को अब बहलाया नहीं जा सकता है. गरीब विकास चाहता है और आम जनता विकास के साथ है. बुधवार को प्रोजेक्ट भवन में सीएम रघुवर दास प्रेस से मुखातिब थे. वो बंद को लेकर पत्रकारों के सवाल का जवाब दे रहे थे.

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विपक्ष भ्रम फैलाना बंद करे

सीएम ने कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल को लेकर जनता के बीच विपक्ष भ्रम फैलाने का काम कर रही है. विपक्ष को ऐसा नहीं करना चाहिए, भ्रम नहीं फैलाना चाहिए. राज्य में विकास की जरूरत है. सड़क, कैनाल, ग्रीड और सब स्टेशन बनाने की जरूरत है. आज भी बच्चियां कॉलेज का मुंह नहीं देख पा रही हैं. किसी तरह कॉलेज में दाखिला लेने के बाद दूरी की वजह से कॉलेज नहीं जा पा रही हैं. इससे रिजल्ट खराब हो रहा है. राज्य में 100 कॉलेज बनाने हैं. इन सब बातों को छोड़ विपक्ष भूमि अधिग्रहण बिल को लेकर भ्रम फैलाने के काम में लगी है. भूमि अधिग्रहण बिल कानूनी दाव पेचों का सरलीकरण है. यह बिल जनता को शक्ति देने वाला है. पहले किसी सरकारी काम के लिए जमीन लेने पर रैयतों को मुआवजे की राशि मिलने में करीब 2.5 साल लग जाते थे. लेकिन इस कानून के आने के बाद अब सिर्फ आठ महीनों में मुआवजे की राशि रैयत के पास होगी.

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महागठबंधन नहीं बल्कि महाठगबंधन है विपक्ष

राज्य में विपक्ष के गठबंधन के बारे में रघुवर दास ने कहा कि आप लोगों ने देखा होगा कि बंदी के दौरान भी कांग्रेस का एक गुट इधर तो कांग्रेस का दूसरा गुट उधर घूम रहा था. जब कांग्रेस के अंदर ही एकजुटता नहीं है तो वो गठबंधन कहां से तैयार करेगी. विपक्ष गठबंधन के नाम पर ठगबंधन बनाने का काम कर रहा है. खूंटी के बारे में सीएम ने कहा कि पहले के मुकाबले वहां काफी सुधार है. कुछ लोग सीधे-साधे आदिवासियों को बहकाने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन जनसहयोग से वहां काफी बेहतर काम हुआ है. खूंटी में करीब 736 गांव हैं. ऐसे में सिर्फ तीन पंचायत के 32 गांव की बात किया जाना गलत है.

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राज्य के 20 लाख किसानों की तरफ से पीएम मोदी को धन्यवाद

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पत्रकारों से कहा कि केंद्र की कैबिनेट ने किसानों के हित के लिए एक अहम फैसला लिया है. पीएम मोदी ने जो वादा जनता से किया था, वो सभी वादे पूरे हो रहे थे. इसी क्रम में पीएम मोदी ने किसानों को बड़ा तोहफा दिया है. अब धान के समर्थन मूल्य पर किसानों को प्रति क्विंटल 200 रुपए ज्यादा मिलेंगे. सिर्फ धान ही नहीं बल्कि खरीफ के दूसरे अधिसूचित फसलों के समर्थन मूल्य में काफी बढ़ोतरी हुई है. किसानों को इस फैसले के बाद 1022 करोड़ का फायदा होगा.

सीएम ने बताया किन फसलों के बढ़े समर्थन मूल्य

फसल   पूर्व का समर्थन मूल्य     वर्तमान समर्थन मूल्य  

धान      1550               1750 (200 रुपए बढ़ा)

मकई     1425                1700 (275 रुपए बढ़ा)

अरहर     5450               5675 (225 रुपए बढ़ा)

मूंग      5575                6975  (1400 रुपए बढ़ा)

उरद      5400                5600 (200 रुपए बढ़ा)

रागी      1900                2897 (997 रुपए बढ़ा)

मूंगफली  4450                4890 (440 रुपए बढ़ा)

 

नीति आयोग से सिंचाई के लिए की है सिफारिश

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि हमारा झारखंड एक युवा राज्य है. इसकी उम्र सिर्फ 18 साल हो रही है. कई मामलों में हम पीछे हैं. खासकर सिंचाई के मामले में हम काफी पीछे हैं. कल नीति आयोग के साथ बैठक के दौरान मैंने आयोग से सिंचाई को लेकर सिफारिश की है. आयोग की तरफ से आश्वासन मिला है कि सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के पीछे काम किया जाएगा. वहीं सीएम ने कहा कि राज्य के स्तर से भी सिंचाई और जल संचय को लेकर काफी काम किया जा रहा है. चैक डैम वगैरह तो गांव की जनता को ही दे दिए गए हैं. आदिवासी विकास समिति और ग्राम विकास समिति इन कामों को करेगी. राज्य में छह लाख डोभा, 2000 बड़े तालाब बनने वाले हैं, बरसात की वजह से काम अभी रोक दिया गया है. लेकिन फिर भी करीब 800 तालाब तैयार हो गए हैं. बोरा डैम बनाकर सिंचाई के काम को आसान बनाने की योजना पर भी काम हो रहा है.

दलाल को मिटाने के लिए आईटी से जोड़ना है

किसानों को उनकी मेहनत का मेहनताना उन्हें नहीं मिल पाता है. दलाल बीच में सारा माल खा लेते हैं. इसके लिए मंडी स्तर पर काम करने की जरूरत है. विभाग को कहा गया है कि मंडी स्तर पर किसानों को जोड़ने के लिए ऐप तैयार किया जाए. पीपीपी मोड पर मंडी का निर्माण हो.

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