न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

मां से हुई अनबन तो युवती ने दे दी जान, 10 लाख रुपए सालाना जॉब का मिला था ऑफर

इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करते ही मुस्कान को बेंगलुरू की एक मल्टीनेशनल कंपनी में 10 लाख रूपए सालाना की जॉब मिली थी.

91

Ranchi : क्रोध में इंसान कुछ भी कर गुजरता है. कई बार तो लोग क्रोध में आकर खुद को ही नुकसान पहुंचा देते हैं, या अपनी ही जान भी ले लेते हैं. कुछ ऐसा ही मामला राजधानी रांची में भी देखने को मिला है. मां से किसी बात पर अनबन हुआ और युवती ने अपनी ही जान ले ली. धुर्वा थाना क्षेत्र के B-3 ,483 धुर्वा बस स्टैंड के पास रहने वाले अनिल सिंह की पुत्री मुस्कान सिंह ने मां के साथ हुए अनबन की वजह डैम कूदकर आत्महत्या कर ली. मुस्कान ने हाल में ही अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी. इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करते ही मुस्कान को बेंगलुरू की एक मल्टीनेशनल कंपनी में 10 लाख रूपए सालाना की जॉब मिली थी.

बेंगलुरु में की थी इंजीनियरिंग की पढ़ाई

मिली जानकारी के अनुसार,  मृतका मुस्कान ने बेंगलुरू से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी. उसे वहां की मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी भी मिल गयी थी और कुछ ही दिनों में वह ज्वाइन करने वाली थी.

 मां से हुए अनबन के बाद लापता हो गई थी मृतिका

जानकारी के मुताबिक, बुधवार शाम को मुस्कान का अपनी मां से किसी बात पर झगड़ा हुआ था. झगड़ा होने के बाद से ही मुस्कान घर से गायब थी. परिवार के लोगों ने उसे खोजने की काफी कोशिश की, लेकिन वह कहीं नहीं मिली. इसके बाद परिजनों ने धुर्वा थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी थी.

शव मछुआरों ने तैरता देखा

गुरूवार सुबह जब धुर्वा डैम में एक युवती का शव मछुआरों ने तैरता देखा. जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी. घटनास्थल पर नगड़ी और धुर्वा पुलिस की टीम पहुंची और शव की पहचान मुस्कान के रूप में किया गया. इसके बाद पुलिस ने मुस्कान के परिजनों को सूचना दी. फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा गया है. वहीं पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों तरीके से मामले की जांच कर रही है. साथ ही मृतका के परिजनों से पूछताछ भी कर रही है.

 युवाओं में बढ़ी है आत्महत्या की प्रवृत्ति

आजकल हो रहे आत्महत्या पर गौर करें तो युवा वर्ग के लड़का और लड़की में आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ी है. आत्महत्या के ग्राफ में युवाओं की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है. इस तरह की घटनाओं के पीछे की ज्यादातर वजह पारिवारिक कलह अथवा मानसिक तनाव ही माना जा रहा है. का कारण माना जा रहा है.जिसके चलते युवा वर्ग के लोग आत्महत्या कर रहे है .

27.6 फीसदी आत्महत्या की वजह पारिवारिक

एनसीआरबी के आंकड़े के अनुसार, 27.6 फीसदी आत्महत्या का कारण पारिवारिक समस्या है. देश में कुल आत्महत्या में करीब 27.6 फीसदी का कारण पारिवारिक है. करीब 26 फीसदी लोग अन्य कारणों से अपनी जान दे देते हैं.

वहीं सबसे ज्यादा आत्महत्या के मामले पुडुचेरी व सबसे कम बिहार के हैं.

आत्महत्या    (प्रतिलाख)  

पुडुचेरी – 43.2

सिक्किम – 37.5

अंडमान निकोबार –  27.7

छत्तीसगढ़ –  27.7

तेलंगाना –  27.7

तमिलनाडु –  22.8

केरल –  21.6

त्रिपुरा – 19.6

मणिपुर –  17.4

पश्चिम बंगाल –   15.9

गोवा –  15.4

महाराष्ट्र –  14.2

मध्य प्रदेश –  13.3

हरियाणा – 13.0

मिजोरम – 11.7

गुजरात –  11.6

अरुणाचल प्रदेश –  10.4

असम –  10.0

ओड़िशा –  9.7

दिल्ली –  8.8

हिमाचल प्रदेश –  7.7

राजस्थान –  4.8

झारखंड – 2.5

उत्तर प्रदेश – 1.8 

बिहार – 0.5

 हाल के दिनों में युवा वर्ग के द्वारा की गई आत्महत्या

5 सितंबर को राजधानी के बीआइटी मेसरा से पासआउट इंजीनियर दीपांकर किशोर ने मंगलवार को ट्रेन से कटकर जान दे दी.

9 सितंबर को बीआईटी के  हॉस्‍टल नंबर 12 के कमरा नंबर 263 में रहने वाला मैकेनिकल थर्ड इयर का छात्र शक्तिधर त्रिपाठी ने फांसी लगाकर आत्‍महत्‍या कर ली.

21 नवंबर को चुटिया के रहने वाले न अमर कृष्ण महतो ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: