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हड़ताल पर बैठे राजस्व उप निरीक्षकों के आगे झुकी सरकार, हड़ताल खत्म पर काम पर लौटे

सरकार ने राजस्व उपनिरीक्षकों की अधिकांश मांगों को मान लिया है और कुछ मांगों के लिये तीन महीने का वक्त तय किया है.

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Ranchi : राज्यभर के राजस्व उप निरीक्षकों (हल्का कर्मचारी) की हड़ताल 25 दिसंबर को वार्ता के बाद समाप्त हो गयी. सभी कर्मचारी एक महीने से हड़ताल पर थे. विभाग ने पत्र जारी कर पहले ही ये स्पष्ट किया था कि हड़ताल में शामिल राजस्व उप निरीक्षकों पर सरकार अनुशासनात्मक कार्यवाई नहीं करेगी. साथ ही सरकार की ओर से भी स्पष्ट किया गया था कि हड़ताल अवधि का समायोजन अपार्जित अवकाश के रूप में किया जायेगा. सरकार ने राजस्व उपनिरीक्षकों की अधिकांश मांगों को मान लिया है और कुछ मांगों के लिये तीन महीने का वक्त तय किया है. हड़ताली उप निरीक्षकों की वार्ता राजस्व, निबंधन और भूमि सुधार मंत्री अमर बाउरी, विभागीय सचिव केके सोन और संयुक्त सचिव राम कुमार सिन्हा की उपस्थिति में हुई थी. वहीं बातचीत के क्रम में हड़ताल पर गये कर्मियों की ज्यादातर मांगें सरकार ने मान ली.

हड़ताल पर बैठे राजस्व उप निरीक्षकों के आगे झुकी सरकार, हड़ताल खत्म पर काम पर लौटे

हड़ताल पर बैठे राजस्व उप निरीक्षकों के आगे झुकी सरकार, हड़ताल खत्म पर काम पर लौटे

 

ग्रेड-पे विसंगति पर भी होगा काम 

इसके अलावा यह आश्वासन भी दिया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर वित्त विभाग की ओर से ग्रेड-पे विसंगति पर भी काम किया जायेगा. इसके लिये गठित कमेटी के पास राजस्व उप निरीक्षकों का वेतनमान बढ़ाने और 24 सौ रुपये ग्रेड-पे की मांग का प्रस्ताव भेजा जायेगा. साथ ही सरकार की ओर से यह आश्वासन भी दिया गया कि योग्य कर्मियों को अंचल निरीक्षक और अंचल निरीक्षकों को अंचल अधिकारी अथवा सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी (एएसओ) के पद पर प्रोन्नति दी जायेगी. वहीं प्रोन्नति में वरीयता को ध्यान में रखने की बात को विभाग की ओर से स्वीकर कर लिया गया.

हड़ताली कर्मियों की यह मांग थी कि जो कर्मी 25 वर्षों से ज्यादा समय से काम कर रहे हैं और स्नातक उत्तीर्ण नहीं हैं, उन्हें प्रोन्नति देने के लिए सरकार नियमावली को लागू करे. इसपर यह सहमति बनी कि जो कर्मी ग्रैजूएट नहीं हैं, तो वैसे कर्मियों को प्रोन्नति देने के लिए सरकार नियमों में कुछ बदलाव करेगी. दरअसल सरकार की तरफ से ग्रैजूएट राजस्व उप निरीक्षकों को ही अंचल निरीक्षक और एएसओ में प्रोन्नति दिये जाने का प्रावधान भी है.

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